अडानी के दो धाकड़ इंफ्रा शेयर आमने सामने: Cemindia और PSP Projects में से कौन है निवेश का असली सिकंदर?

On: June 23, 2026 3:12 PM

पिछले महीने मेरे एक रिश्तेदार ने फ़ोन किया और बोले, “यार तू तो market देखता है, कोई एक अच्छा infra stock बता जहाँ 2-3 साल के लिए पैसा लगा सकूँ।” मैंने सोचा और कहा कि भाई सीधा एक नाम बताना मुश्किल है, पर अगर अडानी ग्रुप से जुड़े infrastructure stocks की बात करें तो दो नाम हैं जो इस वक्त खूब चर्चा में हैं। Cemindia Projects और PSP Projects।

उन्होंने पूछा, “तो दोनों में से कौन सा लूँ?” और यही सवाल आज हम यहाँ ठीक से सुलझाने की कोशिश करेंगे।

पहले समझो इन दोनों की असल कहानी क्या है

Cemindia Projects कोई नई नवेली कंपनी नहीं है। 1978 में शुरू हुई यह कंपनी पहले ITD Cementation के नाम से जानी जाती थी। यानी जब हम में से कई लोग पैदा भी नहीं हुए थे, तब से यह कंपनी बड़े-बड़े projects handle कर रही है। समंदर किनारे structures बनाना हो, metro का काम हो, airport हो या फिर हाईवे और पुल, Cemindia का नाम इन सब में आता है। देश के 14 राज्यों में काम है और ऊपर से श्रीलंका और बांग्लादेश में भी पैर जमाए हुए हैं।

PSP Projects की उम्र इसके मुकाबले काफी कम है। 2008 में शुरू हुई यह कंपनी industrial और institutional projects में माहिर है और सरकारी काम भी खूब करती है। गुजरात, राजस्थान और कर्नाटक में इनका काम फैला हुआ है। Integrated EPC services देना इनकी खासियत है यानी एक ही छत के नीचे engineering, procurement और construction सब कुछ।


नंबरों की भाषा बोलती है सबसे साफ

अब सीधे असली बात पर आते हैं क्योंकि बाज़ार में feelings नहीं, numbers काम आते हैं।

Cemindia Projects का market cap है 13,986.95 करोड़ रुपये और order book है 18,820 करोड़ रुपये की। FY26 की पहली तिमाही में revenue रहा 2,542 करोड़ और net profit था 137 करोड़ रुपये। तीन साल का revenue CAGR 34% है जो honestly कहूं तो किसी भी infrastructure कंपनी के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

PSP Projects की तस्वीर ज़रा अलग है। Market cap है 2,987.80 करोड़ रुपये, order book 6,514 करोड़ की। FY26 की पहली तिमाही में revenue 518 करोड़ रहा लेकिन net profit सिर्फ 0.42 करोड़। तीन साल का CAGR 13% है। यह numbers देखकर ज़रूर झटका लगता है, लेकिन इसके पीछे की कहानी भी है जो थोड़ा आगे बताऊंगा।


अडानी ग्रुप इन दोनों में बैठा है, लेकिन अलग-अलग तरह से

यहाँ एक दिलचस्प बात है जो बहुत लोगों को ठीक से पता नहीं होती। दोनों कंपनियों में अडानी ग्रुप की हिस्सेदारी है, पर ढंग अलग है।

Cemindia में Adani Group की कंपनी Renew Exim DMCC के पास 67.46% हिस्सेदारी है यानी बहुमत का कंट्रोल। PSP Projects में Adani Infra India Limited के पास 34.41% है यानी बड़ा shareholder है पर full control नहीं।

अडानी ग्रुप का 100 बिलियन डॉलर का capex plan है जिसे अगले कुछ सालों में execute करना है। इतने बड़े plan के लिए काम करने वाली reliable कंपनियाँ चाहिए। अब सोचो, अगर वो खुद इन कंपनियों में बैठे हैं तो काम किसे देंगे?


Management क्या सोच रहा है आगे के लिए?

Cemindia का management कह रहा है कि FY2026 में 15,000 से 16,000 करोड़ रुपये के नए orders आने की उम्मीद है। इसके साथ 20-25% revenue growth और 10% EBITDA margin का भरोसा दिया है। यह guidance देखकर मेरे हिसाब से management काफी confident नज़र आता है।

PSP Projects की बात करें तो यह कंपनी सीधे अडानी ग्रुप से 7,500 से 8,000 करोड़ रुपये के orders की राह देख रही है। FY2027 तक 4,500 करोड़ रुपये revenue का target रखा है। यह एक turnaround story की तरह लग रही है जहाँ अभी तकलीफ है पर आगे की राह बड़ी दिख रही है।


तो दोनों में कौन बेहतर है, यह सवाल थोड़ा गलत है

मैंने notice किया है कि लोग अक्सर यह सोचते हैं कि comparison का मतलब एक winner और एक loser होता है। लेकिन यहाँ बात थोड़ी अलग है।

Cemindia Projects उनके लिए है जो stability चाहते हैं, जिन्हें अच्छी नींद चाहिए रात को। Track record मज़बूत है, order book भरी है, numbers साफ हैं। हाँ, valuation अभी थोड़ा महंगा लग सकता है लेकिन quality के लिए थोड़ा ज़्यादा pay करना पड़ता है।

PSP Projects उनके लिए है जो risk उठा सकते हैं और turnaround में believe करते हैं। अभी profit लगभग ना के बराबर है यह सच है। पर अगर अडानी के वो 7,500-8,000 करोड़ के orders मिले और FY27 का 4,500 करोड़ revenue वाला target पूरा हुआ तो जो returns मिल सकते हैं वो Cemindia से कहीं ज़्यादा होंगे।


देश की बड़ी picture क्या कहती है इन stocks के बारे में?

भारत सरकार infrastructure पर 11.21 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है। National Infrastructure Pipeline चल रहा है। देशभर में 2 लाख किलोमीटर national highway बनाने का target है। और ऊपर से 5 ट्रिलियन dollar की economy बनने का सपना।

इस सब में EPC कंपनियों को काम की कमी नहीं रहने वाली अगले 10 साल तक। Cemindia और PSP Projects दोनों इस बड़ी growth story का हिस्सा हैं। बस entry point और risk appetite की बात है।


रिस्क को ignore करना सबसे बड़ी गलती होगी

दोनों कंपनियों के साथ कुछ खतरे भी हैं जो नज़रअंदाज़ नहीं करने चाहिए। Project execution में देरी हो सकती है, लागत बढ़ सकती है। Economy slow हुई तो सरकारी spending रुक सकती है। PSP का हालिया financial performance कमज़ोर रहा है और Cemindia का valuation इस वक्त थोड़ा stretched लग रहा है।

इसके अलावा दोनों कंपनियाँ काफी हद तक अडानी ग्रुप के orders पर निर्भर हो सकती हैं आने वाले वक्त में। अगर किसी वजह से अडानी का capex plan धीमा पड़ा तो दोनों पर असर आएगा।


अब एक practical बात जो काम की है

अगर तुम्हारे पास 1 लाख रुपये हैं invest करने के लिए और तुम 3 साल के लिए रखना चाहते हो, तो एक तरीका यह भी है कि दोनों में थोड़ा-थोड़ा लगाओ। 70% Cemindia में और 30% PSP में। इससे stability भी रहेगी और अगर PSP turnaround हुआ तो वो bonus return मिलेगा।

जयपुर के एक दोस्त ने ऐसा ही किया था 2022 में एक बड़ी infra कंपनी के साथ जब उसका profit गिरा हुआ था। उसने थोड़ा-थोड़ा खरीदा, 2 साल में stock तीन गुना हो गया। हर बार ऐसा नहीं होता, लेकिन जब fundamentals और sector दोनों strong हों तो patience काम करता है।

अब बताओ, तुम्हारे हिसाब से इन दोनों में से कौन सी story ज़्यादा exciting लगती है? Cemindia की stability या PSP का turnaround potential?

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