आत्मनिर्भर बागवानी योजना: बागवानी के लिए 45 प्रतिशत सब्सिडी और बिना गारंटी लोन

On: September 8, 2026 9:42 AM

अरुणाचल प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने “आत्मनिर्भर बागवानी योजना” शुरू की है। यह एक व्यापक योजना है जिसमें सरकार, बैंक, परियोजना सलाहकार और प्रगतिशील किसान ,सभी की भागीदारी होती है, और इसे बैंक से जुड़ी ऋण सब्सिडी योजना के तहत समयबद्ध तरीके से लागू किया जाता है।

योजना क्या है?

इस योजना के तहत लाभार्थी को तीन हिस्सों में वित्तीय सहायता मिलती है , अरुणाचल प्रदेश सरकार से 45 प्रतिशत सब्सिडी, 45 प्रतिशत बैंक वित्त, और बाकी 10 प्रतिशत लाभार्थी को खुद अपनी तरफ से देना होता है। यह योजना मूल रूप से सेब, अखरोट, संतरा, कीवी और पर्सिमन जैसे फलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।

बैंक ऋण प्राप्त करने के लिए योजना में जिन घटकों को शामिल किया गया है, उनमें सुपारी, अनानास, एवोकाडो, ड्रैगन फ्रूट, नारंगी, केला और अमरूद जैसी फसलें, साथ ही ट्रैक्टर, पावर टिलर और ब्रश कटर जैसे उपकरण भी आते हैं। यानी योजना सिर्फ पौधरोपण तक सीमित नहीं, बल्कि खेती में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी तक भी इसका दायरा फैला हुआ है।

योजना के तहत मिलने वाले लाभ

विवरणजानकारी
सरकारी सब्सिडी45 प्रतिशत
बैंक ऋण45 प्रतिशत
लाभार्थी का योगदान10 प्रतिशत
बिना गारंटी ऋण सीमा (व्यक्तिगत)1.60 लाख रुपये तक
बिना गारंटी ऋण सीमा (SHG के लिए)10 लाख रुपये तक
ऋण देने वाले बैंकभारतीय स्टेट बैंक, अरुणाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक, अरुणाचल प्रदेश सहकारी शीर्ष बैंक

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि छोटे किसानों को 1.60 लाख रुपये तक के ऋण के लिए कोई संपार्श्विक (कोलैटरल) नहीं देना पड़ता। वहीं स्वयं सहायता समूह (SHG) के लिए यह सीमा और बड़ी है , 10 लाख रुपये तक के ऋण पर भी कोई गारंटी नहीं मांगी जाती। इससे ऊपर की राशि के लिए लाभार्थी को भूमि या संपत्ति के रूप में संपार्श्विक प्रतिभूति देनी होती है।

किन लोगों को मिलेगा लाभ?

आवेदक का अरुणाचल प्रदेश का निवासी और किसान होना जरूरी है। योजना का ढांचा इस तरह बनाया गया है कि व्यक्तिगत किसानों के साथ-साथ SHG और FPO (किसान उत्पादक संगठन) भी इसका लाभ उठा सकें।

आवेदन प्रक्रिया कैसे होगी?

आवेदन पूरी तरह ऑफलाइन तरीके से होता है:

  1. इच्छुक किसान, SHG या FPO को अपना विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र तैयार करना होगा
  2. आवेदन पत्र के साथ एक स्व-सत्यापित पासपोर्ट साइज तस्वीर संलग्न करनी होगी
  3. यह प्रस्ताव संबंधित सर्कल के बागवानी विकास कार्यालय में, कार्यालय के कामकाजी घंटों के दौरान जमा करना होगा

आवेदन फॉर्म आधिकारिक तौर पर यहां उपलब्ध है: आवेदन पत्र डाउनलोड करें

आवश्यक दस्तावेज़

  1. आधार कार्ड
  2. वोटर कार्ड
  3. आवासीय प्रमाणपत्र
  4. एक वैध बैंक खाता

संदर्भ :-

योजना के आधिकारिक दिशा-निर्देश

FAQs:-

आत्मनिर्भर बागवानी योजना (ANBY) क्या है?

यह अरुणाचल प्रदेश सरकार की योजना है, जिसके जरिए किसानों को बागवानी गतिविधियों के लिए सब्सिडी और बैंक ऋण की सुविधा दी जाती है।

ANBY योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

अरुणाचल प्रदेश के पात्र किसान, स्वयं सहायता समूह यानी SHG और किसान उत्पादक संगठन यानी FPO इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

योजना में सब्सिडी और वित्त की व्यवस्था क्या है?

परियोजना लागत में 45 प्रतिशत सरकारी सब्सिडी, 45 प्रतिशत बैंक वित्त और बाकी 10 प्रतिशत हिस्सा लाभार्थी को देना होता है।

क्या बैंक ऋण के लिए संपार्श्विक देना जरूरी है?

व्यक्तिगत किसानों को ₹1.60 लाख तक और SHG को ₹10 लाख तक के निर्धारित ऋण के लिए संपार्श्विक देने की आवश्यकता नहीं होती।

इस योजना में कौन से बैंक शामिल हैं?

भारतीय स्टेट बैंक, अरुणाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक और अरुणाचल प्रदेश सहकारी शीर्ष बैंक योजना के तहत भाग लेने वाले बैंकों में शामिल हैं।

ANBY के तहत कौन सी फसलें और उपकरण शामिल हैं?

योजना में सुपारी, अनानास, एवोकाडो, ड्रैगन फ्रूट, संतरा, केला और अमरूद जैसी बागवानी फसलें शामिल हैं। इसके अलावा ट्रैक्टर, पावर टिलर और ब्रश कटर जैसे उपकरणों को भी शामिल किया गया है।

आत्मनिर्भर बागवानी योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

आवेदन पत्र भरने के बाद पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उसे संबंधित सर्कल के बागवानी विकास कार्यालय में जमा करना होता है।

क्या SHG और FPO भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं?

हां, व्यक्तिगत किसानों के अलावा पात्र SHG और FPO को भी योजना के तहत आवेदन करने की अनुमति है।

Vivek

Experience:
Covers the Indian Stock Market, IPOs, Mutual Funds, Corporate Announcements, and Business News.
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