
पोर्ट ब्लेयर या अंडमान के किसी भी हिस्से में घूमने आने वाले सैलानी अक्सर होटल के बजाय किसी स्थानीय परिवार के साथ रहना पसंद करते हैं, असली अनुभव के लिए। पर्यटन निदेशालय, अंडमान और निकोबार प्रशासन ने इसी सोच के साथ बिस्तर और नाश्ता, यानी B&B, या होमस्टे स्थापना योजना शुरू की है। ये भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की अतुल्य भारत बिस्तर और नाश्ता योजना के दिशानिर्देशों पर आधारित है।
योजना है क्या
पूरी सोच के पीछे मकसद यही है कि विदेशी और घरेलू दोनों तरह के पर्यटकों को एक भारतीय परिवार के साथ रहकर स्थानीय रीति रिवाज, परंपरा और असली भारतीय खाना अनुभव करने का मौका मिले। सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक तरह का सांस्कृतिक अनुभव भी।
साथ ही ये पर्यटन स्थलों पर आवास की कमी को भी कुछ हद तक पूरा करने की कोशिश करता है, साफ सुथरा और किफायती विकल्प देकर। जो प्रतिष्ठान इस योजना में रजिस्टर होते हैं, उन्हें “अंडमान और निकोबार बिस्तर और नाश्ता होमस्टे प्रतिष्ठान” के तौर पर वर्गीकृत किया जाता है।
नाश्ते और शुल्क को लेकर क्या शर्तें हैं
चूंकि ये स्कीम बेड और ब्रेकफास्ट के मॉडल पर काम करती है, इसलिए दिए जाने वाले नाश्ते का प्रकार पहले से बताना जरूरी है। शुल्क भी साफ तौर पर दिखाना होता है, ताकि मेहमान को पहले से पता हो कि क्या मिलेगा और कितना खर्च आएगा। इससे बाद में होने वाले विवादों की गुंजाइश कम हो जाती है।
एक बार जब कोई प्रतिष्ठान वर्गीकरण या पुनर्वर्गीकरण के लिए आवेदन कर देता है, तो निरीक्षण के लिए हमेशा तैयार रहना पड़ता है। यहां एक सख्त नियम है, निरीक्षण टालने का कोई भी अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वर्गीकरण कितने समय तक वैध रहता है
वर्गीकरण मिलने के बाद ये तीन साल के लिए वैध रहता है, या फिर पुनर्वर्गीकरण की स्थिति में पिछले वर्गीकरण की समाप्ति तिथि से तीन साल तक। लेकिन एक शर्त है, नवीनीकरण के लिए आवेदन पिछले वर्गीकरण की समाप्ति से कम से कम तीन महीने पहले जमा करना जरूरी है, वरना समय पर रिन्यूअल नहीं हो पाएगा।
फीस कितनी लगेगी
फीस स्टार कैटेगरी के हिसाब से तय है।
| श्रेणी | वर्गीकरण/पुनर्वर्गीकरण शुल्क |
| सिल्वर | ₹1,000 |
| गोल्ड | ₹2,000 |
ये राशि डिमांड ड्राफ्ट के जरिए वरिष्ठ लेखा अधिकारी, IP&T निदेशालय, पोर्ट ब्लेयर के नाम भेजनी होती है।
कौन आवेदन कर सकता है
पात्रता की शर्तें ज्यादा जटिल नहीं। अंडमान और निकोबार में जिसके पास कोई संपत्ति हो और वो उसका कुछ हिस्सा मेहमानों को ठहराने के लिए इस्तेमाल करना चाहता हो, वो इस योजना के तहत रजिस्टर कर सकता है। यहां एक अच्छी बात, संपत्ति सिर्फ खुद के मालिकाना हक की ही होनी जरूरी नहीं, किराए पर ली गई या पट्टे पर ली गई संपत्ति भी चलेगी। योजना के लिहाज से “मालिक” शब्द इन दोनों ही तरह के लोगों को कवर करता है।
किन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी
- स्वामित्व या पट्टे का प्रमाण
- आवेदक का पहचान पत्र प्रमाण
- कमरों, रसोई और प्रवेश क्षेत्र की तस्वीरें
- अनापत्ति प्रमाणपत्र, अगर लागू हो
- शुल्क भुगतान की रसीद
इसके अलावा तीन जरूरी फॉर्म भी भरने होते हैं, अनुलग्नक I यानी आवेदन पत्र, अनुलग्नक II यानी सुविधाओं की चेकलिस्ट, और अनुलग्नक III यानी मालिक द्वारा दिया जाने वाला उपक्रम। ये सभी फॉर्म आधिकारिक अधिसूचना के पेज नंबर 4 से आगे मिल जाते हैं।
आवेदन कैसे करें
स्टेप 1 — निर्धारित आवेदन पत्र (अनुलग्नक I), सुविधाओं की चेकलिस्ट (अनुलग्नक II) और उपक्रम (अनुलग्नक III) भरना है।
स्टेप 2 — स्वामित्व/पट्टे का प्रमाण, पहचान पत्र, कमरों-रसोई-प्रवेश क्षेत्र की तस्वीरें और जरूरत हो तो अनापत्ति प्रमाणपत्र संलग्न करना है।
स्टेप 3 — लागू पंजीकरण/वर्गीकरण शुल्क का भुगतान करके रसीद भी आवेदन के साथ लगानी है।
स्टेप 4 — पूरा पैकेज निदेशक (पर्यटन), पर्यटन निदेशालय, अंडमान और निकोबार प्रशासन, पोर्ट ब्लेयर के पते पर भेजना है।
आवेदन जमा करने के बाद शुरुआती जांच होती है, उसके बाद वर्गीकरण समिति परिसर का भौतिक निरीक्षण करती है। निरीक्षण सफल होने पर वर्गीकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
एक जरूरी बात यहां दोबारा दोहरा दूं, नवीनीकरण को लेकर लापरवाही महंगी पड़ सकती है। अगर समाप्ति से तीन महीने पहले नवीनीकरण का आवेदन नहीं दिया गया, तो वैधता खत्म होने के बाद परेशानी हो सकती है, इसलिए ये तारीख याद रखना जरूरी है।





