अंडमान निकोबार के ST छात्रों के लिए 12वीं के बाद अतिरिक्त स्कॉलरशिप, देश में कहीं भी पढ़ाई पर मिलेगा फायदा

On: August 11, 2026 3:17 PM

एक स्कॉलरशिप मिलना अच्छी बात है, लेकिन अगर उसके ऊपर एक और अतिरिक्त सहायता मिल जाए तो पढ़ाई का बोझ और हल्का हो जाता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के जनजातीय कल्याण विभाग ने अनुसूचित जनजाति यानी ST वर्ग के छात्रों के लिए ठीक यही किया है। मौजूदा केंद्र और राज्य की स्कॉलरशिप के अलावा, 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए एक अतिरिक्त छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है।

पूरा नाम काफी लंबा है, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अनुसूचित जनजातियों के छात्रों को भारत में कहीं भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वरिष्ठ माध्यमिक पाठ्यक्रमों के बाद अतिरिक्त छात्रवृत्ति प्रदान करने की योजना। संक्षेप में समझें तो, 12वीं के बाद जो भी ST छात्र देश में कहीं भी उच्च शिक्षा ले रहे हैं, उन्हें एक टॉप-अप स्कॉलरशिप मिलती है।

योजना का मकसद क्या है

यहां “अतिरिक्त” शब्द को समझना जरूरी है। ये किसी मौजूदा स्कॉलरशिप की जगह नहीं लेती, बल्कि शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पहले से दी जा रही सहायता के ऊपर एक अलग टॉप-अप है। मतलब अगर किसी छात्र को पहले से कोई और स्कॉलरशिप या रखरखाव भत्ता मिल रहा है, तो ये उसमें कटौती नहीं करती, बल्कि उसके साथ जुड़ती है।

कितनी छात्रवृत्ति मिलेगी

पात्र छात्रों को ₹1,000 प्रति माह मिलता है, और ये एक शैक्षणिक सत्र में 10 महीने के लिए देय होता है। आमतौर पर पिछले सत्र में पास हुए छात्रों को ही ये स्वीकार्य होती है। पैसा सीधे जनजातीय कल्याण निदेशालय द्वारा लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है।

कौन आवेदन कर सकता है

पात्रता की शर्तें कुछ इस तरह हैं। आवेदक को भारत के संविधान के अनुच्छेद 342(1) के तहत अंडमान और निकोबार द्वीप समूह अनुसूचित जनजाति आदेश संख्या 58 (31.03.1959) में अधिसूचित ST वर्ग से होना चाहिए और अंडमान निकोबार का निवासी होना चाहिए। साथ ही किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से 12वीं यानी सीनियर सेकेंडरी पास की हो।

एक जरूरी बात यहां ध्यान देने वाली है, 11वीं या मल्टीपर्पज हाई स्कूल की 12वीं में पढ़ने वाले छात्र इस स्कॉलरशिप के लिए पात्र नहीं हैं, क्योंकि ये कोई उच्च या व्यावसायिक कोर्स नहीं। हालांकि एक अपवाद है, अगर किसी ऐसी स्ट्रीम की 10वीं परीक्षा को मैट्रिक के समकक्ष माना जाता है और छात्र उसके बाद किसी मान्यता प्राप्त व्यावसायिक या तकनीकी कोर्स में जाता है, तो उसे मैट्रिक के बाद का छात्र माना जाएगा और वो पात्र होगा।

कौन से कोर्स इसमें कवर होते हैं

कोर्स की लिस्ट देखें तो BA, BSc, BCom जैसी ग्रेजुएशन डिग्रियां, MA, MSc, MCom, MEd, MPharma जैसी पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्रियां, M.Phil, PhD और पोस्ट डॉक्टरल प्रोग्राम सब इसमें कवर होते हैं। मेडिसिन, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, डिज़ाइन, एग्रीकल्चर, वेटरनरी साइंस, मैनेजमेंट और कंप्यूटर साइंस में भी डिग्री और पोस्ट ग्रेजुएट रिसर्च कवर होती है। इसके अलावा मैनेजमेंट-मेडिसिन में डिप्लोमा, कमर्शियल पायलट लाइसेंस, CA, ICWA, CS, ICFA जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी शामिल हैं।

फार्मेसी, नर्सिंग, LLB, पैरामेडिकल फील्ड, जन संचार, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, इंटीरियर डिज़ाइन और न्यूट्रिशन जैसे 10+2 आधारित कोर्स भी इसमें आते हैं, साथ ही मैट्रिक के बाद के नॉन-डिग्री कोर्स जैसे वोकेशनल स्ट्रीम, ITI और पॉलिटेक्निक डिप्लोमा भी। मेडिसिन में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले छात्र भी पात्र हैं, बशर्ते कोर्स के दौरान प्रैक्टिस की इजाजत न हो।

रिन्यूअल के नियम क्या हैं

हर साल स्कॉलरशिप तभी रिन्यू होगी जब छात्र अगली क्लास में प्रमोशन पाए। यहां एक राहत की बात है, अगर कोई ST छात्र पहली बार वार्षिक परीक्षा में फेल होता है, तो भी स्कॉलरशिप रिन्यू हो सकती है। लेकिन दूसरी या उसके बाद की असफलता पर छात्र को अगली क्लास में प्रमोशन मिलने तक अपना खर्च खुद उठाना होगा। बीमारी या किसी अप्रत्याशित घटना की वजह से परीक्षा न दे पाने पर मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ रिन्यूअल संभव है।

किन स्थितियों में स्कॉलरशिप रद्द हो सकती है

गलत जानकारी देकर स्कॉलरशिप लेने पर वो तुरंत रद्द होगी, राशि वसूल की जाएगी और छात्र को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। अगर छात्र बिना प्रशासन की पूर्व मंजूरी के अपना विषय या संस्थान बदल लेता है, तो भी स्कॉलरशिप रद्द हो सकती है। और अगर पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी जाए, तो राशि लौटानी होगी। एक और बात ध्यान रखिए, योजना के प्रावधान प्रशासन के विवेक पर कभी भी बदले जा सकते हैं।

किन मामलों में स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी

एक स्तर पास करने के बाद उसी स्तर को दूसरे विषय में दोहराने पर, जैसे BA के बाद BSc या किसी विषय में MA के बाद दूसरे विषय में MA, स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी। इसी तरह एक व्यावसायिक कोर्स पूरा करने के बाद दूसरा व्यावसायिक कोर्स लेने पर, जैसे B.Tech या B.Ed के बाद LLB, भी पात्रता खत्म हो जाती है।

किन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी

  1. पासपोर्ट साइज़ फोटो
  2. आधार कार्ड की प्रति
  3. 10वीं-12वीं की मार्कशीट या डिग्री सर्टिफिकेट
  4. रिन्यूअल के लिए संस्थान प्रमुख द्वारा हस्ताक्षरित अंक विवरण
  5. जाति प्रमाण पत्र
  6. निवास या अधिवास प्रमाण पत्र
  7. बैंक पासबुक का पहला पेज

आवेदन कैसे करें

आवेदन प्रक्रिया राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल यानी NSP के जरिए ऑनलाइन होती है। पहली बार आवेदन करने वालों को scholarships.gov.in पर “नया पंजीकरण” से रजिस्टर करना है, सही जानकारी के साथ। रजिस्ट्रेशन के बाद मिली स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन ID से “फ्रेश एप्लीकेशन” पर लॉगिन करना है, फिर “आवेदन पत्र” पर क्लिक करके पूरा फॉर्म भरना है। “अंतिम जमा करें” पर क्लिक करते ही आवेदन सबमिट हो जाता है, और एक सिस्टम-जनरेटेड रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है जिसे संभालकर रखना चाहिए। प्रशासन हर साल NSP के जरिए अखबारों और अन्य मीडिया में विज्ञापन देकर आवेदन आमंत्रित कर सकता है।

संदर्भ (References):-

FAQs:-

इस योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य भारत में कहीं भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे ST छात्रों को मौजूदा सहायता के अलावा अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
इस योजना को कौन सा विभाग लागू करता है?
इस योजना को जनजातीय कल्याण निदेशालय, अंडमान और निकोबार प्रशासन द्वारा लागू किया जाता है।
इस योजना के लिए कौन पात्र है?
अंडमान और निकोबार के अधिसूचित ST वर्ग के निवासी छात्र, जिन्होंने मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास की हो और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हों, इस योजना के लिए पात्र हैं।
इस योजना के तहत कितना लाभ मिलता है?
पात्र छात्रों को ₹1,000 प्रति माह की दर से एक शैक्षणिक सत्र में 10 महीने तक छात्रवृत्ति दी जाती है।
क्या यह योजना केवल ST छात्रों के लिए है?
हां, यह योजना विशेष रूप से अंडमान और निकोबार के अधिसूचित ST वर्ग के छात्रों के लिए है।
क्या मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले छात्र पात्र हैं?
हां, मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले छात्र पात्र हो सकते हैं, बशर्ते उन्हें कोर्स के दौरान प्रैक्टिस करने की अनुमति न हो।
छात्रवृत्ति कितने समय तक मिलती है?
छात्रवृत्ति पाठ्यक्रम पूरा होने तक मिल सकती है। इसके लिए अच्छे आचरण और नियमित उपस्थिति की शर्त पूरी करनी होती है तथा पात्रता के अनुसार हर वर्ष इसका नवीनीकरण किया जाता है।
क्या 11वीं या मल्टीपर्पज स्कूल की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र पात्र हैं?
नहीं, 11वीं या मल्टीपर्पज स्कूल की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र सामान्य रूप से पात्र नहीं हैं। हालांकि, 10वीं के बाद मैट्रिक के समकक्ष कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए अपवाद है।
एक शैक्षणिक सत्र में कितने महीनों की छात्रवृत्ति मिलती है?
एक शैक्षणिक सत्र में 10 महीने के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदक को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) पर पंजीकरण करना होता है। इसके बाद लॉगिन करके ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना और आवश्यक दस्तावेज़ जमा करना होता है।
क्या आवेदन के लिए आधार कार्ड जरूरी है?
हां, आवेदन के साथ आधार कार्ड की प्रति अनिवार्य दस्तावेज़ के रूप में जमा करनी होती है।
अगर ड्रॉपडाउन में संस्थान का नाम नहीं दिखाई दे तो क्या करें?
उपलब्ध जानकारी में संस्थान का नाम ड्रॉपडाउन में नहीं मिलने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
क्या अंडमान और निकोबार के बाहर पढ़ने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं?
हां, पात्र छात्र भारत में किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हों, तो इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्या पिछले शैक्षणिक वर्ष के लिए छात्रवृत्ति मिल सकती है?
उपलब्ध स्रोत में पिछले शैक्षणिक वर्ष के लिए छात्रवृत्ति देने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं बताया गया है।

Vivek

Experience:
Covers the Indian Stock Market, IPOs, Mutual Funds, Corporate Announcements, and Business News.
3+ Years covering Indian Financial Markets.

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