
एक स्कॉलरशिप मिलना अच्छी बात है, लेकिन अगर उसके ऊपर एक और अतिरिक्त सहायता मिल जाए तो पढ़ाई का बोझ और हल्का हो जाता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के जनजातीय कल्याण विभाग ने अनुसूचित जनजाति यानी ST वर्ग के छात्रों के लिए ठीक यही किया है। मौजूदा केंद्र और राज्य की स्कॉलरशिप के अलावा, 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए एक अतिरिक्त छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है।
पूरा नाम काफी लंबा है, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अनुसूचित जनजातियों के छात्रों को भारत में कहीं भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वरिष्ठ माध्यमिक पाठ्यक्रमों के बाद अतिरिक्त छात्रवृत्ति प्रदान करने की योजना। संक्षेप में समझें तो, 12वीं के बाद जो भी ST छात्र देश में कहीं भी उच्च शिक्षा ले रहे हैं, उन्हें एक टॉप-अप स्कॉलरशिप मिलती है।
योजना का मकसद क्या है
यहां “अतिरिक्त” शब्द को समझना जरूरी है। ये किसी मौजूदा स्कॉलरशिप की जगह नहीं लेती, बल्कि शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पहले से दी जा रही सहायता के ऊपर एक अलग टॉप-अप है। मतलब अगर किसी छात्र को पहले से कोई और स्कॉलरशिप या रखरखाव भत्ता मिल रहा है, तो ये उसमें कटौती नहीं करती, बल्कि उसके साथ जुड़ती है।
कितनी छात्रवृत्ति मिलेगी
पात्र छात्रों को ₹1,000 प्रति माह मिलता है, और ये एक शैक्षणिक सत्र में 10 महीने के लिए देय होता है। आमतौर पर पिछले सत्र में पास हुए छात्रों को ही ये स्वीकार्य होती है। पैसा सीधे जनजातीय कल्याण निदेशालय द्वारा लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है।
कौन आवेदन कर सकता है
पात्रता की शर्तें कुछ इस तरह हैं। आवेदक को भारत के संविधान के अनुच्छेद 342(1) के तहत अंडमान और निकोबार द्वीप समूह अनुसूचित जनजाति आदेश संख्या 58 (31.03.1959) में अधिसूचित ST वर्ग से होना चाहिए और अंडमान निकोबार का निवासी होना चाहिए। साथ ही किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से 12वीं यानी सीनियर सेकेंडरी पास की हो।
एक जरूरी बात यहां ध्यान देने वाली है, 11वीं या मल्टीपर्पज हाई स्कूल की 12वीं में पढ़ने वाले छात्र इस स्कॉलरशिप के लिए पात्र नहीं हैं, क्योंकि ये कोई उच्च या व्यावसायिक कोर्स नहीं। हालांकि एक अपवाद है, अगर किसी ऐसी स्ट्रीम की 10वीं परीक्षा को मैट्रिक के समकक्ष माना जाता है और छात्र उसके बाद किसी मान्यता प्राप्त व्यावसायिक या तकनीकी कोर्स में जाता है, तो उसे मैट्रिक के बाद का छात्र माना जाएगा और वो पात्र होगा।
कौन से कोर्स इसमें कवर होते हैं
कोर्स की लिस्ट देखें तो BA, BSc, BCom जैसी ग्रेजुएशन डिग्रियां, MA, MSc, MCom, MEd, MPharma जैसी पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्रियां, M.Phil, PhD और पोस्ट डॉक्टरल प्रोग्राम सब इसमें कवर होते हैं। मेडिसिन, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, डिज़ाइन, एग्रीकल्चर, वेटरनरी साइंस, मैनेजमेंट और कंप्यूटर साइंस में भी डिग्री और पोस्ट ग्रेजुएट रिसर्च कवर होती है। इसके अलावा मैनेजमेंट-मेडिसिन में डिप्लोमा, कमर्शियल पायलट लाइसेंस, CA, ICWA, CS, ICFA जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी शामिल हैं।
फार्मेसी, नर्सिंग, LLB, पैरामेडिकल फील्ड, जन संचार, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, इंटीरियर डिज़ाइन और न्यूट्रिशन जैसे 10+2 आधारित कोर्स भी इसमें आते हैं, साथ ही मैट्रिक के बाद के नॉन-डिग्री कोर्स जैसे वोकेशनल स्ट्रीम, ITI और पॉलिटेक्निक डिप्लोमा भी। मेडिसिन में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले छात्र भी पात्र हैं, बशर्ते कोर्स के दौरान प्रैक्टिस की इजाजत न हो।
रिन्यूअल के नियम क्या हैं
हर साल स्कॉलरशिप तभी रिन्यू होगी जब छात्र अगली क्लास में प्रमोशन पाए। यहां एक राहत की बात है, अगर कोई ST छात्र पहली बार वार्षिक परीक्षा में फेल होता है, तो भी स्कॉलरशिप रिन्यू हो सकती है। लेकिन दूसरी या उसके बाद की असफलता पर छात्र को अगली क्लास में प्रमोशन मिलने तक अपना खर्च खुद उठाना होगा। बीमारी या किसी अप्रत्याशित घटना की वजह से परीक्षा न दे पाने पर मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ रिन्यूअल संभव है।
किन स्थितियों में स्कॉलरशिप रद्द हो सकती है
गलत जानकारी देकर स्कॉलरशिप लेने पर वो तुरंत रद्द होगी, राशि वसूल की जाएगी और छात्र को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। अगर छात्र बिना प्रशासन की पूर्व मंजूरी के अपना विषय या संस्थान बदल लेता है, तो भी स्कॉलरशिप रद्द हो सकती है। और अगर पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी जाए, तो राशि लौटानी होगी। एक और बात ध्यान रखिए, योजना के प्रावधान प्रशासन के विवेक पर कभी भी बदले जा सकते हैं।
किन मामलों में स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी
एक स्तर पास करने के बाद उसी स्तर को दूसरे विषय में दोहराने पर, जैसे BA के बाद BSc या किसी विषय में MA के बाद दूसरे विषय में MA, स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी। इसी तरह एक व्यावसायिक कोर्स पूरा करने के बाद दूसरा व्यावसायिक कोर्स लेने पर, जैसे B.Tech या B.Ed के बाद LLB, भी पात्रता खत्म हो जाती है।
किन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- आधार कार्ड की प्रति
- 10वीं-12वीं की मार्कशीट या डिग्री सर्टिफिकेट
- रिन्यूअल के लिए संस्थान प्रमुख द्वारा हस्ताक्षरित अंक विवरण
- जाति प्रमाण पत्र
- निवास या अधिवास प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक का पहला पेज
आवेदन कैसे करें
आवेदन प्रक्रिया राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल यानी NSP के जरिए ऑनलाइन होती है। पहली बार आवेदन करने वालों को scholarships.gov.in पर “नया पंजीकरण” से रजिस्टर करना है, सही जानकारी के साथ। रजिस्ट्रेशन के बाद मिली स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन ID से “फ्रेश एप्लीकेशन” पर लॉगिन करना है, फिर “आवेदन पत्र” पर क्लिक करके पूरा फॉर्म भरना है। “अंतिम जमा करें” पर क्लिक करते ही आवेदन सबमिट हो जाता है, और एक सिस्टम-जनरेटेड रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है जिसे संभालकर रखना चाहिए। प्रशासन हर साल NSP के जरिए अखबारों और अन्य मीडिया में विज्ञापन देकर आवेदन आमंत्रित कर सकता है।
संदर्भ (References):-
- जनजातीय कल्याण निदेशालय, अंडमान और निकोबार प्रशासन का आधिकारिक दिशानिर्देश
- राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल |





