बिहार के अल्पसंख्यक छात्रों के लिए प्रोत्साहन योजना, मैट्रिक और इंटर में फर्स्ट डिवीज़न लाने पर मिलेगा नकद इनाम

On: July 31, 2026 8:43 PM

मेहनत करके फर्स्ट डिवीज़न लाना अपने आप में बड़ी बात होती है, लेकिन अगर उसी मेहनत के बदले कुछ आर्थिक मदद भी मिल जाए तो आगे की पढ़ाई थोड़ी आसान हो जाती है। बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इसी सोच के साथ एक योजना चलाई है, नाम है मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना। इसका फायदा उन छात्रों को मिलता है जो मैट्रिक, इंटरमीडिएट, फौक्वानिया या मौलवी परीक्षा में प्रथम श्रेणी के अंकों से पास होते हैं और अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

योजना है क्या

बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड या बिहार मदरसा शिक्षा बोर्ड से प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास करने वाले अल्पसंख्यक छात्रों को यह योजना सीधे नकद प्रोत्साहन देती है। सबसे अच्छी बात ये है कि पैसा सीधे बैंक खाते में DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए भेजा जाता है, न कोई चेक, न कैश। मतलब एक बार आवेदन सही से जमा हो जाए और स्वीकृत हो जाए, तो राशि सीधे खाते में आ जाती है।

किसे कितना पैसा मिलेगा

राशि छात्र की परीक्षा और श्रेणी के हिसाब से अलग अलग तय है।

श्रेणीपरीक्षाराशि
अल्पसंख्यक छात्र (सामान्य)मैट्रिक/फौक्वानिया, प्रथम श्रेणी₹10,000
अल्पसंख्यक (मुस्लिम) छात्राएंइंटरमीडिएट/मौलवी, प्रथम श्रेणी₹15,000
बंगाली भाषी छात्रमैट्रिक, प्रथम श्रेणी₹10,000

यहां एक बात ध्यान देने लायक है, इंटरमीडिएट या मौलवी स्तर पर ₹15,000 की राशि सिर्फ मुस्लिम छात्राओं के लिए तय है, जबकि मैट्रिक और फौक्वानिया स्तर पर ₹10,000 की राशि सभी अल्पसंख्यक छात्रों के लिए है, चाहे वो किसी भी लिंग के हों। इसके अलावा बंगाली भाषी छात्रों के लिए भी अलग से एक श्रेणी रखी गई है, जिसमें मैट्रिक में प्रथम श्रेणी लाने पर ₹10,000 दिए जाते हैं। तीन अलग अलग समूहों के लिए तीन अलग शर्तें रखी गई हैं, इसलिए आवेदन करने से पहले ये देख लेना जरूरी है कि आप किस श्रेणी में आते हैं।

कौन आवेदन कर सकता है

पात्रता की शर्तें इस प्रकार हैं:

  • आवेदक बिहार का निवासी होना चाहिए
  • आवेदक छात्र हो
  • छात्र अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित हो
  • नीचे दी गई शैक्षणिक योग्यताओं में से कोई एक पूरी करता हो

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो तीन अलग रास्ते हैं। पहला, छात्र ने बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड या मदरसा शिक्षा बोर्ड से प्रथम श्रेणी के साथ मैट्रिक या फौक्वानिया परीक्षा पास की हो। दूसरा, कोई मुस्लिम छात्रा हो जिसने इन्हीं बोर्डों से प्रथम श्रेणी के साथ इंटरमीडिएट या मौलवी परीक्षा पास की हो। तीसरा, कोई बंगाली भाषी छात्र हो जिसने बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड से प्रथम श्रेणी के साथ मैट्रिक पास की हो। इनमें से सिर्फ एक शर्त पूरी होनी काफी है, तीनों एक साथ पूरी करने की जरूरत नहीं।

किन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी

  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • अंक प्रमाणपत्र
  • प्रवेश प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, जिसमें बैंक का नाम, खाता संख्या और IFSC कोड साफ दिखे
  • जाति या समुदाय प्रमाण पत्र
  • पते का प्रमाण
  • जरूरत के अनुसार कोई अतिरिक्त दस्तावेज

बैंक पासबुक की फोटोकॉपी में सारी डिटेल साफ दिखनी चाहिए, क्योंकि यही जानकारी DBT के जरिए पैसा भेजने के काम आती है। अगर खाता नंबर या IFSC कोड में कोई गलती हो, तो पैसा अटक सकता है, इसलिए फॉर्म भरते वक्त इसे एक बार दोबारा जांच लेना बेहतर रहता है।

आवेदन कैसे करें

यह योजना ऑनलाइन नहीं, बल्कि पूरी तरह ऑफलाइन तरीके से चलती है। पूरा प्रोसेस जिला स्तर पर होता है।

स्टेप 1 — छात्र को अपने जिला मुख्यालय में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय जाकर आवेदन पत्र लेना होता है।

स्टेप 2 — फॉर्म भरना है, सभी जरूरी दस्तावेज़ संलग्न करने हैं, और सबसे जरूरी बात, इसे अपने स्कूल या संस्थान के प्रधानाध्यापक से सत्यापित करवाना है।

स्टेप 3 — पूरी तरह भरा हुआ और सत्यापित आवेदन पत्र अपने जिले के जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में जमा करना है।

यहां प्रधानाध्यापक से सत्यापन करवाने वाला स्टेप सबसे जरूरी है, इसे छोड़कर सीधे फॉर्म जमा नहीं किया जा सकता। बिना सत्यापन के आवेदन अधूरा माना जाएगा। किसी भी तरह की अतिरिक्त जानकारी के लिए छात्र सीधे अपने जिले के अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं, चूंकि पूरी प्रक्रिया जिला स्तर पर ही होती है, वहीं से सटीक जानकारी मिल पाएगी।

स्रोत:-

• आधिकारिक पोर्टल

• योजना दिशा निर्देश (पेज 9)

• संबंधित अधिसूचना 

FAQs:-

इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
बिहार के अल्पसंख्यक छात्र, जिन्होंने बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड या बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से मैट्रिक/फौक्वानिया या इंटरमीडिएट/मौलवी परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की हो। इसके अलावा, प्रथम श्रेणी से मैट्रिक उत्तीर्ण बंगाली भाषी छात्र भी पात्र हैं।
योजना के लिए शैक्षणिक योग्यता क्या है?
आवेदक ने बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड या बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से मैट्रिक/फौक्वानिया या इंटरमीडिएट/मौलवी परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की हो।
इस योजना के तहत कितनी प्रोत्साहन राशि मिलती है?
मैट्रिक/फौक्वानिया प्रथम श्रेणी पास छात्रों को ₹10,000, इंटरमीडिएट/मौलवी प्रथम श्रेणी पास मुस्लिम छात्राओं को ₹15,000 तथा प्रथम श्रेणी से मैट्रिक पास बंगाली भाषी छात्रों को ₹10,000 की सहायता राशि दी जाती है।
प्रोत्साहन राशि कैसे प्राप्त होगी?
योजना की राशि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
आवेदन पत्र कहां से प्राप्त करें?
आवेदन पत्र अपने जिले के जिला मुख्यालय स्थित जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
भरा हुआ आवेदन पत्र कहां जमा करना होगा?
पूरा भरा हुआ आवेदन पत्र अपने जिले के जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में जमा करना होगा।
क्या इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
नहीं, इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है।
यदि आवेदन पत्र का सत्यापन न हो तो क्या होगा?
प्रधानाध्यापक के सत्यापन के बिना आवेदन अधूरा माना जाएगा। इसलिए आवेदन जमा करने से पहले सत्यापन करवाना आवश्यक है।
अधिक जानकारी या सहायता कहां मिलेगी?
योजना से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए अपने जिले के जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

Vivek

Experience:
Covers the Indian Stock Market, IPOs, Mutual Funds, Corporate Announcements, and Business News.
3+ Years covering Indian Financial Markets.

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