
‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ की बातें करना बहुत आसान है, लेकिन असल ज़िंदगी में, खासकर गांव-देहात में, बच्चियों को स्कूल भेजना आज भी किसी चुनौती से कम नहीं है। सबसे बड़ी अड़चन होती है—अच्छे स्कूल का घर से दूर होना और वहां रहकर पढ़ाई करने का भारी-भरकम खर्च, जो अक्सर साधारण परिवारों के बजट से बाहर होता है। इसी मुश्किल को आसान करने के लिए बिहार सरकार का पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (BC-EBC) कल्याण विभाग एक शानदार पहल चला रहा है—’BC और EBC बालिका आवासीय +2 उच्च विद्यालय’।
योजना का मकसद क्या है
ये खास आवासीय (Residential) स्कूल बिहार के सभी 38 जिलों में खोले गए हैं। इनका लक्ष्य सिर्फ बच्चियों को किताबी ज्ञान देना नहीं है। असल मकसद पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग की छात्राओं को एक सुरक्षित और प्राकृतिक माहौल देना है, जहां उन्हें मॉडर्न सुविधाओं के साथ क्वालिटी एजुकेशन मिल सके। यानी बात सिर्फ क्लासरूम की नहीं है, बल्कि छात्राओं के पूरे रहन-सहन, उनकी सोच और ओवरऑल डेवलपमेंट पर फोकस किया जा रहा है।
क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं
यहां मिलने वाली सुविधाओं की लिस्ट काफी अच्छी-खासी है:
अगर बेसिक चीज़ों की बात करें, तो एडमिशन से लेकर रहना और तय मेन्यू के हिसाब से खाना-पीना—सब कुछ एकदम मुफ्त है। इसके अलावा, कपड़े, किताबें, दवाइयों और साफ-सफाई के ज़रूरी सामान के लिए छात्राओं के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के ज़रिए सीधे पैसे भी भेजे जाते हैं।
पढ़ाई के मामले में भी कोई कमी नहीं रखी गई है। मॉडर्न लैब, जननायक लाइब्रेरी, डिजिटल स्टडी सेंटर, फ्री किताबें और स्टडी मटेरियल जैसी हर सुविधा मौजूद है। सबसे बड़ी बात, इन स्कूलों में 24 घंटे बिजली रहती है। हम सब जानते हैं कि गांवों में लाइट कटना पढ़ाई में कितनी बड़ी रुकावट है, ऐसे में यह सुविधा बहुत बड़ी राहत है।
किताबों से अलग, बच्चियों को वोकेशनल ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट और बागवानी जैसी एक्टिविटीज़ भी कराई जाती हैं। उनकी दिलचस्पी के हिसाब से साइंस-मैथ्स और लिटरेचर-सोशियोलॉजी क्लब भी बने हुए हैं। करियर में आगे क्या करना है, इसके लिए अलग-अलग फील्ड के एक्सपर्ट्स आकर गाइडेंस और मोटिवेशनल सेशन देते हैं। और तो और, मुख्यमंत्री दर्शन योजना के तहत बच्चियों को राज्य भर में एजुकेशनल टूर पर भी ले जाया जाता है, जो इस सरकारी स्कीम को वाकई बहुत खास बनाता है।
कौन प्रवेश ले सकता है
इस योजना का फायदा उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं:
- एडमिशन सिर्फ छात्राओं (लड़कियों) के लिए है।
- छात्रा का बिहार का स्थायी निवासी होना ज़रूरी है।
- वह BC या EBC कैटेगरी में आती हो।
- यह सुविधा कक्षा 6 से 12वीं तक की बच्चियों के लिए है।
- माता-पिता या गार्जियन की सालाना आमदनी ₹3,00,000 (3 लाख) से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
ध्यान रहे, कक्षा 6, 7, 8 और 9 में सीधे एडमिशन नहीं मिलता। बच्चियों को पहले एक एंट्रेंस टेस्ट (प्रवेश परीक्षा) पास करना होता है।
हर क्लास के हिसाब से उम्र की सीमा भी तय की गई है:
| कक्षा | आयु सीमा |
| कक्षा 6 | 11 से 13 वर्ष |
| कक्षा 7 | 12 से 14 वर्ष |
| कक्षा 8 | 13 से 15 वर्ष |
| कक्षा 9 | 14 से 16 वर्ष |
फॉर्म भरते समय उम्र का खास ख्याल रखें, क्योंकि इस टेबल से उम्र ज़रा भी अलग हुई, तो फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है।
किन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी
- पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड)
- जाति प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)
- निवास प्रमाण पत्र (Domicile)
- पिछली क्लास की मार्कशीट (शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र)
- उम्र का सुबूत (जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का सर्टिफिकेट)
- हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज़ फोटो
- (मांगे जाने पर अन्य ज़रूरी कागज़ात)
यहां आय प्रमाण पत्र सबसे अहम है। अगर आपकी इनकम 3 लाख की सीमा से एक रुपये भी ऊपर हुई, तो फॉर्म कैंसिल हो जाएगा। इसलिए इसे एकदम सही और लेटेस्ट ही बनवाएं।
आवेदन कैसे करें
एडमिशन के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों से फॉर्म भरे जा सकते हैं। ऑनलाइन अप्लाई करने का प्रोसेस कुछ इस तरह है:
सबसे पहले आपको ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर खुद को ‘रजिस्टर’ करना होगा। नियम और शर्तें एक्सेप्ट करने के बाद अपना नाम, जेंडर, डेट ऑफ बर्थ, माता-पिता का नाम, आधार नंबर और मोबाइल नंबर जैसी बेसिक डिटेल्स भरें। इसके बाद कैप्चा कोड डालकर अपना एक पासवर्ड सेट कर लें। ऐसा करते ही आपको अपना यूज़र आईडी और पासवर्ड मिल जाएगा।
अब इसी आईडी-पासवर्ड से लॉग-इन करें और फॉर्म के ‘पर्सनल डिटेल्स’ (व्यक्तिगत विवरण) और ‘एजुकेशन डिटेल्स’ वाले हिस्से में जाएं। यहां अपना पता, आधार की जानकारी और पिछली पढ़ाई का ब्यौरा भरें। इसके बाद अपनी फोटो, साइन, जन्म, जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र स्कैन करके अपलोड कर दें।
आखिर में, अपने मनपसंद तीन स्कूलों के नाम और विज्ञापन संख्या डालकर, डिक्लेरेशन पर टिक करें और फॉर्म को फाइनल सबमिट कर दें। सबमिट होते ही आपको एक एप्लीकेशन नंबर (आवेदन संख्या) मिल जाएगा। इसे डायरी में लिखकर सुरक्षित रख लें।
फॉर्म भरने के बाद एडमिट कार्ड कब आएगा, परीक्षा कब होगी, रिजल्ट और एडमिशन की तारीख जैसी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए आपको समय-समय पर वेबसाइट खुद चेक करते रहना होगा।





