
जब किसी बच्चे का एडमिशन इंजीनियरिंग या मेडिकल कॉलेज में होता है, तो पूरा परिवार खुशियां मनाता है। लेकिन अगले ही पल एक बड़ा सवाल सामने आ खड़ा होता है—इतनी भारी-भरकम फीस कहां से आएगी? मध्यमवर्गीय परिवारों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए असम सरकार के वित्त (लेखा परीक्षा और निधि) विभाग ने 2016-17 में ‘बिद्या लक्ष्मी ऋण योजना’ शुरू की थी। यह योजना खास तौर पर असम सरकार के पक्के (नियमित) कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाई गई है।
यह योजना काम कैसे करती है?
यह स्कीम ‘क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम’ (CLSS) के आधार पर काम करती है और इसे भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के जरिए चलाया जा रहा है। असम के हर जिले और सिविल उप-मंडल में SBI की कुछ खास शाखाएं (Branches) इसके लिए तय की गई हैं।
इस योजना में कर्मचारी अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए ₹5 लाख से लेकर ₹10 लाख तक का एजुकेशन लोन ले सकते हैं। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस पर ब्याज दर सिर्फ 4 प्रतिशत सालाना है, जो बाजार में मिलने वाले आम एजुकेशन लोन से बहुत कम है।
इसमें कई तरह के कोर्स शामिल हैं। भारत में रहकर इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट और डॉक्टरेट (PhD) जैसे प्रोफेशनल कोर्स तो हैं ही, विदेश जाकर पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए भी यह योजना खुली हुई है।
आय (सैलरी) के हिसाब से कितना लोन मिलेगा?
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि सरकार ने कर्मचारियों की आमदनी के हिसाब से उन्हें अलग-अलग फायदे दिए हैं:
जिनकी सालाना आय ₹4,50,000 से ज्यादा है: ऐसे कर्मचारी राज्य सरकार से मिलने वाली सब्सिडी के बाद 4 प्रतिशत ब्याज पर ₹10 लाख तक का लोन ले सकते हैं।
जिनकी सालाना आय ₹4,50,000 तक (या उससे कम) है: ऐसे कर्मचारियों को कोर्स पूरा होने और उसके एक साल बाद तक (मोहलत अवधि या Moratorium Period) पूरा 100 प्रतिशत ब्याज सरकार की तरफ से माफ रहता है (यानी उस दौरान कोई ब्याज नहीं लगता)। यह मोहलत खत्म होने के बाद उन पर भी 4 प्रतिशत ब्याज दर लागू होती है।
कम आय वाले परिवारों के लिए यह बहुत बड़ी मदद है, क्योंकि उन्हें पढ़ाई के शुरुआती सालों में ब्याज की कोई चिंता नहीं सताती।
सिर्फ फीस नहीं, और भी खर्चे होंगे कवर
अक्सर एजुकेशन लोन सिर्फ कॉलेज की ट्यूशन फीस के लिए मिलता है, लेकिन इस योजना में ऐसा नहीं है। यह लोन किताबें खरीदने, कंप्यूटर या लैपटॉप लेने, पढ़ाई से जुड़े उपकरण और विदेश जाने पर यात्रा के खर्च के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
एक और बड़ी राहत यह है कि ₹10 लाख तक के लोन के लिए आपको अपनी कोई प्रॉपर्टी (जमीन/मकान) गिरवी रखने (Collateral Security) या किसी थर्ड पार्टी गारंटी की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही, इनकम टैक्स की धारा 80(E) के तहत इस लोन पर टैक्स में भी छूट मिलती है।
पैसा कैसे और किसे मिलता है?
ध्यान रखें कि लोन का पैसा सीधे आपके या बच्चे के बैंक खाते में नहीं आता। बैंक यह पैसा सीधे कॉलेज या शिक्षण संस्थान के बैंक खाते में भेजता है। कॉलेज के फीस स्ट्रक्चर (Fees Structure) के हिसाब से यह पैसा एक साथ या किश्तों में दिया जाता है।
ब्याज हर महीने कटता है, लेकिन सब्सिडी का पैसा बाद में आपके खाते में वापस आ जाता है। सबसे जरूरी बात—साल के अंत में आपको एक ‘उपयोग प्रमाण पत्र’ (Utilization Certificate) देना होता है, जिससे यह साबित हो सके कि लोन का पैसा सिर्फ पढ़ाई पर ही खर्च हुआ है।
कौन कर सकता है आवेदन? (नियम और शर्तें)
माता-पिता (कर्मचारी) के लिए शर्तें:
- माता-पिता का असम सरकार में नियमित (Permanent) कर्मचारी होना जरूरी है।
- कर्मचारी की रिटायरमेंट (पेंशन योग्य सेवा) में कम से कम 5 साल का समय बचा होना चाहिए।
- लोन चुकाने (EMI कटवाने) के लिए कर्मचारी के पास एक सैलरी अकाउंट होना चाहिए, जिसमें चेक-ऑफ सुविधा (Check-off Facility) हो।
- लोन के फॉर्म में कर्मचारी और बच्चा, दोनों का नाम साथ में (सह-उधारकर्ता/Co-borrower के तौर पर) होना जरूरी है।
बच्चे (छात्र) के लिए शर्तें:
- बच्चे का दाखिला किसी ऐसे कॉलेज/यूनिवर्सिटी में होना चाहिए, जो UGC, AICTE या असम सरकार से मान्यता प्राप्त हो। (या फिर देश/विदेश का कोई प्रमुख संस्थान)।
- भारत में स्वीकृत कोर्सेज में इंजीनियरिंग, मेडिकल, एग्रीकल्चर, वेटरनरी साइंस, लॉ, डेंटिस्ट्री, मैनेजमेंट, CA, ICWA, MCA, MS, और PhD जैसे कोर्सेज शामिल हैं।
- विदेश में पढ़ाई के लिए CIMA (लंदन) या CPA (USA) जैसे नामी संस्थानों के कोर्स भी मान्य हैं।
फॉर्म के साथ कौन से कागज़ लगेंगे?
छात्र (बच्चे) के दस्तावेज़:
- 3 पासपोर्ट साइज़ फोटो, पैन कार्ड और पते का सुबूत (आधार, बिजली बिल आदि)।
- 10वीं के बाद की सभी मार्कशीट और सर्टिफिकेट।
- कॉलेज से मिला ‘बोनाफाइड सर्टिफिकेट’, कोर्स की डिटेल और AICTE/UGC मान्यता की कॉपी।
- कॉलेज के लेटरहेड पर फीस स्ट्रक्चर की पूरी जानकारी।
- JEE या PMT जैसे एंट्रेंस एग्जाम की स्कोर शीट।
- विदेश जा रहे हैं तो—पासपोर्ट और कॉलेज का ऑफर लेटर।
माता-पिता (कर्मचारी) के दस्तावेज़:
- 3 पासपोर्ट साइज़ फोटो, पैन कार्ड और पते का सुबूत।
- बैंक पासबुक या 6 महीने का स्टेटमेंट।
- फॉर्म-16, ITR की कॉपी या आय प्रमाण पत्र।
आवेदन कैसे करें? (पूरी प्रक्रिया)
इस योजना का फॉर्म ऑनलाइन नहीं भरा जाता, आपको ऑफलाइन तरीका ही अपनाना होगा:
स्टेप 1 — सबसे पहले योजना के तय आवेदन पत्र (Application Form) का प्रिंट आउट लें।
स्टेप 2 — फॉर्म को सही-सही भरें और ऊपर बताए गए सभी जरूरी कागजातों की सेल्फ-अटेस्टेड (स्वयं साइन की हुई) फोटोकॉपी लगा दें।
स्टेप 3 — फॉर्म और कागजातों के साथ-साथ आपको अपनी सैलरी से EMI कटवाने का एक लिखित सहमति पत्र (वचन पत्र) भी लगाना होगा।
स्टेप 4 — यह पूरा सेट तैयार करके आपको अपने दफ्तर के DDO (आहरण और संवितरण अधिकारी) के पास जमा करना होगा।
स्टेप 5 — आपका DDO इस पूरी फाइल को जांचकर आपके जिले की उस तय SBI शाखा में भेज देगा, जो यह लोन दे रही है।
इसके बाद बैंक आपकी फाइल की जांच करेगा और सब कुछ सही होने पर लोन पास करके पैसा सीधे कॉलेज को भेज देगा। जब आपकी EMI कटने का समय आएगा, तो SBI आपके सैलरी खाते से खुद ही हर महीने किस्त काट लेगा।





