
कंस्ट्रक्शन (निर्माण) का काम हमेशा जोखिम से भरा होता है। कभी ऊंची इमारत पर काम करना, तो कभी भारी मशीनों के बीच रहना—ऐसे में दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। भगवान न करे, अगर ऐसी किसी दुर्घटना में कोई मजदूर स्थायी रूप से विकलांग हो जाए, तो सिर्फ थोड़ा सा मुआवजा काफी नहीं होता। उसकी पूरी जिंदगी और परिवार का खर्च भी देखना होता है। इसी मजबूरी को समझते हुए अंडमान और निकोबार के ‘भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड’ (ANBOCWWB) ने एक ‘विकलांग सहायता योजना’ शुरू की है। यह योजना मजदूरों को कानून (कर्मचारी मुआवजा अधिनियम 1923) के तहत मिलने वाले मुआवजे के अलावा कुछ अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी देती है।
आखिर क्या है यह योजना
इस योजना का गणित थोड़ा तकनीकी है, इसलिए इसे आसान भाषा में समझते हैं। जब किसी मजदूर को काम के दौरान चोट लगती है, तो उसे 1923 के कानून के हिसाब से एक तय मुआवजा मिलता है। इस योजना के तहत, बोर्ड का सचिव उस तय मुआवजे का 25 प्रतिशत से भी ज्यादा हिस्सा मजदूर को ‘अतिरिक्त मदद’ के तौर पर दे सकता है।
लेकिन इसके लिए मजदूर को अपनी आखिरी सैलरी स्लिप, उम्र का सबूत और किसी सरकारी डॉक्टर से विकलांगता के प्रतिशत का सर्टिफिकेट जमा करना होता है। एक बात का खास ख्याल रखें—यह एक्स्ट्रा पैसा अपने आप नहीं मिलता। इसके लिए बोर्ड से पहले ही मंजूरी लेनी पड़ती है।
सीधे शब्दों में कहें तो, अगर आपको कानूनी तौर पर 1 लाख रुपये का मुआवजा मिल रहा है, तो यह बोर्ड अपनी तरफ से 25 हजार (या उससे ज्यादा) की एक्स्ट्रा मदद दे सकता है।
कौन कर सकता है आवेदन
इस सहायता का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:
- मजदूर अंडमान और निकोबार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- वह किसी भवन निर्माण या कंस्ट्रक्शन के काम से जुड़ा हो।
- उसका नाम ANBOCWWB बोर्ड में दर्ज (रजिस्टर्ड) होना चाहिए।
- बोर्ड की सदस्यता चालू (एक्टिव) होनी चाहिए।
- मजदूर काम (रोजगार) के दौरान हुई किसी दुर्घटना की वजह से ही विकलांग हुआ हो।
यहां आखिरी शर्त बहुत जरूरी है। यह मदद सिर्फ और सिर्फ तब मिलेगी जब विकलांगता ड्यूटी या काम के दौरान हुई दुर्घटना से आई हो। अगर विकलांगता किसी दूसरी बीमारी या घरेलू वजह से हुई है, तो यह योजना लागू नहीं होगी।
फॉर्म भरने के लिए जरूरी दस्तावेज़
यह काम दो हिस्सों में होता है—पहला, बोर्ड में रजिस्ट्रेशन और दूसरा, विकलांगता सहायता के लिए फॉर्म भरना। इसलिए दोनों के लिए अलग-अलग कागजात चाहिए।
बोर्ड में रजिस्ट्रेशन के लिए:
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- उम्र और पहचान का सुबूत (आधार कार्ड आदि)
- पते का सुबूत
- बैंक पासबुक की कॉपी
- पिछले 1 साल में कम से कम 90 दिन कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने का सर्टिफिकेट
- अगर EPF कटता है तो उसकी डिटेल (ऑप्शनल)
विकलांग सहायता के लिए आवेदन करते समय:
- मजदूर कार्ड (पंजीकरण पहचान पत्र)
- आधार कार्ड
- बोर्ड मेंबरशिप की लेटेस्ट रसीद
- आखिरी महीने की सैलरी स्लिप (वेतन पर्ची)
- उम्र का प्रमाण
- सरकारी या मान्यता प्राप्त डॉक्टर से मिला विकलांगता (प्रतिशत) का सर्टिफिकेट
- पते का सुबूत
- बैंक पासबुक की कॉपी
इन कागजातों में सैलरी स्लिप और डॉक्टर का मेडिकल सर्टिफिकेट सबसे ज्यादा अहम हैं। इन्हीं के आधार पर यह तय होगा कि आपको कितना एक्स्ट्रा पैसा मिलेगा। इसलिए मेडिकल सर्टिफिकेट हमेशा किसी बड़े सरकारी अस्पताल से ही बनवाएं।
आवेदन कैसे करें
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और इसे तीन आसान स्टेप्स में पूरा किया जा सकता है:
स्टेप 1 (पोर्टल पर आईडी बनाना): सबसे पहले serviceonline.gov.in वेबसाइट पर जाएं। वहां ‘रजिस्टर’ (Register) पर क्लिक करें। अपनी बेसिक जानकारी भरें, फॉर्म सबमिट करें और मोबाइल-ईमेल पर आए OTP को डालकर वेरीफाई कर लें। आपकी पोर्टल पर आईडी बन जाएगी।
स्टेप 2 (मजदूर कार्ड के लिए अप्लाई करना): अब अपनी उसी ईमेल आईडी और पासवर्ड से पोर्टल पर लॉग-इन करें। ‘Apply for services’ और फिर ‘View all available services’ पर क्लिक करें। लिस्ट में “Registration of Construction Workers in ANBOCWWB” ढूंढकर उस पर क्लिक करें। फॉर्म भरें, सारे जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और फॉर्म सबमिट कर दें। आपको एक रजिस्ट्रेशन आईडी मिल जाएगी।
स्टेप 3 (विकलांग सहायता के लिए फॉर्म भरना): मजदूर कार्ड बनने के बाद, दोबारा पोर्टल पर लॉग-इन करें। इस बार सर्विसेस में जाकर ‘Disability Financial Assistance’ (विकलांग वित्तीय सहायता) ढूंढें। फॉर्म में मांगी गई सारी जानकारी भरें, विकलांगता का सर्टिफिकेट और सैलरी स्लिप अपलोड करें और फाइनल सबमिट कर दें।
अपने फॉर्म का स्टेटस कैसे चेक करें
फॉर्म भरने के बाद, आप उसी पोर्टल पर लॉग-इन करके अपने फॉर्म की स्थिति (स्टेटस) भी देख सकते हैं। होम पेज पर “View Status of Application” में जाएं, फिर “Track Application Status” पर क्लिक करें। वहां अपना एप्लीकेशन नंबर डालकर ‘डेटा प्राप्त करें’ पर क्लिक करते ही आपको पता चल जाएगा कि आपका फॉर्म पास हुआ है या नहीं।





