मुख्यमंत्री कृषि ऋण योजना: किसानों को बिना ब्याज मिलेगा 3 लाख तक का लोन

On: September 7, 2026 2:13 PM

खेती-किसानी में कदम-कदम पर पैसों की जरूरत पड़ती है। बीज लाना हो, खाद डालनी हो या सिंचाई करनी हो, सब कुछ के लिए किसान को पहले अपनी जेब से पैसा लगाना पड़ता है। मजबूरी में अगर कर्ज लेना पड़ जाए, तो उस पर ब्याज का भारी बोझ अलग से लद जाता है। किसानों की इसी सबसे बड़ी परेशानी को दूर करने के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री कृषि ऋण योजना (CMKRY)’ की शुरुआत की है। इस स्कीम का सीधा सा फायदा यह है कि किसानों को फसल के लिए बिना ब्याज (जीरो इंट्रेस्ट) के लोन मिल जाता है।

आखिर क्या है यह योजना?

अरुणाचल प्रदेश सरकार की यह एक ऐसी खास पहल है, जो किसानों को शून्य ब्याज पर खेती के लिए लोन देती है। इस योजना के तहत सरकार 3 लाख रुपये तक के फसल ऋण या किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर 4 प्रतिशत की ब्याज छूट (सब्सिडी) दे रही है।

मजे की बात यह है कि यह छूट भारत सरकार की तरफ से पहले से मिल रही सब्सिडी के ऊपर से दी जाती है। नाबार्ड (NABARD) और रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के हिसाब से इसे लागू किया गया है। इसके अलावा, अगर कोई किसान अपना लिया हुआ छोटा लोन एक साल के अंदर ही चुका देता है, तो उसे 3 प्रतिशत की एक्स्ट्रा छूट मिल जाती है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि अगर आप 3 लाख रुपये तक का लोन लेते हैं और उसे समय पर लौटा देते हैं, तो आपको असल में एक भी पैसा ब्याज नहीं देना पड़ता।

इस पूरे सिस्टम में नाबार्ड बैंकों तक यह सब्सिडी पहुंचाता है। इसके लिए राज्य सरकार ने एक नियम भी बनाया है, जिसके तहत सर्कल ऑफिसर (CO) यह सर्टिफिकेट देता है कि किसान के पास कितनी जमीन है और वह कौन सी फसल उगा रहा है। इसी सर्टिफिकेट को दिखाकर बैंक आसानी से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बना देते हैं।

योजना की कुछ खास बातें

  • फसल लोन या KCC पर 3 लाख रुपये तक की लिमिट पर 4 प्रतिशत ब्याज की छूट मिलेगी।
  • किसान राज्य के किसी भी बैंक से इसी साल के अंदर यह लोन ले सकते हैं।
  • जो किसान समय पर अपना पैसा लौटाएंगे, उन्हें हर साल 3 प्रतिशत की अलग से ब्याज में छूट मिलेगी।
  • अगर आप ऐसी फसलें उगाते हैं जो सालों-साल चलती हैं (जैसे बागान या बारहमासी फसलें), तो उन पर यह छूट नहीं दी जाएगी।
  • किसानों को चुनने का काम जिला प्रशासन और बैंक मिलकर करेंगे।

योजना का असली मकसद

सरकार का सीधा सा लक्ष्य यही है कि किसानों को खेती के लिए पैसा जुटाने में ब्याज की टेंशन न रहे। बिना ब्याज का लोन मिलने से उन पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे अपना पूरा ध्यान अच्छी फसल उगाने पर लगा सकेंगे।

किसानों को क्या और कितना फायदा होगा

विवरणजानकारी
अधिकतम लोन/KCC लिमिट3 लाख रुपये
ब्याज पर छूट4 प्रतिशत
समय पर पैसा लौटाने पर अतिरिक्त छूट3 प्रतिशत सालाना
कितने किसानों को फायदा देने का लक्ष्य7,500
किन फसलों पर छूट नहीं मिलेगीबारहमासी और बागान वाली फसलें

इस साल राज्य के सभी किसानों को यह सुविधा उन सभी बैंकों से मिलेगी जहाँ से उन्हें KCC अप्रूव हुआ है। केंद्र सरकार की सब्सिडी के साथ 4 प्रतिशत की यह एक्स्ट्रा छूट किसानों का ब्याज का बोझ लगभग खत्म कर देती है। इससे किसान बैंकों से जुड़ेंगे और सही तरीके से लोन ले पाएंगे। सरकार ने इस योजना के तहत कुल 7,500 किसानों को जोड़ने का टारगेट रखा है, जिससे राज्य की खेती-किसानी को एक बड़ा बूस्ट मिलेगा।

किसे मिलेगा इस योजना का लाभ?

इस स्कीम का फॉर्म भरने के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं:

  • अरुणाचल प्रदेश के वे सभी किसान या किसानों के समूह, जो कम समय वाली (अल्पकालिक) फसलें उगाते हैं, वे इसके हकदार हैं।
  • जिन किसानों के पास पहले से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) है या जो कमर्शियल बैंकों, APRB और APSCAB लिमिटेड से खेती के लिए लोन ले रहे हैं, वे भी इसका फायदा उठा सकते हैं।
  • किसान का लोन चुकाने का पुराना रिकॉर्ड अच्छा होना चाहिए और उसे अपना ये नया लोन एक साल के अंदर चुकाना होगा।
  • यह स्कीम सिर्फ 3 लाख रुपये तक के लोन या KCC लिमिट के लिए ही लागू है।
  • बैंकों द्वारा मांगे गए जरूरी कागजात और नियम भी पूरे करने होंगे।
  • छोटे, सीमांत या बड़े,सभी तरह के किसान इसका फायदा ले सकते हैं।

किसे नहीं मिलेगा लाभ?

  • जो किसान सालों-साल चलने वाली (बारहमासी) फसलें या बागवानी करते हैं, उन्हें यह जीरो-ब्याज वाला लोन नहीं मिलेगा।
  • जो लोग असल में किसान नहीं हैं या खेती-बाड़ी से सीधे तौर पर नहीं जुड़े हैं, वे इस योजना का फॉर्म नहीं भर सकते।

आवेदन करने का सही तरीका क्या है?

इस योजना का फॉर्म ऑनलाइन नहीं भरा जाता, पूरी प्रक्रिया दफ्तर जाकर (ऑफलाइन) ही पूरी करनी होगी:

  1. सबसे पहले किसान को अपने इलाके के CO, EAC, BDO, SDO, ADC या DC ऑफिस से अपनी जमीन का सर्टिफिकेट (भूमि धारण प्रमाणपत्र) लेना होगा।
  2. यह लोन एप्लीकेशन सर्कल ऑफिसर के जरिए आगे बढ़ेगी, जो इस बात की मुहर लगाएगा कि आप ही जमीन के असली मालिक हैं।
  3. जिन किसानों के पास पहले से KCC है, उन्हें भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
  4. किसान किसी भी बैंक में जाकर इस योजना का फॉर्म भर सकते हैं।
  5. फॉर्म में मांगी गई सारी जानकारी एकदम सही-सही भरें।
  6. फॉर्म के साथ अपना पहचान पत्र, जमीन के कागजात और आय प्रमाण पत्र (जैसा बैंक मांगे) जरूर लगाएं।
  7. पूरा भरा हुआ फॉर्म और सारे कागजात बैंक में जमा कर दें।
  8. बैंक आपके फॉर्म और कागजातों की जांच करेगा और देखेगा कि आप इसके हकदार हैं या नहीं।
  9. फॉर्म पास होते ही लोन का पैसा सीधे किसान के बैंक खाते में आ जाएगा।

फॉर्म के साथ कौन से कागजात लगेंगे?

  1. गांव के मुखिया (GB) द्वारा दिया गया जमीन का सर्टिफिकेट।
  2. सर्कल ऑफिसर (CO) द्वारा जारी किया गया जमीन के रकबे और फसल का प्रमाण पत्र।
  3. आधार कार्ड से लिंक बैंक खाते की पूरी जानकारी (पासबुक की कॉपी)।
  4. आधार कार्ड।
  5. लोन के लिए बैंक द्वारा मांगे गए कुछ और जरूरी कागजात।

इसमें जमीन का सर्टिफिकेट और सर्कल ऑफिसर का प्रमाण पत्र सबसे ज्यादा जरूरी हैं। इसलिए, मेरी सलाह यही रहेगी कि बैंक जाने से पहले इन दोनों डॉक्युमेंट्स को पक्के तौर पर बनवा लें, ताकि आपका काम बिना अटके जल्दी से हो जाए।

स्रोत और संदर्भ:-

योजना से जुड़े दिशा निर्देश

आधिकारिक सरकारी अधिसूचना

भूमि प्रमाणपत्र से संबंधित जानकारी

FAQs:-

मुख्यमंत्री कृषि रिन्न योजना के लिए कौन पात्र है?
अरुणाचल प्रदेश में अल्पकालिक फसलों की खेती करने वाले किसान या किसान समूह, जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड है या जो पात्र बैंकों से फसल ऋण ले रहे हैं, योजना का लाभ ले सकते हैं।
इस योजना के तहत अधिकतम कितना ऋण मिल सकता है?
इस योजना के तहत अधिकतम ₹3 लाख तक के फसल ऋण पर लाभ दिया जाता है।
सरकार कितनी ब्याज सहायता देती है?
सरकार 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान देती है। समय पर ऋण चुकाने पर 3 प्रतिशत की अतिरिक्त राहत भी मिलती है।
शून्य ब्याज पर ऋण का लाभ कैसे मिलेगा?
₹3 लाख तक का पात्र ऋण लेकर उसे एक वर्ष के भीतर समय पर चुकाने पर शून्य ब्याज सुविधा का लाभ मिल सकता है।
किन फसलों पर इस योजना का लाभ नहीं मिलता है?
बारहमासी खाद्य फसलें और वृक्षारोपण से जुड़ी फसलें इस योजना के दायरे से बाहर रखी गई हैं।
क्या राज्य के सभी जिलों के किसान आवेदन कर सकते हैं?
हां, अरुणाचल प्रदेश के सभी जिलों के छोटे, सीमांत और बड़े किसान पात्रता की शर्तें पूरी करने पर लाभ ले सकते हैं।
क्या नाबार्ड योजना के कार्यान्वयन में शामिल है?
हां, नाबार्ड बैंकों को ब्याज अनुदान की प्रतिपूर्ति के लिए चैनल भागीदार की भूमिका निभाता है।

Vivek

Experience:
Covers the Indian Stock Market, IPOs, Mutual Funds, Corporate Announcements, and Business News.
3+ Years covering Indian Financial Markets.

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