बरसात के मौसम में हथकरघा बुनकरों को मजदूरी का नुकसान, आंध्र प्रदेश सरकार देगी ₹4000 की राहत सहायता

On: August 15, 2026 4:32 PM

बरसात का मौसम आमतौर पर राहत लेकर आता है, लेकिन हथकरघा बुनकरों के लिए ये सीज़न मुश्किलों की शुरुआत होता है। करघों के गड्ढों में पानी भर जाना, नमी की वजह से धागा चिपकना, ये सब काम को बार बार रोकते हैं। आंध्र प्रदेश सरकार के हथकरघा और कपड़ा विभाग ने 2018 में इसी समस्या को हल करने के लिए एक स्कीम शुरू की, हथकरघा बुनकर परिवारों को मजदूरी मुआवजे की योजना।

योजना है क्या

मकसद सीधा है, बरसात के मौसम में प्रतिकूल मौसम की वजह से जो मजदूरी का नुकसान होता है, उसकी भरपाई करना। इस योजना के तहत निर्वाह भत्ते के रूप में हर बुनकर परिवार को राहत सहायता दी जाती है। ये योजना हथकरघा और वस्त्र निदेशक, आंध्र प्रदेश के जरिए लागू की जाती है।

बरसात में बुनकरों को जिन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, उन्हें भी साफ तौर पर पहचाना गया है, करघों के गड्ढों में पानी का रिसाव, नमी की वजह से वार्प यानी धागे की चिपचिपाहट, और करघों व कच्चे माल को नुकसान। इन्हीं वजहों से काम रुक रुक कर होता है, और यही इस योजना के पीछे की असली सोच है।

कितनी राहत सहायता मिलेगी

राशि की बात करें तो प्रति बुनकर परिवार साल में ₹4,000 की निर्वाह भत्ता सहायता दी जाती है। इसे दो महीने में बांटकर दिया जाता है, यानी ₹2,000 प्रति माह, दो महीने के लिए।

भुगतान का तरीका पारदर्शी है, पूरी राशि DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

कौन आवेदन कर सकता है

पात्रता की शर्तें ज्यादा जटिल नहीं।

  • आवेदक हथकरघा बुनकर हो, जो बुनाई, वारपिंग या साइजिंग जैसी संबद्ध गतिविधि में लगा हो
  • आवेदक आंध्र प्रदेश सरकार के “प्रजा साधिकारा सर्वेक्षण” के तहत नामांकित हो

दूसरी शर्त यहां खासतौर पर जरूरी है। प्रजा साधिकारा सर्वेक्षण में नामांकन न होने पर, चाहे व्यक्ति कितना भी अनुभवी बुनकर क्यों न हो, वो इस योजना के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। तो अगर किसी बुनकर परिवार का इस सर्वेक्षण में नाम अभी तक दर्ज नहीं हुआ है, तो सबसे पहले इसे पूरा करवाना जरूरी होगा।

किन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी

  1. बुनकर फोटो पहचान पत्र, राज्य सरकार या भारत सरकार द्वारा जारी
  2. आधार कार्ड
  3. राशन कार्ड, सफेद राशन कार्ड
  4. बैंक खाता पासबुक का पहला पेज, जिसमें खाता संख्या, IFSC कोड, MICR कोड और बैंक शाखा विवरण दिखे
  5. आवेदक का मोबाइल नंबर

सफेद राशन कार्ड यहां खासतौर पर मांगा गया है, जो आमतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर या गरीबी रेखा के करीब के परिवारों को जारी होता है। इससे लगता है कि ये योजना उन बुनकर परिवारों को प्राथमिकता देती है जिनकी आर्थिक स्थिति पहले से नाजुक है।

आवेदन कैसे करें

प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है, कोई ऑनलाइन पोर्टल इसमें शामिल नहीं।

हथकरघा बुनकर और परिवार के मुखिया को सभी जरूरी दस्तावेज़ों की फोटोकॉपी के साथ, यानी बुनकर फोटो ID कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक का पहला पेज और मोबाइल नंबर, सहायक निदेशक (हथकरघा और कपड़ा) को आवेदन जमा करना होता है।

यहां एक बात ध्यान देने वाली है, आवेदन “परिवार के मुखिया” के नाम पर जमा करने की बात कही गई है, यानी सिर्फ बुनकर अकेला आवेदन नहीं करता, बल्कि परिवार का प्रतिनिधित्व एक इकाई के तौर पर होता है।

स्रोत और संदर्भ:-

योजना दिशानिर्देश

आधिकारिक योजना जानकारी

FAQs:-

इस योजना के तहत मजदूरी क्षतिपूर्ति कितनी मिलती है?

पात्र बुनकर परिवार को ₹2,000 प्रति माह की दर से दो महीने के लिए सहायता दी जाती है। यानी साल में कुल ₹4,000 की राहत राशि मिलती है।

मजदूरी क्षतिपूर्ति योजना का लाभ कौन ले सकता है?

बुनाई, वारपिंग या साइजिंग के काम में लगे हथकरघा बुनकर, जो प्रजा साधिकारा सर्वेक्षण में नामांकित हैं, इस योजना के लिए पात्र हैं।

प्रजा साधिकारा सर्वेक्षण में नाम होना क्यों जरूरी है?

इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रजा साधिकारा सर्वेक्षण में नामांकन अनिवार्य है। इसके बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

बरसात के मौसम में खराब परिस्थितियों के कारण हथकरघा बुनकरों को होने वाले मजदूरी के नुकसान की भरपाई करना इस योजना का उद्देश्य है।

राहत राशि लाभार्थी को कैसे मिलती है?

योजना के तहत मिलने वाली सहायता DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होती है?

बुनकर फोटो ID, आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक के पहले पेज और मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।

सफेद राशन कार्ड की क्या भूमिका है?

सफेद राशन कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की पहचान के लिए जरूरी दस्तावेज के रूप में मांगा जाता है।

बरसात में हथकरघा बुनकरों की मजदूरी क्यों प्रभावित होती है?

करघे के गड्ढों में पानी भरने, नमी के कारण वार्प चिपकने तथा करघों और कच्चे माल को नुकसान पहुंचने से बुनकरों का काम प्रभावित होता है।

आवेदन कहां जमा करना होता है?

आवेदन सहायक निदेशक (हथकरघा एवं कपड़ा) के कार्यालय में जमा किया जाता है।

आवेदनों का सत्यापन कौन करता है?

उपलब्ध स्रोत में आवेदन सत्यापन की जिम्मेदारी किस अधिकारी की है, इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।

आवेदन और सिफारिश की समय सीमा क्या है?

उपलब्ध स्रोत में आवेदन और सिफारिश प्रक्रिया की निश्चित समय सीमा का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।

क्या हर साल इस योजना के तहत सहायता मिलती है?

स्रोत के अनुसार पात्र बुनकर परिवार को साल में एक बार कुल ₹4,000 की सहायता दी जाती है।

Vivek

Experience:
Covers the Indian Stock Market, IPOs, Mutual Funds, Corporate Announcements, and Business News.
3+ Years covering Indian Financial Markets.

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