
बरसात का मौसम आमतौर पर राहत लेकर आता है, लेकिन हथकरघा बुनकरों के लिए ये सीज़न मुश्किलों की शुरुआत होता है। करघों के गड्ढों में पानी भर जाना, नमी की वजह से धागा चिपकना, ये सब काम को बार बार रोकते हैं। आंध्र प्रदेश सरकार के हथकरघा और कपड़ा विभाग ने 2018 में इसी समस्या को हल करने के लिए एक स्कीम शुरू की, हथकरघा बुनकर परिवारों को मजदूरी मुआवजे की योजना।
योजना है क्या
मकसद सीधा है, बरसात के मौसम में प्रतिकूल मौसम की वजह से जो मजदूरी का नुकसान होता है, उसकी भरपाई करना। इस योजना के तहत निर्वाह भत्ते के रूप में हर बुनकर परिवार को राहत सहायता दी जाती है। ये योजना हथकरघा और वस्त्र निदेशक, आंध्र प्रदेश के जरिए लागू की जाती है।
बरसात में बुनकरों को जिन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, उन्हें भी साफ तौर पर पहचाना गया है, करघों के गड्ढों में पानी का रिसाव, नमी की वजह से वार्प यानी धागे की चिपचिपाहट, और करघों व कच्चे माल को नुकसान। इन्हीं वजहों से काम रुक रुक कर होता है, और यही इस योजना के पीछे की असली सोच है।
कितनी राहत सहायता मिलेगी
राशि की बात करें तो प्रति बुनकर परिवार साल में ₹4,000 की निर्वाह भत्ता सहायता दी जाती है। इसे दो महीने में बांटकर दिया जाता है, यानी ₹2,000 प्रति माह, दो महीने के लिए।
भुगतान का तरीका पारदर्शी है, पूरी राशि DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
कौन आवेदन कर सकता है
पात्रता की शर्तें ज्यादा जटिल नहीं।
- आवेदक हथकरघा बुनकर हो, जो बुनाई, वारपिंग या साइजिंग जैसी संबद्ध गतिविधि में लगा हो
- आवेदक आंध्र प्रदेश सरकार के “प्रजा साधिकारा सर्वेक्षण” के तहत नामांकित हो
दूसरी शर्त यहां खासतौर पर जरूरी है। प्रजा साधिकारा सर्वेक्षण में नामांकन न होने पर, चाहे व्यक्ति कितना भी अनुभवी बुनकर क्यों न हो, वो इस योजना के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। तो अगर किसी बुनकर परिवार का इस सर्वेक्षण में नाम अभी तक दर्ज नहीं हुआ है, तो सबसे पहले इसे पूरा करवाना जरूरी होगा।
किन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी
- बुनकर फोटो पहचान पत्र, राज्य सरकार या भारत सरकार द्वारा जारी
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड, सफेद राशन कार्ड
- बैंक खाता पासबुक का पहला पेज, जिसमें खाता संख्या, IFSC कोड, MICR कोड और बैंक शाखा विवरण दिखे
- आवेदक का मोबाइल नंबर
सफेद राशन कार्ड यहां खासतौर पर मांगा गया है, जो आमतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर या गरीबी रेखा के करीब के परिवारों को जारी होता है। इससे लगता है कि ये योजना उन बुनकर परिवारों को प्राथमिकता देती है जिनकी आर्थिक स्थिति पहले से नाजुक है।
आवेदन कैसे करें
प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है, कोई ऑनलाइन पोर्टल इसमें शामिल नहीं।
हथकरघा बुनकर और परिवार के मुखिया को सभी जरूरी दस्तावेज़ों की फोटोकॉपी के साथ, यानी बुनकर फोटो ID कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक का पहला पेज और मोबाइल नंबर, सहायक निदेशक (हथकरघा और कपड़ा) को आवेदन जमा करना होता है।
यहां एक बात ध्यान देने वाली है, आवेदन “परिवार के मुखिया” के नाम पर जमा करने की बात कही गई है, यानी सिर्फ बुनकर अकेला आवेदन नहीं करता, बल्कि परिवार का प्रतिनिधित्व एक इकाई के तौर पर होता है।







