
खेती-किसानी को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए अरुणाचल प्रदेश के कृषि विभाग ने एक बहुत ही काम की योजना शुरू की है’आत्मनिर्भर बागान योजना (ANPY)’। इस योजना का सीधा सा मकसद राज्य के अलग-अलग मौसम और मिट्टी के हिसाब से खाली या कम उपजाऊ जमीन पर व्यवस्थित तरीके से पेड़-पौधे (बागवानी) लगवाना है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसका फायदा सिर्फ अकेले खेती करने वाले किसानों को ही नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (SHG) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को भी मिल रहा है।
आखिर क्या है यह योजना और इसमें क्या मिलेगा?
इस योजना के जरिए सरकार किसानों और समूहों को अपनी जमीन पर सही तरीके से पेड़-पौधे लगाने के लिए हर संभव मदद दे रही है। इसका मतलब यह है कि आपको सिर्फ पैसा ही नहीं मिलेगा, बल्कि कई और चीजें भी मिलेंगी:
-तकनीकी जानकारी: कौन सा पौधा आपकी जमीन और मौसम के हिसाब से उगेगा और उसे कैसे लगाना है, इसकी पूरी ट्रेनिंग।
-जरूरी सामान: अच्छी क्वालिटी के पौधे (रोपण सामग्री) और बागवानी के लिए जरूरी चीजें।
-आर्थिक मदद: काम को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाने के लिए पैसों का सपोर्ट।
कौन उठा सकता है इस योजना का फायदा?
योजना को तीन हिस्सों में बांटा गया है और तीनों के लिए नियम थोड़े अलग हैं:
1. अकेले काम करने वाले (व्यक्तिगत) किसानों के लिए:
- आपको अरुणाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आपके पास खेती के लिए कम से कम आधा (0.50) हेक्टेयर से लेकर 25 हेक्टेयर तक अपनी जमीन होनी चाहिए।
- आप पर बैंक का कोई पुराना लोन बकाया (डिफॉल्टर) नहीं होना चाहिए।
- अगर आप किसी भी सरकारी नौकरी में हैं, तो आप यह फॉर्म नहीं भर सकते।
2. स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए:
- आपका SHG अरुणाचल प्रदेश का ही होना चाहिए।
- समूह के पास 1 हेक्टेयर से लेकर 50 हेक्टेयर तक जमीन होनी चाहिए।
- समूह का बैंक रिकॉर्ड एकदम साफ होना चाहिए।
- ध्यान रखें, सिलाई, बुनाई या हस्तशिल्प का काम करने वाले SHG इसके लिए अप्लाई नहीं कर सकते। सरकार की पहली पसंद वे समूह हैं जो सीधे तौर पर खेती-किसानी से जुड़े हैं।
3. किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के लिए:
- आपका FPO अरुणाचल प्रदेश में रजिस्टर्ड होना जरूरी है।
- आपके पास 5 हेक्टेयर से लेकर 50 हेक्टेयर तक जमीन होनी चाहिए।
- संगठन में कम से कम 100 मेंबर (शेयरधारक) होने ही चाहिए।
- आपको अपनी कंपनी की कम से कम एक ऑडिट की हुई बैलेंस शीट जमा करनी होगी।
- FPO के बोर्ड मेंबर या किसी भी सदस्य का बैंक रिकॉर्ड खराब (डिफॉल्टर) नहीं होना चाहिए।
फॉर्म भरने का सही तरीका (ऑनलाइन प्रक्रिया)
इस योजना का फॉर्म पहले ऑनलाइन भरा जाता है। आइए इसे आसान स्टेप्स में समझते हैं:
स्टेप 1: सबसे पहले ‘आत्मनिर्भर योजना पोर्टल’ की वेबसाइट पर जाएं। वहां “New User Registration” पर क्लिक करके “Login” का ऑप्शन चुनें।
स्टेप 2: इसके बाद “Register Here” वाले लिंक पर जाएं।
स्टेप 3: अब जो फॉर्म खुलेगा, उसमें अपना नाम, आधार नंबर, चालू ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर एकदम सही-सही भर दें।
स्टेप 4: अपनी पसंद का कोई भी पासवर्ड बनाएं। रजिस्ट्रेशन पूरा होते ही आपको एक ‘यूजर आईडी’ मिल जाएगी।
स्टेप 5: अब उसी नई यूजर आईडी और पासवर्ड से पोर्टल पर दोबारा लॉग-इन करें।
स्टेप 6: आपके सामने असली एप्लीकेशन फॉर्म आ जाएगा। इसे बहुत ध्यान से भरें।
स्टेप 7: अब अपने सारे जरूरी कागजात (जैसे फोटो, जाति प्रमाण पत्र, निवास और जमीन के कागज) स्कैन करके अपलोड करें।
स्टेप 8: सब कुछ एक बार अच्छे से चेक कर लें और फिर फॉर्म को “Submit” (जमा करें) कर दें। इसके बाद प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कुछ जरूरी कागजात दफ्तर में भी जमा करने पड़ सकते हैं।
फॉर्म के साथ कौन से कागज़ लगेंगे?
ऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले इन डॉक्युमेंट्स को अपने मोबाइल या कंप्यूटर में स्कैन करके रख लें ताकि बाद में परेशानी न हो:
- हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज़ फोटो
- आधार कार्ड और पैन कार्ड
- ST (अनुसूचित जनजाति) का सर्टिफिकेट
- पीआरसी (PRC) या मूल निवास प्रमाण पत्र
- जमीन के मालिकाना हक का पक्का सुबूत (जैसे- LPC, HGB, GB या फिर स्थानीय प्रशासन द्वारा साइन किया हुआ कोई भी जमीन का कागज)
- जमीन के नक्शे (स्केच मैप) की सर्टिफाइड कॉपी
- बैंक पासबुक के पहले पेज की साफ फोटोकॉपी
- अगर आप SHG या FPO हैं, तो आपके रजिस्ट्रेशन के कागज
- FPO के लिए ऑडिट की हुई बैलेंस शीट
एक छोटी सी सलाह: यह लिस्ट तीनों कैटेगरी (अकेले किसान, SHG, FPO) को मिलाकर बताई गई है। इसलिए फॉर्म भरने से पहले यह जरूर देख लें कि आपकी कैटेगरी के हिसाब से आपको कौन-कौन से कागजात अपलोड करने हैं।





