असम के बुनकरों के लिए खुशखबरी: अब बिचौलियों का झंझट खत्म, सरकार खुद खरीदेगी आपका माल

On: September 10, 2026 3:46 PM

दिन-रात हैंडलूम पर पसीना बहाकर कपड़े बुनने वालों की हमेशा से एक ही शिकायत रहती है। मेहनत वो करते हैं, लेकिन कमाई का एक बड़ा हिस्सा बीच के दलाल और बिचौलिये खा जाते हैं। असम सरकार ने बुनकरों की इस पुरानी तकलीफ को जड़ से खत्म करने का फैसला कर लिया है।

‘स्वनिर्भर नारी’ नाम से एक नई योजना शुरू की गई है। इस योजना का सीधा सा फायदा यह है कि अब सरकार बिना किसी दलाल के सीधे आपसे आपके बुने हुए कपड़े खरीदेगी। यानी आपकी मेहनत का पूरा पैसा सीधे आपकी जेब में आएगा।

योजना क्या है और यह काम कैसे करेगी?

सरकार की कोशिश है कि असम की पुश्तैनी बुनाई कला को बचाया जाए और बुनकरों की आर्थिक हालत सुधारी जाए। इसके लिए swanirbharnaari.assam.gov.in नाम का एक खास वेब पोर्टल बनाया गया है, जहां आप अपना नाम रजिस्टर कर सकते हैं।

पर एक बात का ध्यान रखें, यह सिर्फ कंप्यूटर पर फॉर्म भर देने भर का काम नहीं है। जब आप अपना नाम रजिस्टर करेंगे, तो वह सीधे आपके आधार कार्ड से लिंक हो जाएगा। इसके बाद सरकारी टीम खुद आपके घर या कारखाने आकर देखेगी कि आप वाकई बुनाई का काम करते हैं या नहीं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि योजना का पैसा किसी गलत आदमी या फर्जी संस्था के हाथ न लग जाए। असली बुनकर को ही इसका पूरा फायदा मिलना चाहिए।

बुनकरों को होने वाले सीधे फायदे

सबसे बड़ी राहत तो यही है कि आपको माल बेचने के लिए दलालों की खुशामद नहीं करनी पड़ेगी। जब सरकार खुद कपड़े लेगी और पैसा सीधे आपके बैंक खाते में भेजेगी, तो आपको अपनी मेहनत की सही कीमत मिलेगी।

इसके अलावा, सरकार आपके बुने हुए कपड़ों को बड़े-बड़े शोरूम और ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर भी बेचेगी। इससे असम के कपड़ों की मांग पूरी दुनिया में बढ़ेगी। अगर आप आज भी पुरानी तकनीक से काम कर रहे हैं, तो आपके हुनर को और निखारने के लिए सरकार ट्रेनिंग भी देगी। साथ ही आपको एक पक्का सर्टिफिकेट मिलेगा, जिससे आप नए तरीके सीखकर कम समय में ज्यादा और बढ़िया माल तैयार कर सकेंगे।

कौन कर सकता है आवेदन?

अगर आप असम के स्थायी निवासी हैं और आपके घर में कम से कम एक हैंडलूम (हथकरघा) लगा हुआ है, तो आप बेझिझक अप्लाई कर सकते हैं। बस आपका बैंक खाता ‘कोर बैंकिंग’ (CBS) सुविधा वाला होना चाहिए, ताकि सीधे पैसे ट्रांसफर होने में कोई रुकावट न आए। जो लोग असम के बाहर के हैं या जिनके पास अपना हथकरघा नहीं है, वे इसका फायदा नहीं ले सकते।

फॉर्म भरने से पहले पास रख लें ये जरूरी कागजात

कंप्यूटर या मोबाइल पर फॉर्म भरने से पहले इन दस्तावेजों की फोटोकॉपी अपने पास जरूर रख लें:

  1. असम का स्थायी निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल)
  2. घर में हथकरघा होने का कोई पक्का सबूत
  3. बैंक पासबुक की साफ फोटोकॉपी (खाता CBS सुविधा वाला होना चाहिए)
  4. हथकरघा विभाग से मिली सूत या धागे की पासबुक (अगर आपके पास बनी हुई है तो)

पैसे खाते में आने तक का पूरा प्रोसेस

फॉर्म भरने से लेकर बैंक खाते में पैसे आने तक का काम बहुत ही पारदर्शी रखा गया है। यह पूरी प्रक्रिया इन तीन स्टेप्स में पूरी होती है:

स्टेप 1 (रजिस्ट्रेशन): सबसे पहले आपको ‘आत्मनिर्भर नारी’ वेबसाइट पर जाना है। वहां अपनी सही-सही डिटेल भरनी है और ऊपर बताए गए सारे जरूरी कागज अपलोड कर देने हैं।

स्टेप 2 (जांच-पड़ताल और मंजूरी): रजिस्ट्रेशन होने के बाद सरकारी अधिकारी आपके घर आकर सब कुछ चेक करेंगे। जब उन्हें तसल्ली हो जाएगी कि आप असली बुनकर हैं और आपकी दी गई जानकारी सही है, तो वे अपनी तरफ से पोर्टल पर आपका फॉर्म पास कर देंगे।

स्टेप 3 (खरीद और सीधा पेमेंट): फॉर्म पास होते ही आपका काम आसान हो जाएगा। अब आप अपना तैयार माल सरकार को दे सकते हैं। सरकार की एक खास कमेटी आपके कपड़ों की क्वालिटी देखकर सही रेट तय करेगी। जिस दिन आपका सौदा पक्का होगा, उसके ठीक चार दिनों के अंदर सारा पैसा आपके बैंक खाते में जमा हो जाएगा। कोई बीच का आदमी नहीं, कोई फालतू की देरी नहीं!

संदर्भ (References):-

सरकारी दिशानिर्देश

FAQs:-

स्वनिर्भर नारी योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

असम का निवासी बुनकर, जिसके घर में कम से कम एक हथकरघा हो और CBS वाला वैध बैंक खाता हो।

स्वनिर्भर नारी योजना में पंजीकरण कैसे करें?

लाभार्थी के रूप में पंजीकरण के लिए swanirbharnaari.assam.gov.in पोर्टल पर जाना होता है।

क्या पंजीकरण के लिए भौतिक सत्यापन जरूरी है?

हां, विभागीय अधिकारी प्रत्येक बुनकर का भौतिक क्षेत्र सत्यापन करते हैं।

उत्पाद खरीदने के बाद भुगतान कितने समय में मिलता है?

सफल खरीद के चार दिनों के भीतर ऑनलाइन भुगतान कर दिया जाता है।

क्या असम के बाहर रहने वाले बुनकर इस योजना का लाभ ले सकते हैं?

नहीं, असम के अनिवासी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

ARTFED और AGMC लिमिटेड की योजना में क्या भूमिका है?

दोनों खरीद समिति का हिस्सा हैं। समिति उत्पादों की जांच करने के बाद उनकी कीमत तय करती है।

क्या सूत पासबुक के बिना बुनकर पंजीकरण कर सकते हैं?

हां, सूत पासबुक उपलब्ध न होने पर भी पंजीकरण किया जा सकता है। हालांकि, पासबुक उपलब्ध होने पर उसे जमा करना बेहतर है।

क्या बेचे जाने वाले उत्पादों की संख्या की कोई सीमा है?

उपलब्ध स्रोत में उत्पादों की संख्या की कोई स्पष्ट सीमा नहीं बताई गई है।

क्या पंजीकरण या योजना में भाग लेने के लिए कोई शुल्क देना होता है?

उपलब्ध स्रोत में किसी शुल्क का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।

Vivek

Experience:
Covers the Indian Stock Market, IPOs, Mutual Funds, Corporate Announcements, and Business News.
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