
पढ़ाई में तेज़ बच्चों के सामने अक्सर एक ही मजबूरी होती है, अच्छा स्कूल घर से दूर होना और वहां रहकर पढ़ने का खर्च न उठा पाना। बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इसी परेशानी को दूर करने के लिए बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय योजना शुरू की है। इसका सीधा फायदा अल्पसंख्यक समुदाय के उन होनहार बच्चों को मिलेगा जो पैसों की चिंता किए बिना 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई एक अच्छे स्कूल में करना चाहते हैं।
यह योजना असल में क्या है
इस स्कूल का मकसद सिर्फ बच्चों को रटाकर अच्छे नंबर दिलाना नहीं है, बल्कि उनका पूरा विकास करना है। इसलिए यह कोई आम स्कूल नहीं है, बल्कि बच्चे यहीं रहकर पढ़ाई करते हैं। इस स्कूल में लड़के और लड़कियां दोनों एक साथ पढ़ते हैं। सीटों का बंटवारा भी बहुत सोच समझकर किया गया है। आधी सीटें यानी 50 प्रतिशत सिर्फ लड़कियों के लिए रिज़र्व हैं। इसके अलावा 75 प्रतिशत सीटें गांव देहात के बच्चों के लिए तय हैं। सरकार का पूरा फोकस उन ग्रामीण बच्चियों पर है जिन्हें अक्सर शहर के अच्छे स्कूलों में पढ़ने का मौका नहीं मिल पाता।
स्कूल में क्या क्या सुविधाएं मिलेंगी
सुविधाओं की बात करें तो यहां किसी चीज़ की कमी नहीं रखी गई है। सबसे बड़ी बात, 9वीं से 12वीं तक की पूरी पढ़ाई एकदम फ्री है। स्कूल में एडमिशन से लेकर रहने और खाने पीने का पूरा खर्च सरकार उठाती है। इसमें भोजन, कपड़े, दवाइयां और किताबें तक शामिल हैं। यानी एक बार बच्चे का एडमिशन हो जाए, तो माता पिता को खर्चों की कोई टेंशन नहीं लेनी है।
पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए स्कूल में एकदम मॉडर्न लैब्स बनाई गई हैं। जो बच्चे 11वीं और 12वीं में पहुंचते हैं, उन्हें अपनी पसंद के हिसाब से साइंस या आर्ट्स चुनने की पूरी छूट मिलती है। इसके अलावा स्कूल के अंदर ही वोकेशनल ट्रेनिंग भी दी जाती है ताकि बच्चे सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें और कुछ नया भी सीख सकें।
कौन ले सकता है एडमिशन
इस स्कूल में एडमिशन के लिए कुछ जरूरी नियम तय किए गए हैं:
छात्र का बिहार का स्थायी निवासी होना ज़रूरी है
छात्र अल्पसंख्यक समुदाय से आता हो
परिवार की सालाना आय 6,00,000 रुपये से ज्यादा न हो
बाकी सरकारी योजनाओं में आमतौर पर आय सीमा 3 लाख रुपये होती है, लेकिन इसमें इसे 6 लाख रखा गया है। इसका सीधा मतलब है कि यह स्कीम सिर्फ सबसे गरीब तबके तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बड़े वर्ग को इसका फायदा मिलेगा।
उम्र की बात करें तो कक्षा 9 में एडमिशन के लिए अधिकतम उम्र 16 साल और कक्षा 11 के लिए 18 साल तय की गई है। अगर उम्र इस लिमिट को पार कर जाती है, तो एडमिशन नहीं मिल पाएगा। साथ ही एडमिशन सीधे तौर पर नहीं मिलेगा, इसके लिए एक प्रवेश परीक्षा देनी होगी। परीक्षा में आए नंबरों की मेरिट लिस्ट से ही तय होगा कि एडमिशन मिलेगा या नहीं।
फॉर्म भरते समय किन कागज़ातों की जरूरत पड़ेगी
एडमिशन फॉर्म के साथ आपको ये कागज़ात लगाने होंगे:
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- पिछली क्लास की मार्कशीट
- जन्म प्रमाण पत्र
- जाति या समुदाय का प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- परिवार का आय प्रमाण पत्र
- जरूरत पड़ने पर कोई अन्य कागज़ात
यहां आय प्रमाण पत्र बहुत अहम है। अगर आपकी सालाना कमाई 6 लाख से एक रुपया भी ज्यादा हुई, तो फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा। इसलिए इसे एकदम सही और अपडेटेड ही बनवाएं।
आवेदन कैसे करें
इस स्कूल में एडमिशन की प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं बल्कि पूरी तरह से ऑफलाइन है।
स्टेप 1 : सबसे पहले अपने जिले के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के ऑफिस जाएं और वहां से आवेदन फॉर्म मांग लें। आप चाहें तो विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट से भी फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं।
स्टेप 2 : फॉर्म को अच्छी तरह से भरें और ऊपर बताए गए सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की फोटोकॉपी उसके साथ लगा दें।
स्टेप 3 : फॉर्म पूरी तरह तैयार होने के बाद इसे रजिस्टर्ड डाक से भेज दें या खुद जाकर ऑफिस में जमा कर दें। ध्यान रहे यह काम लास्ट डेट से पहले हो जाना चाहिए।
फॉर्म जमा करते समय ऑफिस से रसीद लेना बिल्कुल न भूलें। ऑफलाइन प्रक्रिया में यही रसीद आपके फॉर्म जमा होने का सुबूत होती है। अधिक जानकारी के लिए आप अपने जिला मुख्यालय में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।





