एक ही दिन में ₹4,800 गिरा सोना, Silver भी ₹5,300 टूटा ,खरीदें या रुकें?

On: June 25, 2026 5:33 PM

आज जो लोग सोना खरीदने के लिए ज्वेलर के पास गए थे उन्हें एक अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा। कीमत उनकी उम्मीद से बहुत कम थी , लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह खरीदारी का सही मौका था। दिल्ली में 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹4,800 गिरकर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चाँदी भी ₹5,300 टूटकर ₹2.55 लाख प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट कम ही देखने को मिलती है।


गिरावट क्यों आई , तीन बड़ी वजहें

पहली वजह है Federal Reserve का रुख। US Federal Reserve की FOMC meeting के नतीजों का इंतज़ार था और market में यह डर था कि Fed interest rates ऊँची बनाए रखेगा। जब rates ऊँची होती हैं तो gold जैसी non-yielding asset यानी जो कोई ब्याज नहीं देती उसकी माँग घट जाती है। Investors bonds में जाते हैं जो guaranteed return देते हैं।

Goldman Sachs ने 2026 के लिए अपना gold price target $5,400 से घटाकर $4,900 per troy ounce कर दिया है क्योंकि Fed के rate cuts की उम्मीद 2026 में बहुत कम रह गई है।

दूसरी वजह है Rupee की मज़बूती। जब Rupee dollar के मुकाबले थोड़ा मज़बूत होता है तो import होने वाले gold की domestic price कम हो जाती है। Dollar के मुकाबले Rupee में आई मज़बूती ने bullion prices पर directly असर डाला।

तीसरी वजह है Iran-US peace deal की progress। US-Iran के बीच interim peace deal की खबरों से safe haven demand कम हुई। जब दुनिया में tension कम लगती है तो लोग gold जैसे safe assets से निकलकर equity और other assets में जाते हैं। इस साल February में gold $5,589 के all-time high पर था जब Iran conflict चरम पर था। अब जब situation normalize हो रही है तो gold उसी premium से बाहर निकल रहा है।


MCX पर क्या हुआ?

Physical market के साथ MCX पर भी selling pressure रहा। MCX gold futures ₹1.47 से ₹1.48 लाख के आसपास आ गए और silver futures ₹6,800 से ₹8,000 तक टूटे। यह बताता है कि यह सिर्फ retail market की बात नहीं थी बल्कि institutional investors भी selling कर रहे थे।

Internationally spot gold $4,170 per ounce से भी नीचे फिसल गया और analysts ने चेताया कि अगर यही conditions बनी रहीं तो $4,000 per ounce का psychological level भी test हो सकता है।


कहाँ से इतनी ऊँचाई पर था Gold?

2026 में gold की कहानी बड़ी दिलचस्प रही है। January में gold $5,589 per ounce के all-time high पर पहुँचा था जो ऐतिहासिक स्तर था। उसके बाद से अब तक करीब 25% की गिरावट आ चुकी है।

इसके पीछे एक अजीब बात यह है कि जब geopolitical tension सबसे ज़्यादा था तब gold सबसे महंगा था और जब थोड़ी शांति आई तो gold गिर गया। यह exactly वही है जो होना चाहिए था , gold एक safe haven है और जब risk कम होता है तो उसकी demand कम होती है।

March 2026 में gold ने अपनी सबसे बड़ी weekly गिरावट 40 सालों में दर्ज की जब stock markets टूटे और institutional investors ने gold बेचकर cash जुटाया। यह याद दिलाता है कि emergency में gold सबसे पहले बिकता है।


Long Term में Gold का क्या होगा?

यहाँ एक interesting split है।

Short term में pressure बना हुआ है। Fed hawkish है, dollar मज़बूत है और Iran tension कम हो रही है। Goldman Sachs का revised target $4,900, JPMorgan का $5,000 और Morgan Stanley का $5,200 , ये सब current levels से ऊपर हैं लेकिन January के all-time high से काफी नीचे।

Central banks अभी भी gold खरीद रहे हैं। Q1 2026 में net 244 tonnes की खरीद हुई। China ने लगातार 18 महीनों से gold reserves बढ़ाए हैं और उनके पास अब 2,322 tonnes हैं। Poland भी अपना target 700 tonnes बनाए रखने पर काम कर रहा है। Central banks के इस रुख से long term में support मिलता रहेगा।

मेरे हिसाब से सबसे बड़ी बात यह है कि India में gold सिर्फ investment नहीं बल्कि sentiment से जुड़ा है। शादी का season आने पर demand बढ़ती है चाहे कीमत कुछ भी हो। उत्तर प्रदेश के किसी गाँव का किसान अगर अपनी बेटी की शादी के लिए gold खरीदने की plan कर रहा है तो वो Federal Reserve की policy देखकर नहीं खरीदता।


अलग अलग शहरों में कीमत क्यों अलग होती है?

Delhi, Mumbai, Chennai और Kolkata में gold की कीमतें थोड़ी अलग होती हैं। इसकी वजह है local taxes, transport costs और jeweller margins। Chennai में traditionally gold थोड़ा महंगा मिलता है। जो Delhi में ₹1.54 लाख है वही Chennai में ₹1.55 से ₹1.56 लाख हो सकता है।


तो क्या अभी खरीदना चाहिए?

Analysts का कहना है कि जो लोग एक बड़ी रकम एक बार में लगाना चाहते हैं उनके लिए SIP style यानी धीरे धीरे थोड़ा थोड़ा खरीदना ज़्यादा safe approach है। एक ही दिन में सब कुछ लगाने की बजाय अगले 3 से 4 महीनों में किस्तों में खरीदो तो average price बेहतर रहेगी।

Silver की बात करें तो ₹2.55 लाख per kg पर यह industrial demand की वजह से एक interesting level है। Silver सिर्फ jewellery के लिए नहीं बल्कि solar panels और EV batteries में भी बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होती है। India में solar expansion जिस गति से हो रहा है उसे देखते हुए silver की industrial demand long term में बढ़नी चाहिए।

₹4,800 की एक दिन की गिरावट सुनने में बड़ी लगती है लेकिन जब gold ₹1.54 लाख पर हो तो यह सिर्फ 3% की correction है। यह panic का कारण नहीं बल्कि सोचने का मौका है।

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