
उम्र बढ़ने के साथ आंखों की रोशनी कमजोर पड़ना आम बात है, और चश्मे की जरूरत लगभग हर बुजुर्ग को किसी न किसी मोड़ पर पड़ती है। आंध्र प्रदेश दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक सहायता निगम ने इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक योजना शुरू की है, वरिष्ठ नागरिकों को चश्मा मंजूरी योजना, जो कार्य योजना 2017-18 के तहत लागू की गई थी।
योजना है क्या
मकसद सीधा है, वरिष्ठ नागरिकों को चश्मा उपलब्ध कराना। चश्मे का वितरण सहायक निदेशकों, विकलांग और वरिष्ठ नागरिक कल्याण विभाग, और जिला प्रबंधकों, AP दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक सहायता निगम के जरिए किया जाता है। यानी वितरण की जिम्मेदारी जिला स्तर पर तय अधिकारियों के पास है, कोई एक केंद्रीकृत सिस्टम नहीं।
कितनी मदद मिलेगी, आय के हिसाब से तीन कैटेगरी
यहां सबसे दिलचस्प हिस्सा यही है, चश्मे की लागत पूरी सरकार नहीं उठाती, बल्कि ये माता-पिता या अभिभावक की मासिक आय पर निर्भर करता है।
| श्रेणी | माता-पिता/अभिभावक की मासिक आय | कवरेज |
| श्रेणी I | ₹15,000 तक | पूरी लागत सरकार वहन करेगी |
| श्रेणी II | ₹15,001 से ₹20,000 | आधी लागत सरकार वहन करेगी |
| श्रेणी III | ₹20,000 से अधिक | पूरी लागत लाभार्थी को खुद वहन करनी होगी |
इस टेबल को ध्यान से देखिए, क्योंकि यहां एक दिलचस्प बात है। श्रेणी III में आने वाले लोगों को भी योजना के तहत आवेदन करने की इजाजत तो है, लेकिन उन्हें कोई आर्थिक फायदा नहीं मिलता, पूरा खर्च खुद उठाना पड़ता है। तो असली फायदा सिर्फ श्रेणी I और श्रेणी II वालों को ही होता है।
कौन आवेदन कर सकता है
पात्रता की शर्तें ज्यादा जटिल नहीं।
- आवेदक की उम्र 60 वर्ष या उससे ज्यादा हो
- आवेदक ने पहले इस योजना का लाभ न लिया हो
दूसरी शर्त पर गौर कीजिए, यहां साफ तौर पर बताया गया है कि पहले से लाभ ले चुके व्यक्ति दोबारा आवेदन नहीं कर सकते। हालांकि स्रोत में ये स्पष्ट नहीं है कि ये सीमा हमेशा के लिए है या किसी तय अवधि के बाद दोबारा आवेदन किया जा सकता है।
किन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी
- आय प्रमाण पत्र
- चिकित्सा अनुशंसा, जो सहायक सिविल सर्जन के पद से कम का न हो
- आधार कार्ड
- सेल या मोबाइल नंबर
चिकित्सा अनुशंसा यहां खासतौर पर जरूरी है, और इसमें एक तकनीकी शर्त है, ये सर्टिफिकेट सहायक सिविल सर्जन या उससे ऊपर के पद के डॉक्टर से ही लिया जाना चाहिए, इससे नीचे के किसी डॉक्टर की सिफारिश शायद मान्य न हो।
आवेदन कैसे करें
प्रक्रिया ऑनलाइन है और इसमें रजिस्ट्रेशन का एक अलग चरण भी शामिल है।
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर होम पेज पर “ऑनलाइन आवेदन” पर क्लिक करना है। इसके बाद “दिव्यांग योजनाओं के लिए आवेदन करने के लिए यहां क्लिक करें” श्रेणी चुननी है, फिर संबंधित योजना के नाम के सामने “ऑनलाइन आवेदन करें” पर क्लिक करके अपने पंजीकरण की पुष्टि करनी है।
अगर आवेदक पहले से पंजीकृत नहीं है, तो पंजीकरण के सवाल का जवाब “नहीं” देना है। फिर आधार के मुताबिक नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल ID भरनी है। इस आवेदन के लिए एक नया पासवर्ड बनाना है, और “रजिस्टर” पर क्लिक करते ही एक पंजीकरण संख्या मिल जाती है।
रजिस्ट्रेशन के बाद “लॉगिन करने के लिए यहां क्लिक करें” पर जाना है। इस बार “क्या आप पहले से पंजीकृत हैं” के सवाल का जवाब “हां” देना है, फिर ईमेल या मोबाइल नंबर और पासवर्ड डालकर “लॉगिन” पर क्लिक करना है। इसके बाद दोबारा “दिव्यांग योजनाओं के लिए आवेदन करने के लिए यहां क्लिक करें” श्रेणी चुननी है, व्यक्तिगत, रोजगार और विकलांगता से जुड़ी जानकारी भरनी है, और “जमा करें” पर क्लिक करना है।
यहां एक बात थोड़ी अजीब लग सकती है, चश्मे की योजना के लिए भी “दिव्यांग योजनाओं” वाली श्रेणी से ही आवेदन करना पड़ता है, क्योंकि पूरा पोर्टल सिस्टम इसी विभाग के तहत काम करता है।
संदर्भ (References):-
चश्मा वितरण योजना के दिशा निर्देश
AP दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक सहायता निगम का आधिकारिक पोर्टल







