अरुणाचल प्रदेश राज्य वजीफा योजना: अनुसूचित जनजाति के छात्रों को मिलेगा मासिक वजीफा और पुस्तक अनुदान

On: September 17, 2026 9:53 AM

कॉलेज या आगे की पढ़ाई करते समय अगर पैसों की टेंशन बनी रहे, तो कोई भी स्टूडेंट ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाता। अरुणाचल प्रदेश के कई अनुसूचित जनजाति (ST) परिवारों के बच्चों को भी इसी परेशानी का सामना करना पड़ता था। खासकर तब, जब वे राज्य से बाहर या अपने ही राज्य के किसी बड़े कॉलेज में दाखिला लेते थे। बच्चों की इसी आर्थिक उलझन को सुलझाने के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग ने ‘अरुणाचल प्रदेश राज्य वजीफा योजना’ की शुरुआत की।

इस योजना में ST कैटेगरी के छात्रों को उनका कोर्स पूरा होने तक हर महीने वजीफा (स्टाइपेंड) दिया जाता है। साथ ही, कोर्स की किताबें खरीदने के लिए अलग से पैसे मिलते हैं। सरकार की कोशिश यही है कि पैसों की तंगी के कारण किसी भी बच्चे की पढ़ाई बीच में न छूटे।

योजना का उद्देश्य

इस योजना को शुरू करने का सीधा सा लक्ष्य अरुणाचल प्रदेश के अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। इससे वे राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षा के अलग अलग कोर्सेज बिना किसी आर्थिक बोझ के पूरे कर सकेंगे।

किन पाठ्यक्रमों पर लागू होती है यह योजना?

इस वजीफे का फायदा सिर्फ किसी एक फील्ड तक सीमित नहीं रखा गया है। नॉर्मल ग्रेजुएशन से लेकर मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ और मैनेजमेंट जैसे कई कोर्सेज को इसमें जगह दी गई है।

  • सामान्य स्नातक: बी.ए. / बी.कॉम / बी.पी.एड / बी.एससी.
  • परास्नातक: एम.ए. / एम.कॉम / एल.एल.बी. / एम.पी.एड / एल.एल.एम. / एम.पी.एम.सी. / एम.एड / एम.एससी.
  • शोध स्तर: एम.फिल / पीएचडी
  • कृषि व संबद्ध: बी.एससी. (कृषि / बागवानी / वानिकी / मत्स्य पालन / बी.ई. / बी.वी.एससी)
  • मेडिकल: एमबीबीएस / बीडीएस / बीएचएमएस / बीएएमएस / बी.फार्मा / बी.एससी. (नर्सिंग) / डी.फार्मा
  • डिप्लोमा या तकनीशियन: डिप्लोमा (इंजीनियरिंग) / एक्स रे तकनीशियन / नेत्र सहायक / प्रयोगशाला तकनीशियन / ईसीजी तकनीशियन
  • कंप्यूटर व मैनेजमेंट: बीसीए / एमसीए / बीबीए / एमबीए / पीजीडीएम (संचार)
  • अन्य व्यावसायिक: आईटी और एचएम (डिप्लोमा) / बी.एफ.ए / एम.एफ.ए / बी.एड / सीए (चार्टर्ड एकाउंटेंसी) / एम.टेक

लिस्ट इतनी बड़ी होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि चाहे बच्चा मेडिकल की तैयारी कर रहा हो या फिर फाइन आर्ट्स पढ़ रहा हो, दोनों ही इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं।

योजना के तहत मिलने वाले लाभ

प्रत्यक्ष लाभ: जो भी छात्र इसके लिए चुने जाते हैं, उन्हें दो तरह से सीधी मदद दी जाती है। पहला, पूरे कोर्स के दौरान हर महीने वजीफा (जिसमें छुट्टियों का समय शामिल नहीं होता) और दूसरा, किताबों के लिए पैसा। फर्स्ट ईयर में किताबों के लिए शुरुआती अनुदान मिलता है और बाकी बचे हुए सालों में भी अलग से यह ग्रांट जारी रहता है।

पैसा कैसे मिलेगा: वजीफा किस तरह मिलेगा, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर है कि छात्र की पढ़ाई कहां चल रही है। अगर छात्र अरुणाचल प्रदेश के अंदर ही पढ़ रहा है, तो वजीफे की रकम कॉलेज के प्रिंसिपल या हेड के जरिए दी जाती है। वहीं, जो छात्र अरुणाचल प्रदेश से बाहर पढ़ाई कर रहे हैं, उनके कॉलेज के हेड को सीधे डिमांड ड्राफ्ट (DD) भेज दिया जाता है।

पैसे कब कब मिलते हैं: वजीफा हर महीने मिलता है, बस इसमें छुट्टियों वाले दिन शामिल नहीं होते। अगर किसी छात्र का एडमिशन महीने की 20 तारीख से पहले हो जाता है, तो उसे उसी महीने से वजीफा मिलने लगता है। 20 तारीख के बाद एडमिशन होने पर अगले महीने से पैसा आना शुरू होता है।

किन शर्तों पर चालू रहेगा वजीफा: यह वजीफा परमानेंट नहीं होता। इसे लगातार पाने के लिए छात्र का अपनी पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करना और उसका बर्ताव सही होना बहुत जरूरी है। अगर कोई छात्र कॉलेज में दुर्व्यवहार करता है, उसकी अटेंडेंस 75 प्रतिशत से कम रहती है या पढ़ाई में परफॉर्मेंस खराब होती है, तो वजीफा रोका या हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा, एक साथ दो कोर्स करने (जैसे एम.ए. के साथ एल.एल.बी.) या डिस्टेंस एजुकेशन (पत्राचार) से पढ़ाई करने वाले छात्रों को यह पैसा नहीं मिलेगा।

किन लोगों को मिलेगा लाभ?

फॉर्म भरने से पहले ये जरूरी शर्तें जरूर पढ़ लें:

  • छात्र का अरुणाचल प्रदेश की अनुसूचित जनजाति (ST) कैटेगरी से होना अनिवार्य है।
  • वह अरुणाचल प्रदेश का पक्का (स्थायी) निवासी हो।
  • छात्र कहीं फुल टाइम नौकरी न कर रहा हो।
  • वह हायर एजुकेशन या टेक्निकल कोर्स की पढ़ाई कर रहा हो।
  • अगर कोई छात्र किसी क्लास में फेल होकर उसी लेवल के किसी दूसरे कोर्स में एडमिशन लेता है, तो उसे यह फायदा नहीं मिलेगा।
  • छात्र पर कॉलेज की तरफ से कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई (डिसिप्लिनरी एक्शन) न हुई हो।
  • हर महीने कम से कम 75 प्रतिशत हाजिरी (अटेंडेंस) होना बहुत जरूरी है।
  • डिस्टेंस लर्निंग से पढ़ाई करने वाले छात्र इसके हकदार नहीं हैं।
  • छात्र जिस कॉलेज में पढ़ रहा है, वह UGC, AICTE, MCI, DCI, BCI या CCH जैसी सरकारी संस्थाओं से मान्यता प्राप्त होना चाहिए।

जरूरी छूट: अगर कोई छात्रा किसी क्लास में फेल हो जाती है, तो कॉलेज के हेड की खास सिफारिश पर उसे अगले साल उसी क्लास के लिए दोबारा वजीफा दिया जा सकता है। यानी लड़कियों के मामले में नियमों को थोड़ा लचीला रखा गया है।

कौन आवेदन नहीं कर सकता?

अगर किसी छात्र को पहले से ही सरकार या किसी अन्य जगह से कोई दूसरी स्कॉलरशिप या वजीफा मिल रहा है, तो वह इस योजना का फॉर्म नहीं भर सकता। ऐसे में छात्र को दोनों में से किसी एक वजीफे को चुनना होगा। एक साथ दो योजनाओं का पैसा नहीं लिया जा सकता।

आवेदन प्रक्रिया कैसे होगी?

इस योजना का फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और इसे राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के जरिए पूरा करना होता है।

स्टेप 1: जो बच्चे पहली बार स्कॉलरशिप का फॉर्म भर रहे हैं, उन्हें सबसे पहले NSP पोर्टल (scholarships.gov.in) पर जाना होगा। वहां ‘नया पंजीकरण’ (New Registration) वाले ऑप्शन पर जाकर अपने कागजातों के हिसाब से सही सही जानकारी भरनी होगी।

स्टेप 2: रजिस्ट्रेशन पूरा होते ही छात्र को एक ‘छात्र पंजीकरण आईडी’ (Student Registration ID) मिल जाएगी।

स्टेप 3: इसी आईडी का इस्तेमाल करके छात्र को NSP पोर्टल पर ‘फ्रेश एप्लीकेशन’ वाले विकल्प पर जाकर अपना अकाउंट लॉगिन करना होगा।

स्टेप 4: लॉगिन करने के बाद सामने खुलने वाले पेज पर ‘आवेदन पत्र’ (Application Form) पर क्लिक करें। इससे मेन फॉर्म खुल जाएगा।

स्टेप 5: पूरे फॉर्म को अच्छे से भरकर ‘अंतिम जमा करें’ (Final Submit) बटन दबाते ही फॉर्म जमा हो जाएगा।

स्टेप 6: फॉर्म जमा होते ही कंप्यूटर स्क्रीन पर एक सिस्टम जनित रजिस्ट्रेशन नंबर आ जाएगा। इसे आगे की जरूरत के लिए सुरक्षित लिखकर रख लें।

हर साल मई जून के महीने में शिक्षा विभाग अखबारों और अन्य माध्यमों से इसका विज्ञापन निकालता है। इसलिए उस समय थोड़ा अपडेट रहना फायदेमंद होता है। यह बात गांठ बांध लें कि अगर बिना किसी मेडिकल इमरजेंसी या घर में किसी की मृत्यु जैसे कारण के अटेंडेंस 75 प्रतिशत से कम हुई, तो फॉर्म रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

आवश्यक दस्तावेज़

फॉर्म भरने बैठने से पहले अपने पास ये सारे कागजात तैयार रखें:

  1. पासपोर्ट साइज की हाल ही में खींची गई फोटो
  2. जाति प्रमाण पत्र की अटेस्टेड कॉपी
  3. पिछली पास की हुई परीक्षा की मार्कशीट (अटेस्टेड)
  4. सक्षम अधिकारी द्वारा बना हुआ निवास प्रमाण पत्र (अटेस्टेड)
  5. पहचान पत्र
  6. वर्तमान साल की फीस की रसीद या एडमिशन स्लिप
  7. बैंक पासबुक के पहले पेज की साफ फोटोकॉपी

भले ही कागजातों की यह लिस्ट छोटी लगे, लेकिन निवास और जाति प्रमाण पत्र बनवाने में अक्सर कई दिन लग जाते हैं। इसलिए मेरी सलाह यही रहेगी कि फॉर्म निकलने का इंतजार करने के बजाय इन कागजों को आज ही बनवा कर रख लें।

संदर्भ (References):-

आधिकारिक दिशा-निर्देश

FAQs:-

अरुणाचल प्रदेश राज्य वजीफा योजना के लिए कौन पात्र है?

अरुणाचल प्रदेश के स्थायी निवासी अनुसूचित जनजाति यानी ST वर्ग के छात्र, जो मान्यता प्राप्त संस्थान में उच्च या तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और योजना की अन्य शर्तें पूरी करते हैं, वजीफे के लिए पात्र हैं।

क्या निजी संस्थान में पढ़ने वाले छात्र भी वजीफा ले सकते हैं?

हां, यदि संस्थान UGC, AICTE, MCI, DCI, BCI, CCH या अन्य संबंधित राज्य अथवा केंद्रीय नियामक निकाय से मान्यता प्राप्त है।

क्या नौकरी करने वाला छात्र आवेदन कर सकता है?

नहीं, योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का पूर्णकालिक रोजगार में होना स्वीकार्य नहीं है।

कक्षा में फेल होने पर क्या वजीफा दोबारा मिल सकता है?

विशेष परिस्थितियों में संस्थान प्रमुख की सिफारिश पर छात्र को अगले वर्ष उसी कक्षा के लिए एक बार फिर वजीफा दिया जा सकता है। हालांकि, अलग पाठ्यक्रम या धारा में दोबारा प्रवेश लेने पर पात्रता नहीं रहती।

क्या दूसरी छात्रवृत्ति के साथ इस वजीफे का लाभ लिया जा सकता है?

नहीं, आवेदक किसी दूसरी छात्रवृत्ति या वजीफे का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। ऐसी स्थिति होने पर छात्र को उपलब्ध लाभों में से किसी एक का चयन करना होगा।

वजीफे की राशि छात्रों तक कैसे पहुंचती है?

अरुणाचल प्रदेश के भीतर पढ़ने वाले छात्रों को संस्थान प्रमुख के माध्यम से वजीफा दिया जाता है। राज्य के बाहर के संस्थानों के छात्रों के लिए स्वीकृति प्राधिकरण डिमांड ड्राफ्ट के जरिए राशि भेजता है।

क्या छुट्टियों के दौरान भी मासिक वजीफा मिलता है?

नहीं, वजीफे का भुगतान मासिक आधार पर किया जाता है और छुट्टियों की अवधि इसमें शामिल नहीं होती।

वजीफा कब से मिलना शुरू होता है?

यदि छात्र का प्रवेश महीने की 20 तारीख से पहले होता है तो भुगतान उसी महीने से शुरू हो सकता है। 20 तारीख के बाद प्रवेश होने पर वजीफा अगले महीने से शुरू होता है।

क्या MA और LLB जैसे दो कोर्स एक साथ करने पर वजीफा मिलेगा?

नहीं, दोहरे या सहायक पाठ्यक्रम योजना के तहत मान्य नहीं हैं। उदाहरण के तौर पर MA के साथ LLB करने वाले छात्र इस लाभ के लिए पात्र नहीं होंगे।

क्या पत्राचार या दूरस्थ शिक्षा के छात्र आवेदन कर सकते हैं?

नहीं, correspondence और distance education के माध्यम से पढ़ाई कर रहे छात्रों को योजना के तहत पात्र नहीं माना गया है।

आवेदन जमा करने की समय सीमा क्या है?

योजना के लिए आवेदन आमंत्रित करने की जानकारी विभाग द्वारा हर साल जारी की जाती है। उपलब्ध विवरण के अनुसार आवेदन आमतौर पर मई और जून के दौरान विज्ञापन के माध्यम से आमंत्रित किए जाते हैं।

राज्य के बाहर पढ़ने वाले छात्रों को वजीफा कैसे दिया जाता है?

ऐसे मामलों में मंजूरी प्राधिकरण द्वारा डिमांड ड्राफ्ट तैयार करके संबंधित संस्थान के प्रमुख को भेजा जाता है।

75 प्रतिशत से कम उपस्थिति होने पर क्या होगा?

निर्धारित उपस्थिति बनाए नहीं रखने पर वजीफा रोका या रद्द किया जा सकता है। हालांकि, प्रमाणित चिकित्सा कारण या शोक जैसी परिस्थितियों में अपवाद पर विचार किया जा सकता है।

Vivek

Experience:
Covers the Indian Stock Market, IPOs, Mutual Funds, Corporate Announcements, and Business News.
3+ Years covering Indian Financial Markets.

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