Axis Bank का मुनाफा 23% बढ़ा पर असली खेल कहीं और हो रहा है, NIM की गिरती कहानी जो हर निवेशक को समझनी चाहिए

On: July 21, 2026 4:18 PM

शनिवार की सुबह जब Axis Bank के तिमाही नतीजे आए तो पहली headline पढ़कर मन में एक खुशी आई। 23 प्रतिशत मुनाफा बढ़ा, Nomura और Kotak जैसे बड़े brokerages के अनुमान पीछे छूट गए। लगा कि चलो, bank ने अच्छा किया।

फिर थोड़ा रुककर पूरे numbers देखे। और तब असली कहानी सामने आई।


पहले वो बात जो सबको पता है

June 2026 की तिमाही में Axis Bank का शुद्ध मुनाफा 7,114 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 5,806 करोड़ था। यानी 23 प्रतिशत की बढ़त। Net Interest Income यानी NII 8 प्रतिशत बढ़कर 14,646 करोड़ रुपये पहुँचा। Operating profit 11,659 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल के 11,515 करोड़ से ऊपर है।

यह सब देखकर लगता है कि सब ठीक है।

पर रुको।


वो number जो असली सवाल खड़ा करता है

Net Interest Margin यानी NIM। यह वो ratio है जो बताता है कि bank अपने loans पर जो ब्याज कमाता है और deposits पर जो ब्याज देता है उसके बीच कितना अंतर है। जितना ज़्यादा अंतर उतनी ज़्यादा कमाई।

Axis Bank का NIM इस तिमाही 3.46 प्रतिशत रहा। पिछली तिमाही में यह 3.62 प्रतिशत था। और साल भर पहले पूरे 3.80 प्रतिशत था। तीन तिमाहियों से लगातार गिर रहा है। यह कोई एक तिमाही की बात नहीं है, यह एक trend है और trend ध्यान देने वाली चीज़ होती है।

मेरे हिसाब से यही वो जगह है जहाँ असली कहानी छुपी है।


तो फिर मुनाफा 23 प्रतिशत कैसे बढ़ा, यह सवाल ज़रूर पूछो

यह सवाल हर समझदार निवेशक को पूछना चाहिए। अगर margin सिकुड़ रहा है तो मुनाफा इतना कैसे बढ़ा?

जवाब है provisions में कमी। Bank ने इस तिमाही पहले से कम पैसा डूबे हुए कर्ज़ों के लिए अलग रखा। जब provisions कम होते हैं तो bottom line ऊपर आ जाती है। अब अगर core operating profit देखो यानी trading income हटाकर सिर्फ असली कारोबार का मुनाफा, तो वो 10 प्रतिशत बढ़कर 11,122 करोड़ रुपये रहा। यह number ज़्यादा honest है, यह बताता है कि bank का रोज़ का कारोबार कितना कमा रहा है।


Deposits महंगी हो रही हैं, यह पूरे banking sector की तकलीफ है

एक आम बात बताता हूँ जो शायद तुमने खुद notice की हो।

अगर पिछले साल किसी ने bank में Fixed Deposit रखी थी और अब maturity पर renew करने गए तो शायद rates उतने आकर्षक नहीं लगे जितने पहले थे। लेकिन banks को फिर भी deposits के लिए compete करना पड़ता है क्योंकि लोगों के पास mutual funds और दूसरे विकल्प भी हैं।

Axis Bank के नतीजों में भी यही दिखा। Interest earned 9.4 प्रतिशत बढ़ा लेकिन Interest expenses 10.5 प्रतिशत बढ़ गए। मतलब जितना कमाया उससे ज़्यादा तेज़ी से खर्च बढ़ा। यही वजह है कि NIM दबाव में है। और यह सिर्फ Axis की समस्या नहीं है, पूरे banking sector में यही pattern दिख रहा है।


एक अच्छी बात भी है जो नज़रअंदाज़ नहीं करनी चाहिए

Gross NPA यानी डूबे हुए कर्ज़ 1.57 प्रतिशत से घटकर 1.28 प्रतिशत पर आ गए। Net NPA भी 0.45 से सुधरकर 0.39 प्रतिशत हो गया। इस तिमाही नए बुरे कर्ज़ 5,566 करोड़ रुपये रहे और पुराने लिखे हुए कर्ज़ों से 961 करोड़ रुपये की वसूली भी हुई।

Corporate lending में bank बहुत सोच समझकर कर्ज़ दे रहा है। पूरे corporate book का 91 प्रतिशत हिस्सा A minus या उससे बेहतर rating वाला है। इस तिमाही दिए गए नए कर्ज़ों में से 87 प्रतिशत भी उसी ऊँची rating category में हैं। यह बताता है कि bank risky जगहों पर पैसा नहीं लगा रहा, और यह एक positive sign है।


Balance sheet की सेहत कैसी है

Shareholders के पैसे यानी shareholders funds साल भर में 15 प्रतिशत बढ़कर 2.12 लाख करोड़ रुपये हो गए। Capital adequacy ratio 16.67 प्रतिशत है और CET1 ratio 14.64 प्रतिशत। दोनों comfortable levels पर हैं। Book value per share एक साल में 596 रुपये से बढ़कर 681 रुपये हो गई। पूरे group के consolidated numbers में net profit 7,632 करोड़ रुपये रहा जो 22.2 प्रतिशत की growth है और total consolidated income 43,212 करोड़ रुपये पहुँची।


Management का दावा और उस पर भरोसा करें या नहीं

Bank का management कह रहा है कि NIM अपने सबसे निचले स्तर पर है यानी cycle का bottom आ गया है और अब और गिरावट नहीं आएगी।

यह सुनने में अच्छा लगता है। लेकिन मैंने notice किया है कि “cycle का bottom” वाला दावा तभी सच साबित होता है जब अगली दो तीन तिमाहियाँ उसे confirm करें। सिर्फ management के कहने से नहीं। तो इस दावे को अभी note करो और अगले दो quarters के नतीजे देखकर judge करो।


तो Axis Bank के निवेशक अभी क्या करें

अगर तुम्हारे पास Axis Bank के शेयर हैं और तुम घबराए हुए हो कि NIM गिर रहा है तो एक बात समझो। NIM का दबाव पूरे sector में है, यह सिर्फ Axis की कमज़ोरी नहीं है। और NPA सुधर रहे हैं जो एक बड़ा positive है।

लेकिन अगर तुम नए निवेशक हो और Axis Bank में पैसा लगाने की सोच रहे हो तो अगली एक दो तिमाहियाँ देखो। अगर NIM सच में stabilize हुआ यानी 3.46 से नीचे नहीं गया या ऊपर आना शुरू हुआ, तो यह stock long term के लिए एक अच्छा entry point हो सकता है।

एक बात और। Bank के results पढ़ते वक्त सिर्फ net profit का number देखकर खुश मत हो जाओ। NIM किस दिशा में जा रहा है, provisions असली वजह से घटे या बस accounting की वजह से, और नए बुरे कर्ज़ों का trend कैसा है, यह तीन चीज़ें साथ में देखोगे तभी असली तस्वीर बनेगी।

क्या तुम्हारे portfolio में Axis Bank है और इन नतीजों के बाद तुम्हारा क्या plan है?

Vivek

Experience:
Covers the Indian Stock Market, IPOs, Mutual Funds, Corporate Announcements, and Business News.
3+ Years covering Indian Financial Markets.

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