
CA (चार्टर्ड एकाउंटेंसी) बनने का सफर जितना लंबा होता है, उतना ही महंगा भी। खासकर जब आप फाइनल लेवल तक पहुंचते हैं, तो कोचिंग और फीस का भारी-भरकम खर्च बजट बिगाड़ देता है। छात्रों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए आंध्र प्रदेश ब्राह्मण कल्याण निगम (ABC) ने एक बहुत ही खास योजना शुरू की है—’भारती योजना (CA फाइनल)’। यह स्कीम पहली से पांचवीं क्लास या ग्रेजुएशन वाली आम भारती योजना से एकदम अलग है, क्योंकि इसे सिर्फ और सिर्फ CA फाइनल की तैयारी कर रहे बच्चों के लिए ही बनाया गया है।
आखिर क्या है यह योजना
यह स्कीम आंध्र प्रदेश के सभी 13 जिलों में लागू है। इसका पूरा फोकस उन होनहार ब्राह्मण छात्रों पर है जो CA की पढ़ाई के सबसे आखिरी और सबसे मुश्किल पड़ाव (फाइनल एग्जाम) तक पहुंच चुके हैं। सरकार का सीधा सा मकसद यही है कि गरीब ब्राह्मण परिवारों के बच्चों को इस महंगे प्रोफेशनल कोर्स को पूरा करने में पैसों की वजह से कोई अड़चन न आए।
कितनी मिलेगी आर्थिक मदद
इस योजना के तहत CA फाइनल के छात्रों को ₹20,000 की सीधी आर्थिक सहायता दी जाती है। अगर आप गौर करें, तो यह रकम भारती योजना के बाकी हिस्सों (जैसे स्कूल के लिए ₹5,000 या ग्रेजुएशन के लिए ₹15,000) के मुकाबले सबसे ज्यादा है। इससे साफ पता चलता है कि जैसे-जैसे पढ़ाई का स्तर और खर्च बढ़ता है, सरकार की तरफ से मिलने वाली मदद की राशि भी उसी हिसाब से बढ़ा दी जाती है।
कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए नियम थोड़े अलग और सख्त हैं। फॉर्म भरने से पहले ये शर्तें जरूर चेक कर लें:
- छात्र और उसके माता-पिता, दोनों का ब्राह्मण समुदाय से होना अनिवार्य है।
- माता-पिता आंध्र प्रदेश के स्थायी निवासी हों।
- परिवार की कुल सालाना आमदनी 3 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
- छात्र ने साल 2014 के बाद CA-इंटर (IPCC) के दोनों ग्रुप पास कर लिए हों और CA फाइनल परीक्षा के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाकर फीस जमा कर दी हो।
- छात्र ने CA फाइनल के लिए पहले कभी इस निगम (APBWC) से कोई आर्थिक मदद न ली हो।
- छात्र का नाम प्रजा साधक सर्वेक्षण (PSS) में दर्ज होना चाहिए।
यहां दो बातों पर खास ध्यान दें। पहला,IPCC साल 2014 के बाद ही पास किया हो, यानी उससे पहले पास करने वाले छात्र शायद यह फॉर्म न भर पाएं। दूसरा,CA फाइनल के लिए यह मदद सिर्फ एक बार मिलेगी। अगर कोई छात्र किसी वजह से फाइनल में फेल हो जाता है और दोबारा एग्जाम देता है, तो उसे दूसरी बार यह पैसा नहीं मिलेगा।
फॉर्म भरते समय किन कागजातों की जरूरत पड़ेगी
फॉर्म भरने से पहले इन जरूरी डॉक्युमेंट्स को अपने पास इकट्ठा कर लें:
- छात्र और माता-पिता का आधार कार्ड (जिसमें आंध्र प्रदेश का पता हो)
- सफेद राशन कार्ड या आय प्रमाण पत्र (मी सेवा द्वारा जारी)
- जाति प्रमाण पत्र (मी सेवा द्वारा बना हुआ)
- निवास प्रमाण पत्र (मी सेवा द्वारा जारी)
- जन्म प्रमाण पत्र
- 10वीं (SSC) की मार्कशीट
- IPCC (दोनों ग्रुप) पास करने का सर्टिफिकेट या मार्कशीट
- CA फाइनल के रजिस्ट्रेशन और फीस पेमेंट की पक्की रसीद
- छात्र के नाम पर खुला आंध्र बैंक या SBI का अकाउंट (पासबुक की कॉपी)
यहां छात्रों को एक बड़ी छूट भी दी गई है। जो छात्र आंध्र प्रदेश से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए किसी भी राष्ट्रीयकृत (Nationalized) बैंक का खाता चल जाएगा। यानी सिर्फ आंध्र बैंक या SBI में खाता होने की शर्त उन्हीं पर लागू है जो राज्य के अंदर रहकर पढ़ रहे हैं।
आवेदन करने का सही तरीका क्या है
इस योजना के लिए आपको किसी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने हैं। इसकी पूरी प्रक्रिया ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन ही होती है:
STEP-1:सबसे पहले आंध्र प्रदेश ब्राह्मण कल्याण निगम की वेबसाइट पर जाएं और इस योजना वाले लिंक पर क्लिक करें।
STEP-2:इसके बाद “पंजीकरण” (Registration) वाले विकल्प पर जाएं।
STEP-3:यहां अपनी सारी पर्सनल डिटेल एकदम सही-सही भरें,जैसे नाम, पता, आधार नंबर, राशन कार्ड का नंबर और बैंक खाते की जानकारी।
STEP-4:इसके बाद अपनी फोटो, सिग्नेचर (हस्ताक्षर) और मांगे गए सभी सर्टिफिकेट्स (जन्म, निवास, आधार, जाति और बैंक पासबुक) की स्कैन कॉपी पोर्टल पर अपलोड कर दें।
STEP-5:सारी जानकारी अच्छे से चेक करने के बाद फॉर्म को “जमा करें” (Submit) पर क्लिक कर दें। फॉर्म सबमिट होते ही आपको एक रिफरेंस नंबर मिलेगा, जिसे सुरक्षित लिखकर रख लें।
अगर आपको अपने फॉर्म का स्टेटस चेक करना है, तो वेबसाइट के मेन्यू में “सर्विसेज” पर जाकर “अपनी स्थिति जानें” पर क्लिक करें। वहां अपना रिफरेंस नंबर, मोबाइल नंबर या आधार नंबर डालकर आप फॉर्म का पूरा स्टेटस देख सकते हैं।
वहीं, फॉर्म की रसीद (पावती पर्ची) डाउनलोड करने के लिए वेबसाइट पर अपनी योजना चुनें, “पावती पर्ची” वाले लिंक पर क्लिक करें, अपना आधार नंबर डालें और सबमिट कर दें। आपकी रसीद तुरंत डाउनलोड हो जाएगी।







