बिहार के गांव-कस्बों से आने वाले OBC छात्रों के लिए बड़ी राहत: रहने-खाने का टेंशन खत्म, मिलेगा हर महीने अनाज और पैसा

On: July 31, 2026 8:37 PM

गांव से निकलकर शहर में पढ़ाई करना कभी भी आसान नहीं रहा। कॉलेज की फीस का जुगाड़ तो जैसे-तैसे हो जाता है, लेकिन शहर में रहने और खाने का खर्च अच्छे-भलों का बजट बिगाड़ देता है। खासकर उन छात्रों के लिए जो पिछड़े वर्ग से आते हैं और जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है, उनके लिए कमरे का किराया और मेस का खर्च उठाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। छात्रों की इसी परेशानी को समझते हुए बिहार सरकार एक शानदार छात्रावास योजना लेकर आई है, ताकि पैसों की कमी किसी भी होनहार की पढ़ाई का रास्ता न रोके।

क्या है यह छात्रावास योजना?

बिहार सरकार का पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) कल्याण विभाग ‘अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास’ योजना चलाता है। यह योजना सिर्फ एक-दो जिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार के सभी 38 जिलों में लागू है।

इसके तहत OBC और EBC कैटेगरी के छात्रों को हॉस्टल की सुविधा दी जाती है। खास बात यह है कि इसमें सिर्फ रहने की जगह ही नहीं, बल्कि राशन, रोज़मर्रा का जरूरी सामान और (फंड होने पर) कुछ डिजिटल सुविधाएं भी मिलती हैं, ताकि छात्र बिना किसी टेंशन के अपनी पढ़ाई पर पूरा फोकस कर सकें।

इस योजना की ज़रूरत क्यों पड़ी?

अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण इलाकों और समाज के कमजोर तबकों से आने वाले बच्चे पढ़ाई में तेज़ होने के बावजूद सिर्फ इसलिए आगे नहीं बढ़ पाते, क्योंकि उनके परिवार के पास शहर के खर्चे उठाने के पैसे नहीं होते। इस योजना का सीधा सा मकसद ऐसे ही पिछड़े और अत्यंत पिछड़े वर्ग के छात्रों को एक मजबूत आर्थिक और बुनियादी सहारा देना है, ताकि वे भी बराबरी के साथ शिक्षा हासिल कर सकें।

छात्रों को क्या-क्या सुविधाएं और लाभ मिलेंगे?

इस योजना में छात्रों को सिर्फ हॉस्टल ही नहीं, बल्कि कई तरह की मदद दी जाती है। इसे आप नीचे दी गई टेबल से आसानी से समझ सकते हैं:

लाभ का प्रकारविवरण
छात्रावास अनुदान₹1,000 प्रति छात्र हर महीने (यानी सालाना करीब ₹12,000 की आर्थिक मदद)
मुफ्त राशनहर महीने 15 किलो अनाज (इसमें 9 किलो चावल और 6 किलो गेहूं शामिल है)
रहने का सामानखाट, गद्दा, चादर और खाना पकाने के बर्तन बिल्कुल मुफ्त
भोजन व्यवस्थावॉर्डन (अधीक्षक) की देखरेख में मेस, लेकिन खाना पकाने/सब्जी का खर्च छात्रों को खुद उठाना होता है
अतिरिक्त सुविधाएंCCTV, वॉटर प्यूरीफायर, टीवी, वाई-फाई, कंप्यूटर लैब और खेलकूद का सामान (फंड के हिसाब से)
पढ़ाई में सपोर्टलाइब्रेरी की सुविधा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए माहौल

यहां एक जरूरी बात समझ लेनी चाहिए—हॉस्टल में खाना तो बनता है, लेकिन उसकी पूरी लागत सरकार नहीं उठाती। सरकार की तरफ से सिर्फ अनाज (चावल-गेहूं) मुफ्त मिलता है। सब्जी, मसाले या पकाने का जो भी खर्च आता है, वो छात्रों को आपस में मिलकर उठाना पड़ता है।

इसके अलावा, वाई-फाई और कंप्यूटर लैब जैसी डिजिटल सुविधाएं हर हॉस्टल में पक्के तौर पर मिलेंगी, ऐसा जरूरी नहीं है। यह पूरी तरह से उस हॉस्टल के पास मौजूद फंड पर निर्भर करता है।

कौन उठा सकता है इस योजना का फायदा?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को ये तीन शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • छात्र का बिहार का स्थायी निवासी (मूल निवासी) होना ज़रूरी है।
  • आवेदन करने वाले की उम्र 11 से 40 साल के बीच होनी चाहिए।
  • छात्र पिछड़ा वर्ग (BC) या अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) कैटेगरी में आता हो।

ध्यान दें कि उम्र की सीमा (11 से 40 साल) काफी अच्छी-खासी रखी गई है। इसका मतलब है कि स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर कॉलेज के युवाओं और लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों तक, सभी इसमें बेझिझक अप्लाई कर सकते हैं।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज़ (Documents)

फॉर्म भरते समय आपको इन बेसिक कागज़ात की ज़रूरत पड़ेगी:

  1. पासपोर्ट साइज़ फोटो
  2. पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड)
  3. जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate)
  4. बैंक पासबुक की कॉपी (ताकि हर महीने ₹1000 सीधे खाते में आएं)
  5. जरूरत पड़ने पर अन्य जरूरी सर्टिफिकेट

डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट बहुत लंबी नहीं है, लेकिन जाति प्रमाण पत्र बनने में अक्सर वक्त लगता है, इसलिए इसे पहले ही बनवा कर रख लें। फॉर्म जमा करते समय इन सभी की फोटोकॉपी पर खुद के साइन (Self-attested) करके देने पड़ सकते हैं।

अप्लाई करने का पूरा तरीका (ऑफलाइन प्रक्रिया)

फिलहाल इस योजना के लिए कोई ऑनलाइन फॉर्म या वेबसाइट नहीं है। पूरी प्रक्रिया कागज़ी और ऑफलाइन ही होती है:

स्टेप 1: सबसे पहले अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी के प्रिंसिपल या रजिस्ट्रार ऑफिस में जाएं और वहां से इस योजना के एप्लीकेशन फॉर्म की हार्ड कॉपी मांगें।

स्टेप 2: फॉर्म (खासकर पेज नंबर 15) में मांगी गई सारी जानकारी एकदम सही-सही भरें। अपनी पासपोर्ट साइज़ फोटो चिपकाएं और मांगे गए सभी डॉक्यूमेंट्स की फोटोकॉपी साथ में नत्थी कर दें।

स्टेप 3: फॉर्म पूरी तरह तैयार होने के बाद, तय समय-सीमा के अंदर इसे संबंधित अधिकारी या ऑफिस में जाकर जमा कर दें

स्टेप 4: फॉर्म जमा करते ही अपनी रसीद (Receiving) लेना बिल्कुल न भूलें। चेक कर लें कि उस पर जमा करने की तारीख, समय और कोई पहचान संख्या दर्ज हो।

एक बात गांठ बांध लें—अक्सर लोग फॉर्म जमा करके रसीद लेना भूल जाते हैं। चूंकि यह प्रक्रिया ऑफलाइन है, इसलिए अगर भविष्य में फॉर्म का स्टेटस चेक करना हो या कोई दिक्कत आ जाए, तो यही रसीद आपके काम आएगी। इसे संभाल कर रखें।

आवेदन से पहले ये बातें जरूर जान लें

फॉर्म जमा करने की कोई एक फिक्स तारीख इंटरनेट पर मौजूद नहीं होती, इसलिए इसकी सही डेडलाइन आपको अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी के ऑफिस से ही पता करनी होगी। इसके अलावा, हॉस्टल का बजट बनाते समय यह जरूर ध्यान रखें कि हालांकि अनाज और रहने की जगह मुफ्त है, लेकिन मेस का बाकी खर्च आपको अपनी जेब से ही देना होगा। इसलिए, अपनी आर्थिक प्लानिंग उसी हिसाब से करके चलें।

संदर्भ (References)

बी.सी. एवं ई.बी.सी. कल्याण विभाग, बिहार सरकार | योजना दिशानिर्देश


अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास योजना क्या है?
यह बिहार सरकार के बी.सी. एवं ई.बी.सी. कल्याण विभाग की योजना है, जिसके तहत पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्रों को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
बिहार का निवासी, 11 से 40 वर्ष की आयु का तथा पिछड़ा वर्ग (BC) या अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) से संबंधित छात्र इस योजना के लिए पात्र है।
इस छात्रावास योजना के प्रमुख लाभ क्या हैं?
योजना के तहत ₹1,000 प्रतिमाह छात्रावास अनुदान, 15 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न, आवश्यक घरेलू सामान तथा अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
क्या इस योजना में छात्रों को आर्थिक सहायता भी मिलती है?
हां, प्रत्येक पात्र छात्र को छात्रावास अनुदान के रूप में ₹1,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाती है।
क्या छात्रावास में भोजन की व्यवस्था उपलब्ध है?
हां, छात्रावास में अधीक्षक की निगरानी में भोजन तैयार किया जाता है। हालांकि भोजन का वास्तविक खर्च छात्रों को स्वयं वहन करना होता है।
छात्रावास में कौन-कौन सी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं?
छात्रों को खाट, गद्दा, चादर तथा भोजन पकाने के लिए आवश्यक बर्तन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
क्या छात्रावास में डिजिटल सुविधाएं भी उपलब्ध हैं?
हां, उपलब्ध बजट के अनुसार सीसीटीवी, जल शोधक, टीवी, वाई-फाई, कंप्यूटर लैब और खेल सामग्री जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
क्या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी कोई सुविधा मिलती है?
हां, छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन तथा पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
यह योजना बिहार के कितने जिलों में लागू है?
यह योजना बिहार के सभी 38 जिलों में संचालित की जा रही है।
छात्रावास के दैनिक संचालन की जिम्मेदारी किसकी होती है?
छात्रावास के दैनिक संचालन और व्यवस्था की जिम्मेदारी अधीक्षक के पास होती है।
क्या यह योजना केवल लड़कों के लिए है या लड़कियों के लिए भी?
उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में योजना को केवल लड़कों या केवल लड़कियों तक सीमित नहीं बताया गया है। विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित विभाग से संपर्क किया जा सकता है।

Vivek

Experience:
Covers the Indian Stock Market, IPOs, Mutual Funds, Corporate Announcements, and Business News.
3+ Years covering Indian Financial Markets.

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