
किसी भी परिवार में अपनों का जाना बहुत बड़ा और गहरा दुख होता है। ऐसे मुश्किल वक्त में, खासकर गरीब परिवारों के लिए, अंतिम संस्कार और कर्मकांड का खर्च जुटाना भी एक बड़ी चिंता बन जाता है। इसी मजबूरी को समझते हुए आंध्र प्रदेश ब्राह्मण कल्याण निगम (ABC) ने एक बेहद संवेदनशील पहल की है,’गरुड़ योजना’ (GS-FE)। इसका मकसद दुख की इस घड़ी में परिवार को थोड़ी आर्थिक राहत देना है।
आखिर क्या है यह योजना
आंध्र प्रदेश के सभी 13 जिलों में लागू इस योजना का सीधा सा लक्ष्य गरीब ब्राह्मण परिवारों का सहारा बनना है। जब घर में किसी का देहांत हो जाता है, तो उनके अंतिम संस्कार के लिए सरकार की तरफ से एक बंधी हुई आर्थिक मदद दी जाती है। इससे परिवार कम से कम पैसों की चिंता से मुक्त होकर अपने प्रियजन को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दे पाता है।
कितनी मिलेगी आर्थिक मदद
इस योजना के तहत अंतिम संस्कार के खर्च के लिए 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह कोई किश्तों वाला काम नहीं है, बल्कि पूरी रकम एकमुश्त (एक साथ) दी जाती है ताकि मौके पर ही परिवार के काम आ सके।
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ
इस मदद को पाने के लिए कुछ जरूरी नियम तय किए गए हैं:
- अप्लाई करने वाला व्यक्ति मृतक का करीबी रिश्तेदार होना चाहिए (जैसे- पति, पत्नी, बेटा, बेटी, माता-पिता, भाई या पोता)।
- आवेदक को एक लिखित घोषणा (Self-declaration) देनी होगी कि वह मृतक का कानूनी वारिस (उत्तराधिकारी) है।
- आवेदन करने वाला परिवार ब्राह्मण समुदाय से हो और आंध्र प्रदेश का रहने वाला हो।
- परिवार की कुल सालाना आमदनी 75,000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
- परिवार ने इस काम (अंतिम संस्कार) के लिए पहले किसी और सरकारी योजना से पैसा न लिया हो।
यहां ध्यान देने वाली बात परिवार की सालाना आमदनी है। निगम की बाकी योजनाओं में जहां यह लिमिट 3 लाख तक होती है, वहीं इस योजना में इसे सिर्फ 75 हजार रुपये रखा गया है। इसका सीधा मतलब है कि यह मदद खासतौर पर उन ब्राह्मण परिवारों के लिए है जो सच में बेहद गरीब हैं और जिन्हें इस वक्त पैसों की सबसे ज्यादा जरूरत है।
फॉर्म के साथ कौन से कागज़ लगेंगे
फॉर्म भरते समय आपको इन जरूरी कागजातों को अपने पास रखना होगा:
- आवेदन करने वाले की पासपोर्ट साइज़ फोटो
- आवेदक और मृतक, दोनों का आधार कार्ड
- सफेद राशन कार्ड या आय प्रमाण पत्र (मी सेवा या राजस्व विभाग से बना हुआ)
- जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र (मी सेवा द्वारा जारी)
- आवेदक का जन्म प्रमाण पत्र
- आवेदक के नाम पर खुला आंध्र बैंक या SBI का बैंक अकाउंट (पासबुक की कॉपी)
- स्व-घोषणा पत्र (जिसमें लिखा हो कि आप कानूनी वारिस हैं)
- मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) जो किसी भी सरकारी संस्था से बना हो
इन सबमें मृत्यु प्रमाण पत्र और आपका स्व-घोषणा पत्र सबसे ज्यादा जरूरी हैं। इन्हीं कागजों से यह साबित होता है कि आप मृतक के असली वारिस हैं और यह मदद सही हाथों में जा रही है।
आवेदन करने का सही तरीका क्या है
दुख के इस समय में आपको दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने हैं, इसलिए इसकी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है:
STEP 1 : सबसे पहले निगम की ऑफिशियल वेबसाइट (andhrabrahmin.ap.gov.in) पर जाएं और ‘योजना’ वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।
STEP 2 :इसके बाद ‘पंजीकरण’ (Registration) पर क्लिक करें। आपके सामने फॉर्म खुल जाएगा।
STEP 3 :फॉर्म में अपनी सारी जानकारी जैसे- नाम, पता, आधार नंबर, राशन कार्ड और बैंक की डिटेल्स एकदम सही-सही भरें।
STEP 4 :इसके बाद अपनी फोटो, साइन और ऊपर बताए गए सभी जरूरी कागजातों को स्कैन करके अपलोड कर दें।
STEP 5 :सब कुछ चेक करने के बाद फॉर्म को ‘जमा करें’ (Submit) पर क्लिक कर दें।
फॉर्म जमा होते ही आपको एक रिफरेंस नंबर मिलेगा, जिसे संभाल कर रख लें। अगर आपको बाद में चेक करना हो कि आपके फॉर्म का क्या हुआ, तो वेबसाइट के मेन्यू में ‘सेवाएं’ पर जाएं और ‘अपनी स्थिति जानें’ पर क्लिक करें। वहां अपना रिफरेंस नंबर, आधार या मोबाइल नंबर डालकर आप अपने फॉर्म का पूरा स्टेटस घर बैठे देख सकते हैं।
पावती पर्ची डाउनलोड करने के लिए ‘पावती पर्ची’ पर क्लिक करके आधार नंबर डालना है, योजना चुननी है और ‘सबमिट’ पर क्लिक करना है।
स्रोत और संदर्भ:-
आंध्र प्रदेश ब्राह्मण कल्याण निगम पोर्टल





