
बिजली का बिल कम आए, ये हर घर की चाहत होती है। लेकिन अंडमान और निकोबार प्रशासन ने इस चाहत को एक कदम आगे बढ़ाकर एक प्रतियोगिता जैसा रूप दे दिया है। बिजली विभाग ने 2018 में एक स्कीम शुरू की थी, जिसका नाम है अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में विभिन्न श्रेणियों के तहत बिजली उपभोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन योजना, जिसके तहत सबसे ज्यादा बिजली बचाने वाले उपभोक्ताओं को नकद इनाम मिलता है।
योजना है क्या
मकसद सीधा है, बिजली उपभोक्ताओं के बीच ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना और हरित ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करना। जो उपभोक्ता महत्वपूर्ण मात्रा में बिजली बचाते हैं, उन्हें ₹15,000 से लेकर ₹75,000 तक का मौद्रिक इनाम दिया जाता है। योजना में घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक, तीनों तरह के उपभोक्ता शामिल हो सकते हैं, बशर्ते उनके मीटर ठीक से काम कर रहे हों और बिल भुगतान अपडेटेड हो।
पूरी योजना को बिजली विभाग एक मूल्यांकन समिति के जरिए लागू करता है, जिसकी अध्यक्षता आयुक्त-सह-सचिव (बिजली) करते हैं। यानी सिर्फ मीटर रीडिंग देखकर फैसला नहीं होता, एक तय समिति इसका मूल्यांकन करती है।
कितना इनाम मिलेगा
इनाम की राशि उपभोक्ता की श्रेणी और तरीके के हिसाब से अलग अलग तय है।
| श्रेणी | पहला पुरस्कार | दूसरा पुरस्कार | तीसरा पुरस्कार |
| घरेलू (हरित ऊर्जा और ऊर्जा संरक्षण) | ₹75,000 | ₹50,000 | ₹30,000 |
| घरेलू (सिर्फ ऊर्जा संरक्षण) | ₹50,000 | ₹30,000 | ₹15,000 |
| वाणिज्यिक | ₹75,000 | ₹50,000 | ₹30,000 |
| औद्योगिक | ₹75,000 | ₹50,000 | ₹30,000 |
यहां एक फर्क समझ लीजिए, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दो अलग कैटेगरी हैं। जिन लोगों ने सोलर वाटर हीटर, रूफटॉप सोलर या ग्राउंड माउंटेड सोलर जैसी हरित ऊर्जा तकनीक अपनाई है और साथ में ऊर्जा भी बचाई है, उनके लिए राशि ज्यादा है। सिर्फ सामान्य तरीके से बिजली बचाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राशि थोड़ी कम रखी गई है। मतलब हरित ऊर्जा अपनाने को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलता है।
कौन इसके लिए पात्र है
पात्रता की शर्तें इस प्रकार हैं।
- जिन उपभोक्ताओं ने घरेलू जरूरतों के लिए सोलर वाटर हीटिंग, रूफटॉप सोलर या ग्राउंड माउंटेड सोलर लगाया हो, उन्हें हरित ऊर्जा श्रेणी में गिना जाएगा
- उपभोक्ता का बिजली मीटर चालू स्थिति में हो
- बचत की गणना पिछले तीन महीनों की औसत खपत के आधार पर होगी
- अब तक का बिजली बिल भुगतान किया हुआ हो
- मीटर का स्वामित्व लाभार्थी के नाम पर हो, और मूल्यांकन के वक्त बुलाए जाने पर उपस्थित रहना जरूरी हो
- न्यूनतम ऊर्जा बचत 30 प्रतिशत से ज्यादा होनी चाहिए
- सबसे ज्यादा बचत करने वाला उपभोक्ता ही इनाम के लिए पात्र होगा
30 प्रतिशत की न्यूनतम बचत वाली शर्त पर खासतौर पर ध्यान दीजिए, ये कोई छोटी सीमा नहीं है। अगर बचत इससे कम है, तो कितनी भी कोशिश की हो, इनाम के लिए विचार नहीं किया जाएगा।
एक दिलचस्प नियम भी है, अगर दो उपभोक्ताओं की बचत का प्रतिशत बिल्कुल बराबर निकले, जैसे दोनों की 40 प्रतिशत बचत हो, तो विजेता का फैसला लॉटरी यानी लॉट निकालकर किया जाएगा। यानी टाई की स्थिति में किस्मत भी एक फैक्टर बन जाती है।
कौन इसमें शामिल नहीं हो सकता
कुछ स्थितियों में उपभोक्ता इस योजना से बाहर हो जाते हैं।
- जिनका मीटर बंद हो या उसके साथ छेड़छाड़ की गई हो
- जो औसत आधार पर बिल भरते हैं, यानी एक्चुअल रीडिंग की बजाय अनुमानित बिलिंग होती हो
- जिनका बकाया बिल है
- जिनका कनेक्शन मूल्यांकन के महीने में काट दिया गया हो
- जो शारीरिक रूप से अपने निवास पर मौजूद नहीं हैं
- जिनके बिजली कनेक्शन के मालिकाना हक पर विवाद है
इन अपवादों में से “उपभोक्ता शारीरिक रूप से अपने निवास में उपस्थित नहीं हैं” वाला बिंदु थोड़ा असामान्य है, लेकिन शायद इसलिए रखा गया है क्योंकि मूल्यांकन समिति निरीक्षण के लिए बुला सकती है, और अगर उपभोक्ता वहां मौजूद ही न हो तो सत्यापन अधूरा रह जाएगा।
किन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी
- उपभोक्ता की पहचान का प्रमाण
- बिजली कनेक्शन के स्वामित्व का प्रमाण
- अपडेटेड बिजली बिल भुगतान की रसीदें
- सोलर वाटर हीटिंग, रूफटॉप सोलर या ग्राउंड माउंटेड सोलर इंस्टॉलेशन के दस्तावेज़ (हरित ऊर्जा श्रेणी के लिए)
- पिछले तीन महीनों का बिजली खपत रिकॉर्ड
आवेदन कैसे करें
यहां सबसे दिलचस्प बात यही है, इस योजना के लिए किसी औपचारिक आवेदन की जरूरत ही नहीं। जिन उपभोक्ताओं का मीटर चालू हो और बिल भुगतान अपडेटेड हो, उन्हें विभाग की समिति खुद ब खुद उनकी ऊर्जा बचत के आधार पर मूल्यांकन में शामिल कर लेती है। मतलब कोई फॉर्म भरने, दफ्तर जाने या पोर्टल पर रजिस्टर करने की जरूरत नहीं। बस अपनी बिजली की खपत कम रखिए और बिल समय पर भरिए, बाकी काम विभाग खुद संभाल लेता है।
संदर्भ (References):-
- बिजली विभाग, अंडमान और निकोबार प्रशासन का आधिकारिक दिशानिर्देश
- MyScheme





