जब कोई बड़ा बदलाव आता है तो सबसे पहले फायदा उन्हें होता है जो उस बदलाव के लिए parts और tools बनाते हैं। जब smartphones आए तो screen और chip बनाने वाले पहले अमीर हुए। अब EV का दौर आ रहा है और इस बार फायदा होगा auto component बनाने वाली उन कंपनियों को जो पिछले कई सालों से चुपचाप तैयारी कर रही थीं।
भारत की auto component industry अब सिर्फ गाड़ियों के पीछे support देने वाली industry नहीं रही। यह खुद एक बड़ी story बन चुकी है और निवेशकों की नज़र अब इसी पर टिकी है।

₹30,000 करोड़ आने वाले हैं, और यह कोई सपना नहीं है
अप्रैल 2000 से दिसंबर 2024 के बीच auto sector में कुल ₹2.45 लाख करोड़ का FDI आ चुका है जो भारत के कुल FDI का करीब 5% है। FY25 में auto component sector में ₹15,000 से ₹20,000 करोड़ का निवेश पहले ही हो चुका है। अब FY26 में यह आँकड़ा ₹25,000 से ₹30,000 करोड़ तक पहुँचने की उम्मीद है।
यह पैसा खासतौर पर EV parts की localisation और capacity बढ़ाने में जाएगा। मेरे हिसाब से यह सिर्फ एक साल का trend नहीं है बल्कि अगले एक दशक की नींव रखी जा रही है।
सरकार ने भी lithium-ion cell production के लिए machinery और capital goods पर custom duty माफ कर दी है जिससे EV manufacturing को और रफ्तार मिलेगी। Global supply chain shift होने से भारत को direct फायदा मिल रहा है। Auto component export में हर साल 4 से 5% growth के साथ FY26 तक $80 billion market का target रखा गया है। ICRA के मुताबिक FY26 में domestic passenger vehicle market 6 से 9% तक grow कर सकता है।
वो 4 कंपनियाँ जिन पर नज़र रखनी चाहिए
Craftsman Automation Limited
Market Cap ₹15,947.8 करोड़ और stock price ₹6,685.15 पर है। यह कंपनी auto और industrial industry के लिए engineering components, sub-assemblies और contract manufacturing services देती है। यह उन कंपनियों में से है जो दिखती कम हैं लेकिन बड़े players के लिए काम करती हैं।
Bharat Forge Limited
Market Cap ₹59,998 करोड़ और stock price ₹1,254.95 है। यह कंपनी auto से लेकर defence, aerospace, railways और oil & gas तक के लिए high-performance components बनाती है। Q1 FY26 में इसे ₹847 करोड़ के नए orders मिले जिनमें से ₹269 करोड़ सिर्फ defence sector से आए। Defence order book अब ₹9,463 करोड़ की हो गई है जो बताती है कि यह company सिर्फ auto पर depend नहीं करती।
Gabriel India Limited
Market Cap ₹19,014 करोड़ और stock price ₹1,323.7 है। ANAND Group की यह flagship company shock absorbers, struts और front forks बनाती है। Market share की बात करें तो commercial vehicles में 88%, दोपहिया और तिपहिया में 32% और passenger vehicles में 25% हिस्सेदारी है। FY25 में Gabriel ने Marelli Motherson से एक plant खरीदकर gas spring segment में भी entry ली जो एक smart move था।
Sona BLW Precision Forgings Limited
Market Cap ₹27,076 करोड़ और stock price ₹435.5 है। यह कंपनी EV traction motors, differential bevel gears और starter motors बनाती है। FY25 में EV traction और inverter से 8% revenue आया। इसी साल कंपनी ने 32 नए programs और 7 नए ग्राहक जोड़े। कुल order book ₹24,200 करोड़ की है और उसमें से 77% EV से जुड़ी deals हैं।
तो असली मौका कहाँ है?
मैंने notice किया है कि जब भी कोई बड़ा industrial shift आता है तो लोग सिर्फ end product बनाने वाली companies पर focus करते हैं। EV की बात होती है तो सब Tata Motors और Ola Electric की बात करते हैं। लेकिन असली और शायद ज़्यादा stable कमाई उन companies में होती है जो उन गाड़ियों के अंदर जाने वाले parts बनाती हैं।
Pune में एक छोटे auto parts supplier से एक बार बात हुई थी जो Bharat Forge को components supply करता है। उसने बताया कि पिछले दो सालों में orders इतने बढ़ गए हैं कि factory तीन shifts में चल रही है। यह ground level signal बहुत कुछ कह देता है।
क्या तुम्हें लगता है कि भारत की auto component industry अगले 5 साल में global supply chain का एक बड़ा हिस्सा बन सकती है, या अभी भी China और Taiwan का दबदबा बना रहेगा?






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