
सिविल सेवा की तैयारी करने वाला हर छात्र जानता है कि प्रारंभिक परीक्षा पास करना एक पड़ाव भर है, असली परीक्षा तो उसके बाद शुरू होती है। मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी में समय भी लगता है और पैसा भी, और यही वो मोड़ है जहां बहुत से छात्र आर्थिक तंगी की वजह से पिछड़ जाते हैं। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए एक योजना बनाई है, नाम है मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना।
योजना है क्या
इस योजना का मकसद साफ है, SC और ST वर्ग के मेधावी छात्र जो बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), पटना या संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली की सिविल सेवा प्रतियोगी परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा पास कर लेते हैं, उन्हें आगे मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना का दायरा सिर्फ राज्य स्तर की परीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी सिविल सेवा परीक्षा UPSC तक भी फैला हुआ है।
कितना पैसा मिलेगा
राशि इस बात पर निर्भर करती है कि छात्र ने कौन सी परीक्षा पास की है।
| परीक्षा | आयोजक संस्था | प्रोत्साहन राशि |
|---|---|---|
| संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (प्रारंभिक) | बिहार लोक सेवा आयोग, पटना | ₹50,000 |
| सिविल सेवा परीक्षा (प्रारंभिक) | संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली | ₹1,00,000 |
देखा जाए तो UPSC प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर सबसे ज्यादा ₹1 लाख की मदद मिलती है, जो BPSC वाली राशि से दोगुना है। ये फर्क शायद इसलिए भी रखा गया है क्योंकि UPSC की तैयारी में आमतौर पर ज्यादा समय, ज्यादा संसाधन और अक्सर दिल्ली जैसे शहर में रहकर पढ़ाई करने का खर्च भी शामिल हो जाता है।
कौन आवेदन कर सकता है
पात्रता की शर्तें इस प्रकार हैं:
-आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए
-आवेदक SC या ST श्रेणी से संबंधित हो
-BPSC पटना या UPSC नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रतियोगी परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा पास की हो
-पहले किसी अन्य स्रोत से इसी तरह का प्रोत्साहन प्राप्त न किया हो
एक जरूरी बात यहां ध्यान देने वाली है, इस योजना का लाभ हर उम्मीदवार को सिर्फ एक बार ही मिलता है। यानी अगर आपने एक बार ये प्रोत्साहन ले लिया, तो दोबारा किसी और परीक्षा में प्रारंभिक पास करने पर भी आपको ये राशि दोबारा नहीं मिलेगी।
कौन आवेदन नहीं कर सकता
जो उम्मीदवार पहले से ही किसी सरकारी विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम या राज्य द्वारा वित्त पोषित संस्थान में कार्यरत हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे। मतलब ये स्कीम उन्हीं छात्रों के लिए है जो अभी तैयारी के दौर में हैं, नौकरी में पहले से नहीं हैं।
किन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- हस्ताक्षर की स्कैन की गई प्रति
- पहचान प्रमाण यानी आधार कार्ड
- प्रवेश पत्र की स्व-सत्यापित प्रति
- परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाण
- निवास का प्रमाण, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी
- अधिवास प्रमाणपत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- बैंक खाते का विवरण या हस्ताक्षरित रद्द किए गए चेक की स्कैन की गई प्रति
- जरूरत के अनुसार कोई अतिरिक्त दस्तावेज
रद्द किए गए चेक की मांग इसलिए की जाती है ताकि बैंक डिटेल्स सही तरीके से वेरिफाई हो सकें और राशि सही खाते में पहुंचे। ये एक ऐसा दस्तावेज़ है जो अक्सर लोग आखिरी वक्त पर ढूंढते हैं, इसलिए पहले से तैयार रखना बेहतर रहता है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
पूरी प्रक्रिया दो हिस्सों में बंटी है, पहले रजिस्ट्रेशन, फिर आवेदन।
रजिस्ट्रेशन के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर योजना चुननी है और अगर पहली बार आवेदन कर रहे हैं तो “नया पंजीकरण” बटन पर क्लिक करना है। इसके बाद दिए गए दिशानिर्देश ध्यान से पढ़कर “जारी रखें” पर क्लिक करना है। फिर व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक योग्यता जैसी जानकारी भरनी है, साथ ही फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करने हैं। तारांकन चिह्न (*) वाले सभी फील्ड सही से भरे हैं या नहीं, ये जमा करने से पहले जांच लेना जरूरी है। सफल सबमिशन पर रजिस्ट्रेशन ID और पासवर्ड मिलता है।
रजिस्ट्रेशन के बाद, “आवेदक लॉगिन करें” बटन पर क्लिक करके यूजर ID, पासवर्ड और वेरिफिकेशन कोड डालकर लॉगिन करना है। लॉगिन होते ही आवेदन फॉर्म भरने का विकल्प मिलेगा। यहां एक जरूरी बात, अंतिम सबमिशन के बाद कोई भी बदलाव संभव नहीं, इसलिए सबमिट करने से पहले हर एंट्री एक बार दोबारा जांच लेनी चाहिए। चाहें तो पहले ड्राफ्ट के रूप में फॉर्म प्रिंट करके देख सकते हैं। फाइनल सबमिट करने के बाद आवेदन ID जनरेट होती है, और सिर्फ अंतिम प्रस्तुति पर ही विचार किया जाता है। अंत में सबमिट किए गए फॉर्म की एक प्रति प्रिंट करके अपने पास रख लेनी चाहिए, आगे किसी भी वेरिफिकेशन में काम आ सकती है।





