
अपना एक घर हो, यह सपना हम सब देखते हैं। लेकिन जब होम लोन पर लगने वाले भारी-भरकम ब्याज के बारे में सोचते हैं, तो कई बार कदम पीछे खींचने पड़ते हैं। असम सरकार ने अपने कर्मचारियों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए ‘अपुन घर’ नाम से एक बेहद खास योजना शुरू की है। इस स्कीम के जरिए राज्य सरकार के पक्के (नियमित) कर्मचारियों को नया घर या फ्लैट खरीदने, घर बनवाने, पुराना घर खरीदने या फिर किसी दूसरे बैंक के होम लोन को इसमें ट्रांसफर करने के लिए बहुत कम ब्याज पर लोन मिलता है।
क्या है यह ‘अपुन घर’ योजना?
सीधे शब्दों में कहें तो, असम सरकार अपने कर्मचारियों को होम लोन के ब्याज पर 3.5 प्रतिशत की भारी छूट (सब्सिडी) दे रही है। इस छूट के बाद असल में महिलाओं को सिर्फ 5 प्रतिशत और पुरुषों को 5.05 प्रतिशत की दर से ब्याज चुकाना पड़ता है। आज के समय में जब बाजार में होम लोन की ब्याज दरें काफी ऊंची हैं, यह दर बहुत ही कम और राहत देने वाली है।
यह सब्सिडी का पैसा सीधे आपके सैलरी अकाउंट में जमा हो जाता है और वहीं से होम लोन की ईएमआई (EMI) कट जाती है।
रिटायरमेंट के बाद भी EMI चुकाने की सहूलियत
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि रिटायरमेंट के बाद भी लोन चुकाने का रास्ता खुला रखा गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ मिलकर सरकार ने यह तय किया है कि पेंशन पाने वाले कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद 70 साल की उम्र तक अपनी EMI चुका सकते हैं।
बस शर्त इतनी है कि आपका पेंशन खाता भी SBI में ही होना चाहिए। बैंक ने इसे बहुत समझदारी से डिजाइन किया है, जब आप नौकरी में होंगे तब EMI ज्यादा कटेगी और रिटायरमेंट के बाद जब आमदनी कम हो जाएगी, तो EMI की रकम भी कम कर दी जाएगी।
इस योजना में और क्या-क्या फायदे हैं?
इस स्कीम में 15 लाख रुपये तक का लोन रियायती ब्याज दर (5% या 5.05%) पर मिलता है। अगर आपको इससे ज्यादा लोन की जरूरत है, तो आप ले सकते हैं, लेकिन 15 लाख से ऊपर की रकम पर आम ब्याज दर ही लागू होगी।
एक और बड़ी राहत यह है कि 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए आपको कोई प्रॉपर्टी (जमीन/मकान) गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही, आपके खरीदे या बनाए गए घर का आग, बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए पूरा बीमा भी किया जाता है।
अगर आपके परिवार के करीबी रिश्तेदार (जैसे पति-पत्नी) भी असम सरकार में कर्मचारी हैं, तो आप दोनों मिलकर भी लोन ले सकते हैं। इससे आपको ज्यादा लोन मिल सकेगा।
कौन ले सकता है इसका लाभ?
यह योजना सिर्फ असम सरकार के पक्के कर्मचारियों के लिए है, जिनकी नौकरी के अभी कम से कम 5 साल बचे हों। पूरे सेवाकाल में आप सिर्फ एक बार ही इस योजना का फायदा उठा सकते हैं।
लोन लेने के लिए कम से कम उम्र 21 साल होनी चाहिए। अगर आप पेंशन वाले कर्मचारी हैं तो अधिकतम 70 साल तक, और अगर पेंशन नहीं मिलती तो 60 साल तक ही लोन चुकाने का समय मिलेगा।
ध्यान दें: आप अपने माता-पिता, पति/पत्नी या बच्चों जैसे करीबी रिश्तेदारों से कोई पुश्तैनी जमीन या प्लॉट नहीं खरीद सकते। ऐसे मामलों में यह लोन पास नहीं होगा।
फॉर्म भरने के लिए तैयार रखें ये कागजात
इस योजना का फायदा उठाने के लिए आपको इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी:
- आपकी पासपोर्ट साइज़ फोटो (5 कॉपी)
- पहचान का प्रमाण (पैन कार्ड, वोटर आईडी या ऑफिस का आईडी कार्ड)
- पते का सुबूत (बिजली या लैंडलाइन का बिल जो 2 महीने से पुराना न हो, पासपोर्ट या SBI की पासबुक)
- पिछले 2 सालों का फॉर्म-16
- आपके DDO (आहरण और संवितरण अधिकारी) द्वारा प्रमाणित आपकी लेटेस्ट सैलरी स्लिप
- अगर आपका सैलरी खाता SBI में नहीं है, तो पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट और वहां से ‘नो ड्यूज’ (कोई बकाया नहीं) सर्टिफिकेट
- आपकी संपत्ति और देनदारियों (Assets and Liabilities) का ब्योरा बैंक के फॉर्मेट में
- आप जो जमीन या घर खरीद रहे हैं, उसके कागज (जैसे जमाबंदी की कॉपी)
कैसे होता है आवेदन का पूरा काम?
यह काम सीधे बैंक में जाकर नहीं, बल्कि आपके ऑफिस के जरिए होता है।
सबसे पहले आपको अपने दफ्तर के DDO के पास जाकर इस योजना का फॉर्म भरना होगा। DDO आपकी सैलरी, कटौतियां, रिटायरमेंट की तारीख और बाकी जानकारी की जांच करेगा। इसके बाद वह इस फॉर्म को SBI की एक खास टीम के पास भेजेगा, जो सिर्फ ‘अपुन घर’ योजना का काम देखती है।
SBI की यह टीम फाइल की जांच करेगी। सब कुछ सही होने पर आपका लोन मंजूर हो जाएगा। इसके बाद फाइल आपकी पसंद की SBI ब्रांच (जहां आप घर ले रहे हैं या जहां आपकी पोस्टिंग है) में भेज दी जाएगी, ताकि आपको पैसे मिल सकें। कर्मचारियों की सुविधा के लिए बैंक ने शिकायतें सुनने के लिए एक अलग हेल्पडेस्क भी बनाया है।





