निर्माण मजदूरों के बच्चों के लिए खुशखबरी, टूल किट खरीदने पर मिलेंगे 10 हज़ार रुपये

On: August 7, 2026 7:01 PM

ITI या वोकेशनल कोर्स पूरा करने के बाद सबसे बड़ी दिक्कत यही आती है, हाथ में हुनर तो है पर औज़ार खरीदने के पैसे नहीं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में रहने वाले निर्माण मजदूरों और उनके परिवारों के लिए ये समस्या अब कुछ हद तक हल हो सकती है। श्रम, रोज़गार और प्रशिक्षण विभाग के तहत काम करने वाले अंडमान व निकोबार द्वीप समूह भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड ने एक योजना शुरू की है, जिसका नाम है कौशल विकास सहायता।

इस योजना का मकसद बिल्कुल सीधा है। जो निर्माण श्रमिक बोर्ड में पंजीकृत हैं, या उनके दो बच्चे, अगर उन्होंने किसी सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान यानी ITI या व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र से कोई कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है, तो उन्हें टूल किट खरीदने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। सोचिए, कोई बच्चा ITI से इलेक्ट्रीशियन या फिटर का कोर्स करता है, कोर्स तो पूरा हो गया, पर काम शुरू करने के लिए ज़रूरी औज़ार खरीदने के पैसे नहीं। यही वो गैप है जिसे ये योजना भरने की कोशिश करती है।

कितनी मदद मिलेगी

राशि की बात करें तो योजना के तहत 10,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है, टूल किट खरीदने के लिए। ये राशि सीधे तौर पर पंजीकृत निर्माण श्रमिक को या उसके दो बच्चों में से किसी एक को मिल सकती है, यानी एक परिवार से एक से ज़्यादा बार भी इसका लाभ लिया जा सकता है अगर दोनों बच्चे अलग अलग समय पर योग्यता पूरी करें।

कौन आवेदन कर सकता है

पात्रता की शर्तें कुछ इस तरह हैं, हर एक को ध्यान से समझना ज़रूरी है वरना आवेदन अटक सकता है।

लाभार्थी अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का निवासी होना चाहिए

वो किसी भवन निर्माण या अन्य निर्माण कार्य से जुड़ा होना चाहिए

बोर्ड में उसका पंजीकरण होना अनिवार्य है

बोर्ड की सदस्यता सक्रिय होनी चाहिए, यानी बीच में सदस्यता खत्म या रुकी नहीं होनी चाहिए

आवेदक या उसके बच्चे के पास किसी सरकारी ITI या VTC से कोर्स पूरा करने या ट्रेड कंप्लीशन का प्रमाणपत्र होना ज़रूरी है

यहां एक बात ध्यान देने लायक है, सिर्फ पंजीकृत श्रमिक ही नहीं, उसके दो बच्चे भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं, बशर्ते वो भी योग्यता की शर्त पूरी करें। यानी अगर पिता निर्माण मजदूर है और बोर्ड में पंजीकृत है, तो उसका बेटा या बेटी भी अगर ITI से कोर्स पूरा करे, तो टूल किट के लिए मदद पा सकते हैं।

पंजीकरण से लेकर आवेदन तक, पूरा प्रोसेस समझिए

इस योजना का आवेदन प्रोसेस दो हिस्सों में बंटा है। पहले बोर्ड में पंजीकरण करना होता है, फिर उसके बाद स्कीम के लिए अलग से आवेदन। दोनों ही ऑनलाइन होते हैं, पोर्टल के ज़रिए।

स्टेप 1: सबसे पहले पोर्टल पर अकाउंट बनाना होगा:

-serviceonline.gov.in पर जाएं

-होम पेज पर “रजिस्टर करें” पर क्लिक करके सारी ज़रूरी जानकारी भरें

-“जमा करें” पर क्लिक करें, फिर ईमेल और मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन करें

-वेरिफिकेशन पूरा होते ही पंजीकरण हो जाएगा

स्टेप 2: इसके बाद निर्माण श्रमिक के तौर पर बोर्ड में पंजीकरण करना होगा:

-जिस ईमेल ID से रजिस्ट्रेशन किया था, उससे लॉगिन करें

-पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉगिन पर क्लिक करें

-“सेवाओं के लिए आवेदन करें” पर जाएं, फिर “सभी उपलब्ध सेवाओं को देखें” पर क्लिक करें

-वहां “ANBOCWWB में निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण” खोजें और आगे बढ़ें

-सारी जानकारी भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें, फॉर्म का प्रीव्यू देखकर “जमा करें” पर क्लिक करें

-सफल पंजीकरण के बाद एक रजिस्ट्रेशन ID मिलेगी, इसे संभाल कर रखें

स्टेप 3: अब आती है असली स्कीम के लिए आवेदन की बारी:

-फिर से उसी ईमेल ID से लॉगिन करें

-पासवर्ड और कैप्चा भरकर लॉगिन करें

-“सेवाओं के लिए आवेदन करें” में जाकर “कौशल विकास वित्तीय सहायता” खोजें

-फॉर्म खोलें, सारी जानकारी भरें, ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें

-फॉर्म का प्रीव्यू देखकर “जमा करें” पर क्लिक करें

आवेदन जमा करने के बाद अगर स्टेटस चेक करना हो तो पोर्टल पर लॉगिन करके “आवेदन स्थिति देखें” फिर “ट्रैक आवेदन स्थिति” पर क्लिक करना होगा, वहां आवेदन संदर्भ संख्या डालकर स्टेटस देखा जा सकता है।

दस्तावेज़ों की पूरी लिस्ट

चूंकि यहां दो अलग चरण हैं, पंजीकरण और स्कीम के लिए आवेदन, इसलिए दस्तावेज़ भी दोनों के लिए अलग अलग तय हैं।

बोर्ड में पंजीकरण के लिए:
दस्तावेज़नोट
पासपोर्ट साइज़ फोटो
उम्र का प्रमाण
पहचान प्रमाण
EPF का विवरणअगर लागू हो तो
पते का प्रमाण
90 दिनों का कार्य अवधि प्रमाणपत्रसक्षम अधिकारी द्वारा जारी
बैंक खाते का विवरण

कौशल विकास सहायता स्कीम के लिए:

  1. कर्मचारी का पंजीकरण पहचान पत्र
  2. आधार कार्ड
  3. नवीनतम सदस्यता रसीद
  4. पते का प्रमाण
  5. बैंक पासबुक की कॉपी
  6. बच्चे का पहचान प्रमाण (अगर बच्चे के नाम पर आवेदन कर रहे हैं)
  7. ITI या VTC से कोर्स पूरा करने का प्रमाणपत्र

हर दस्तावेज़ की एक कॉपी अपने पास रखना समझदारी होगी, क्योंकि पोर्टल पर अपलोड करते वक्त कई बार साइज़ या फॉर्मेट को लेकर दिक्कत आ जाती है।

एक बात जो अक्सर लोग भूल जाते हैं

90 दिन के कार्य अवधि प्रमाणपत्र को लेकर अक्सर कन्फ्यूज़न रहता है, ये प्रमाणपत्र किसी सक्षम अधिकारी से बनवाना होता है, और अगर ये तैयार नहीं है तो पंजीकरण की प्रक्रिया वहीं अटक सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि पोर्टल पर आवेदन शुरू करने से पहले ये प्रमाणपत्र बनवा कर रख लें, ताकि बीच में प्रोसेस रुके नहीं।

संदर्भ (References)

FAQs:-

इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिक तथा उसके अधिकतम दो बच्चे, जिन्होंने सरकारी ITI या व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र (VTC) से निर्धारित कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया हो, इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
इस योजना के तहत कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
योजना के अंतर्गत टूल किट खरीदने के लिए ₹10,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
क्या श्रमिक और उसके बच्चे दोनों अलग-अलग इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
हां, पात्र पंजीकृत निर्माण श्रमिक स्वयं भी तथा उसके अधिकतम दो बच्चे भी योजना की शर्तें पूरी करने पर अलग-अलग लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
क्या आवेदन के लिए कोर्स पूरा करने का प्रमाण पत्र आवश्यक है?
हां, आवेदन के समय सरकारी ITI या VTC से कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने का प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।
क्या गैर-पंजीकृत निर्माण श्रमिक इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं?
नहीं, इस योजना का लाभ लेने के लिए बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण होना आवश्यक है।
क्या ₹10,000 से अधिक की सहायता राशि प्राप्त की जा सकती है?
उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में ₹10,000 से अधिक सहायता राशि देने का कोई प्रावधान नहीं बताया गया है।
इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। सबसे पहले ServiceOnline पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है, इसके बाद लॉगिन करके संबंधित योजना का आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ जमा करना होता है।

Vivek

Experience:
Covers the Indian Stock Market, IPOs, Mutual Funds, Corporate Announcements, and Business News.
3+ Years covering Indian Financial Markets.

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