
डिग्री हो या न हो, आजकल नौकरी पाने के लिए स्किल का होना उतना ही जरूरी हो गया है। लेकिन अच्छी ट्रेनिंग की फीस ही इतनी ज्यादा होती है कि बहुत से युवा चाहकर भी कोई स्किल कोर्स नहीं कर पाते। बिहार सरकार के पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने इस दिक्कत को हल करने के लिए एक स्कीम बनाई है, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कौशल विकास प्रशिक्षण योजना।
योजना है क्या
मकसद सीधा है, BC यानी पिछड़ा वर्ग और EBC यानी अत्यंत पिछड़ा वर्ग के युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना, चाहे वो किसी नौकरी की तलाश में हों या फिर खुद का कुछ शुरू करना चाहते हों। इसके लिए युवाओं को मुफ्त डोमेन-स्पेसिफिक स्किल ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वो या तो जॉब के लिए तैयार हो सकें या सेल्फ एम्प्लॉयड बन सकें।
इस योजना को लागू करने का ढांचा भी दिलचस्प है। ये बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त और विकास निगम द्वारा चलाई जाती है, लेकिन इसके लिए बिहार कौशल विकास मिशन यानी BSDM के साथ तालमेल बिठाया जाता है। यानी दो अलग सरकारी संस्थाएं मिलकर इस योजना को जमीन पर उतारती हैं।
किन क्षेत्रों में ट्रेनिंग मिलेगी
ट्रेनिंग किसी एक फील्ड तक सीमित नहीं। परिधान यानी गारमेंट, सौंदर्य और वेलनेस, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, IT-ITES और रिटेल जैसे कई सेक्टर इसमें शामिल हैं। ये ट्रेनिंग BSDM द्वारा अनुमोदित कौशल विकास केंद्रों, यानी SDC में दी जाती है। तो चाहे किसी को टेक्निकल फील्ड में जाना हो या फिर ब्यूटी एंड वेलनेस जैसे क्रिएटिव सेक्टर में, दोनों के लिए विकल्प मौजूद हैं।
क्या क्या फायदा मिलेगा
तीन मुख्य चीज़ें इस योजना के तहत मिलती हैं। पहला, मुफ्त कौशल प्रशिक्षण, जिसकी कोई फीस नहीं ली जाती। दूसरा, ट्रेनिंग और असेसमेंट पूरा होने के बाद सर्टिफिकेट मिलता है, जो आगे नौकरी ढूंढने में काम आता है। तीसरा, कोर्स खत्म होने के बाद रोजगार या सेल्फ एम्प्लॉयमेंट के लिए प्लेसमेंट सपोर्ट भी दिया जाता है। यानी सिर्फ सिखाकर छोड़ नहीं दिया जाता, आगे नौकरी दिलाने में भी मदद की कोशिश रहती है।
कौन आवेदन कर सकता है
पात्रता की शर्तें इस प्रकार हैं:
आवेदक बिहार का निवासी होना चाहिए
आवेदक BC या EBC श्रेणी से संबंधित हो
आयु 18 से 45 वर्ष के बीच हो
आवेदक के पास आधार नंबर होना अनिवार्य है, क्योंकि रजिस्ट्रेशन आधार आधारित है
18 से 45 साल की उम्र सीमा काफी चौड़ी है, यानी सिर्फ फ्रेश ग्रेजुएट्स ही नहीं, बल्कि जो लोग पहले से किसी काम में हैं और नया स्किल सीखकर बेहतर मौके तलाशना चाहते हैं, वो भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
किन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी
- आधार कार्ड
- आय प्रमाणपत्र
- आवासीय प्रमाणपत्र
- जाति प्रमाणपत्र
- जरूरत पड़ने पर कोई अन्य दस्तावेज़
आधार कार्ड यहां सबसे जरूरी है, क्योंकि पूरी पहचान और पात्रता वेरिफिकेशन आधार के जरिए डिजिटली होता है। बाकी दस्तावेज़ों को स्व-सत्यापित करके ले जाना होता है, इसलिए इनकी फोटोकॉपी पहले से तैयार रखना बेहतर रहेगा।
आवेदन कैसे करें, पूरा प्रोसेस
आवेदन प्रक्रिया कुछ हद तक ऑनलाइन खोज से शुरू होकर ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन पर खत्म होती है।
स्टेप 1 — सबसे पहले बिहार कौशल विकास मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है।
स्टेप 2 — होमपेज पर “अपने निकटतम केंद्र के लिए यहां क्लिक करें” पर क्लिक करना है, फिर “कुशल युवा कार्यक्रम, केंद्र खोजें” चुनना है।
स्टेप 3 — KYP कोर्स चुनकर, अपनी पसंद के हिसाब से जिला, ब्लॉक या पिनकोड से सर्च करना है, और जरूरी जानकारी भरनी है। इसके बाद मानदंडों से मेल खाने वाले कौशल विकास केंद्रों की लिस्ट सामने आ जाएगी।
स्टेप 4 — इसके बाद कोर्स की जरूरत के हिसाब से सभी दस्तावेज़ों, जैसे आधार, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, शैक्षिक योग्यता वगैरा की स्व-सत्यापित कॉपी तैयार करनी है।
स्टेप 5 — दस्तावेज़ वेरिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन में मदद के लिए आवेदक को खुद निकटतम कौशल विकास केंद्र जाना होता है।
यहां से आगे का काम केंद्र के स्तर पर होता है। स्थानीय SDC कम्युनिटी आउटरीच के जरिए योग्य BC EBC उम्मीदवारों की पहचान करता है, फिर सारे दस्तावेज़ इकट्ठा करके BSDM पोर्टल पर अपलोड करता है। आधार नंबर को डिजिटली वेरिफाई किया जाता है, ताकि पहचान और पात्रता दोनों की पुष्टि हो सके।
बैच कैसे बनता है और ट्रेनिंग कैसे चलती है
एक ट्रेनिंग बैच में कम से कम 20 और अधिकतम 40 उम्मीदवार होते हैं। बैच बनने और सत्यापन के बाद, बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त और विकास निगम की तरफ से ट्रेनिंग शुरू करने की औपचारिक मंजूरी मिलती है। इसके बाद BSDM द्वारा अनुमोदित सेंटर में प्रमाणित ट्रेनर तय पाठ्यक्रम के हिसाब से फील्ड-स्पेसिफिक ट्रेनिंग देते हैं। उपस्थिति और परफॉर्मेंस दोनों की निगरानी डिजिटल तरीके से होती है, यानी क्लास मिस करने या परफॉर्मेंस में कमी होने पर ये रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता है।





