अंडमान निकोबार में बीमार पड़ने पर ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज, ANISHI योजना की पूरी जानकारी

On: August 12, 2026 3:09 PM

द्वीप पर रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी दिक्कत हमेशा से रही है, गंभीर बीमारी होने पर मुख्य भूमि के अस्पताल जाना पड़ता है, और वहां का खर्च आम आदमी की पहुंच से बाहर होता है। अंडमान और निकोबार प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग ने 26 जनवरी 2015 को इसी समस्या को हल करने के लिए एक स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की, नाम है अंडमान और निकोबार द्वीप समूह स्वास्थ्य बीमा योजना, या संक्षेप में ANISHI।

योजना है क्या

बात सीधी है, गरीबी रेखा से नीचे या प्राथमिकता वाले परिवारों में रहने वाले लोग, प्रशासन के पेंशनभोगी जो रिटायरमेंट के बाद अपने आश्रित परिवार के साथ इन द्वीपों में बस गए हैं, और वो स्थायी निवासी जिनकी सालाना पारिवारिक आय ₹3 लाख से कम है, इन सभी को प्रति मरीज प्रति बीमारी ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है।

पीछे की सोच समझने लायक है। बहुत सारे मरीज आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं और मुख्य भूमि के अस्पतालों का खर्च उठा नहीं पाते। इसी वजह से प्रशासन ने खुद की स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने का फैसला लिया, ताकि बेहतर स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच आसान हो सके।

क्या क्या लाभ मिलते हैं

सबसे बड़ा लाभ तो कैशलेस इलाज ही है, प्रति मरीज प्रति बीमारी ₹5 लाख तक, जिसमें भर्ती होकर इलाज और बिना भर्ती हुए इलाज, दोनों शामिल हैं।

इसके अलावा एक परिचारक के साथ यात्रा करने वाले मरीजों के लिए मुफ्त यात्रा खर्च की प्रतिपूर्ति भी मिलती है, वो भी बंक श्रेणी के किराए के हिसाब से। अगर मामला गंभीर हो और मरीज को योजना के तहत हवाई यात्रा से भेजा जाए, तो मरीज और उसके साथ जाने वाले एक परिचारक, दोनों के हवाई टिकट की प्रतिपूर्ति की जाती है।

एक दिलचस्प प्रावधान भी है, अगर कोई लाभार्थी मुख्य भूमि की निजी यात्रा पर हो और अचानक बीमार पड़ जाए, तो योजना के तहत इलाज का फायदा तो मिल सकता है, लेकिन इस स्थिति में यात्रा खर्च की अनुमति नहीं दी जाती। यानी इमरजेंसी इलाज कवर होगा, पर पर्सनल ट्रिप का यात्रा खर्च नहीं।

यहां एक जरूरी चेतावनी भी है, अगर लाभार्थी बिना नोडल सेल (ANISHI) की कोडल औपचारिकताएं पूरी किए खुद से किसी सूचीबद्ध या गैर-सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती हो जाता है, तो ऐसे मामलों में अस्पताल के खर्च की प्रतिपूर्ति की अनुमति नहीं दी जाएगी। मतलब पहले प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है, वरना बाद में पैसा वापस नहीं मिलेगा।

कौन इसका फायदा उठा सकता है

पात्रता की तीन श्रेणियां हैं।

  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बसा हुआ BPL यानी गरीबी रेखा से नीचे का व्यक्ति
  • प्रशासन के सरकारी पेंशनभोगी, जो रिटायरमेंट के बाद अपने आश्रित परिवार के साथ इन द्वीपों में बसे हों
  • द्वीप समूह के स्थायी निवासी, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय ₹3 लाख से कम हो

तीनों श्रेणियां अलग अलग हैं, यानी अगर कोई एक शर्त भी पूरी होती हो, तो व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र हो सकता है।

किन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी

दस्तावेज़ भी मरीज की श्रेणी के हिसाब से अलग अलग हैं।

BPL मरीज के लिए चाहिए, द्वीपवासी कार्ड या वोटर ID, और BPL राशन कार्ड।

पेंशनभोगी के लिए चाहिए, पेंशन भुगतान आदेश, राशन कार्ड, और द्वीपवासी कार्ड या वोटर ID।

स्थायी निवासी श्रेणी के मरीज के लिए चाहिए, द्वीपवासी कार्ड या वोटर ID, और राशन कार्ड।

कैशलेस इलाज कैसे मिलता है

पूरी प्रक्रिया एक तय क्रम में चलती है। पात्र मरीज किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में, प्रशासन द्वारा समय समय पर अधिसूचित लिस्ट के अनुसार, नोडल सेल (ANISHI) की कोडल औपचारिकताएं पूरी करके कैशलेस लाभ उठा सकते हैं।

आमतौर पर मरीज को पहले GB पंत अस्पताल, पोर्ट ब्लेयर के संबंधित विशेषज्ञ द्वारा रेफर किया जाता है। इसके बाद मरीज को DHS कार्यालय में स्थित नोडल सेल (ANISHI) से संपर्क करना होता है।

राज्य नोडल प्रकोष्ठ 2 दिनों के भीतर मामले को प्रोसेस करता है। ANISHI के अध्यक्ष से मंजूरी मिलने के बाद, पैनल में शामिल अस्पताल को मरीज के इलाज के लिए कैशलेस लाभ देने का आदेश जारी कर दिया जाता है। यानी पूरी प्रक्रिया 2 दिन में निपट जाती है, ये किसी लंबी लटकने वाली प्रक्रिया जैसी नहीं है।

मुख्य भूमि पर अचानक बीमार पड़ने पर क्या होता है

अगर कोई लाभार्थी मुख्य भूमि की निजी यात्रा पर है और आपातकालीन इलाज की जरूरत की वजह से बीमार पड़ जाता है, और योजना के तहत सूचीबद्ध किसी अस्पताल में भर्ती हो जाता है, तो उस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक या निदेशक को पहले नोडल अधिकारी (ANISHI) को मरीज की जानकारी और उसकी क्लिनिकल स्थिति बतानी होती है।

रिकॉर्ड की जांच के बाद राज्य नोडल प्रकोष्ठ योजना के दिशानिर्देशों के मुताबिक इलाज की मंजूरी देता है, हालांकि मरीज या उसके परिजनों को जरूरी दस्तावेज़ जमा करने होते हैं। ऐसे मामलों में एक बात याद रखिए, यात्रा खर्च की प्रतिपूर्ति नहीं मिलेगी। और अगर मरीज किसी गैर-सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती हो जाए, तो लाभ तभी मिलेगा जब उसे नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल में शिफ्ट किया जाए।

संदर्भ (References):-

स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट

आवेदन फॉर्म

योजना संबंधी जानकारी

FAQs:-

ANISHI क्या है?
ANISHI अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को प्रति मरीज प्रति बीमारी ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है।
ANISHI योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
BPL श्रेणी के लोग, अंडमान और निकोबार में बसे प्रशासन के पेंशनभोगी तथा ऐसे स्थायी निवासी जिनकी वार्षिक आय ₹3 लाख से कम है, इस योजना के लिए पात्र हैं।
ANISHI के तहत क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
योजना के तहत ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज, सामान्य रेफरल मामलों में एक परिचारक के साथ यात्रा खर्च की प्रतिपूर्ति और गंभीर मामलों में हवाई यात्रा की प्रतिपूर्ति का प्रावधान है।
ANISHI में यात्रा खर्च की प्रतिपूर्ति कैसे मिलती है?
सामान्य रेफरल मामलों में मरीज के साथ एक परिचारक के यात्रा खर्च की प्रतिपूर्ति की जाती है। हालांकि, निजी यात्रा के दौरान बीमार पड़ने पर यात्रा खर्च की प्रतिपूर्ति नहीं दी जाती है।
क्या ANISHI के तहत द्वीपों के बाहर इलाज कराया जा सकता है?
हां, गंभीर मामलों में पात्र मरीजों को मुख्य भूमि के योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए रेफर किया जा सकता है।
ANISHI के लिए आवेदन या रेफरल प्रक्रिया क्या है?
सबसे पहले GB पंत अस्पताल से रेफरल प्राप्त करना होता है। इसके बाद नोडल सेल से संपर्क किया जाता है। राज्य नोडल प्रकोष्ठ मामले को प्रोसेस करता है और मंजूरी मिलने के बाद संबंधित पैनल अस्पताल को इलाज के लिए आदेश जारी किया जाता है।
ANISHI में इलाज के खर्च की प्रतिपूर्ति कब नहीं मिलती?
यदि लाभार्थी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी किए बिना अपनी तरफ से इलाज करा लेता है, तो ऐसे इलाज के खर्च की प्रतिपूर्ति नहीं की जाती है।
क्या अंडमान और निकोबार के स्थायी निवासी न होने वाले लोग ANISHI का लाभ ले सकते हैं?
उपलब्ध जानकारी में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। पात्रता के लिए BPL परिवार, प्रशासन के पेंशनभोगी और निर्धारित आय वाले स्थायी निवासियों की श्रेणियां बताई गई हैं।
क्या ANISHI के तहत किसी भी अस्पताल में इलाज कराया जा सकता है?
नहीं, कैशलेस इलाज की सुविधा केवल ANISHI के तहत सूचीबद्ध या पैनल में शामिल अस्पतालों में उपलब्ध है।
ANISHI का आवेदन या रेफरल मामला कितने समय में प्रोसेस होता है?
राज्य नोडल प्रकोष्ठ आमतौर पर मामले को दो दिनों के भीतर प्रोसेस करता है।
अगर लाभार्थी मुख्य भूमि की निजी यात्रा के दौरान बीमार पड़ जाए तो क्या होगा?
ऐसी स्थिति में इलाज का लाभ मिल सकता है, लेकिन निजी यात्रा का खर्च प्रतिपूर्ति योग्य नहीं होगा। अस्पताल को इलाज शुरू करने से पहले नोडल अधिकारी को सूचित करना होता है।

Vivek

Experience:
Covers the Indian Stock Market, IPOs, Mutual Funds, Corporate Announcements, and Business News.
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