
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना आज के समय में काफी महंगा हो गया है। खासकर जब बात नेट (NET), गेट (GATE) या जेआरएफ (JRF) जैसी उच्च स्तर की परीक्षाओं की हो, तो बड़े शहरों में कोचिंग की भारी भरकम फीस सुनकर ही कई होनहार छात्र अपने कदम पीछे खींच लेते हैं। पैसों की कमी की वजह से किसी भी होनहार छात्र का प्रोफेसर या वैज्ञानिक बनने का सपना अधूरा न रह जाए, इसके लिए बिहार सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने एक बेहद खास पहल शुरू की है।
इस योजना का नाम ‘मुख्यमंत्री व्यावसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्शन एवं उत्थान योजना’ रखा गया है। यह योजना मुख्य रूप से बीसी (BC) और ईबीसी (EBC) वर्ग के छात्र छात्राओं के लिए है। अगर आप भी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके बहुत काम आने वाली है।
क्या है इस योजना का मुख्य फायदा
इस योजना का सीधा सा मकसद राज्य के होनहार छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बिल्कुल मुफ्त में बेहतरीन कोचिंग और सही मार्गदर्शन देना है। कई बार छात्र पढ़ाई में तो बहुत अच्छे होते हैं, लेकिन सही गाइडेंस न मिलने की वजह से वे एग्जाम क्लीयर नहीं कर पाते। इसीलिए सरकार ने राज्य के कई बड़े और नामी विश्वविद्यालयों में ‘करियर मार्गदर्शन केंद्र’ बनाए हैं। यहां विशेषज्ञों द्वारा छात्रों को परीक्षा की बारीकियां सिखाई जाती हैं।
एक जरूरी बात आपको पहले ही बता दूं कि इस योजना के तहत सरकार सिर्फ फ्री कोचिंग की सुविधा देती है। यहां रहने या खाने पीने के लिए किसी हॉस्टल का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए आपको अपने रहने की व्यवस्था खुद ही करनी होगी।
किसे मिलेगा इस फ्री कोचिंग का लाभ
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ बुनियादी शर्तें रखी हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है:
सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदन करने वाला छात्र या छात्रा बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
यह योजना विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) की श्रेणी में आने वाले छात्र छात्राओं के लिए ही बनाई गई है।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को तरजीह देने के लिए नियम है कि परिवार की कुल सालाना आमदनी तीन लाख रुपये से ज्यादा बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
आप जिस भी प्रतियोगी परीक्षा (जैसे नेट या गेट) की कोचिंग करना चाहते हैं, उस परीक्षा में बैठने के लिए जो न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मांगी जाती है, वह आपके पास होनी चाहिए।
डायरेक्ट एडमिशन नहीं मिलेगा: यहां यह समझना भी जरूरी है कि सिर्फ फॉर्म भर देने से आपको कोचिंग में दाखिला नहीं मिल जाएगा। फॉर्म भरने के बाद छात्रों को एक प्रवेश परीक्षा देनी होगी। इस परीक्षा में बहुविकल्पीय (MCQ) यानी चार ऑप्शन वाले सवाल पूछे जाएंगे। जो छात्र इस परीक्षा को पास करेंगे, सिर्फ उन्हें ही फ्री कोचिंग के लिए चुना जाएगा।
फॉर्म के साथ किन कागजातों की जरूरत पड़ेगी
फॉर्म भरते समय आपको कुछ जरूरी कागजात अपने पास रखने होंगे और उनकी फोटोकॉपी फॉर्म के साथ लगानी होगी:
- हाल ही में खींची गई दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो
- उम्र के सुबूत के लिए जन्म प्रमाण पत्र
- आपकी पढ़ाई लिखाई से जुड़े सभी शैक्षणिक सर्टिफिकेट
- जाति प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र (यह नया होना चाहिए ताकि आपकी वर्तमान पारिवारिक आय साबित हो सके)
- आधार कार्ड की कॉपी
- एक खाली लिफाफा जिस पर आपका पूरा पता लिखा हो और उचित मूल्य का डाक टिकट लगा हो
लिफाफा इसलिए मांगा जाता है ताकि विभाग जरूरत पड़ने पर आपको प्रवेश पत्र या कोई अन्य सूचना डाक के जरिए भेज सके। सभी कागजातों को फॉर्म के साथ लगाने से पहले उन पर अपने हस्ताक्षर जरूर कर लें। बिना आपके साइन के कागजात अमान्य माने जा सकते हैं।
आवेदन का सही तरीका क्या है
इस योजना के लिए फिलहाल ऑनलाइन आवेदन की सुविधा नहीं है। आपको अपना फॉर्म ऑफलाइन तरीके से ही भेजना होगा। इसकी पूरी प्रक्रिया बहुत ही सरल है:
चरण 1: सबसे पहले आपको विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर वहां से आवेदन पत्र (एप्लीकेशन फॉर्म) डाउनलोड करके उसका प्रिंट आउट निकाल लेना है।
चरण 2: फॉर्म में पूछी गई हर एक जानकारी को साफ साफ अक्षरों में भरें। कहीं भी कोई कटिंग न करें। तय जगह पर अपनी फोटो चिपकाएं और अपने हस्ताक्षर करें।
चरण 3: अब फॉर्म के साथ ऊपर बताए गए सभी जरूरी कागजातों की फोटोकॉपी अच्छी तरह से लगा लें।
चरण 4: अंत में, इस पूरे सेट को एक बड़े लिफाफे में सुरक्षित रूप से पैक करें और स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए अपने पसंदीदा केंद्र के पते पर भेज दें।
किन केंद्रों पर दी जाती है कोचिंग
आप अपनी सुविधा और घर से दूरी के हिसाब से नीचे दिए गए किसी भी एक केंद्र के निदेशक को अपना फॉर्म भेज सकते हैं:
- पटना विश्वविद्यालय (पीएमआईआर विभाग, दरभंगा हाउस), पटना
- पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (वाणिज्य कला और विज्ञान महाविद्यालय, कौटिल्य भवन), पटना
- तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग), भागलपुर
- सी एम कॉलेज (स्नातकोत्तर इतिहास विभाग), दरभंगा
- डॉ बाबा साहेब अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय (स्नातकोत्तर हिंदी विभाग), मुजफ्फरपुर
- भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (पुराना स्नातकोत्तर हिंदी विभाग), मधेपुरा
सही समय पर शुरू की गई तैयारी और सही मार्गदर्शन किसी भी छात्र का भविष्य बदल सकता है। अगर आप भी इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और ऊपर बताई गई सभी शर्तें पूरी करते हैं, तो यह मौका हाथ से न जाने दें। आज ही अपना फॉर्म डाउनलोड करें और अपनी तैयारी में जुट जाएं।





