
मैट्रिक पास करने के बाद जब आगे की पढ़ाई का समय आता है, तो खर्चे अचानक से बढ़ जाते हैं। कॉलेज की फीस से लेकर किताबों और हॉस्टल तक, हर चीज़ महंगी लगने लगती है। ऐसे समय में आर्थिक तंगी पढ़ाई में रुकावट न बने, इसके लिए बिहार सरकार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्र छात्राओं के लिए एक बेहतरीन योजना चलाती है। इसका नाम है पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना।
यह योजना असल में क्या है
यह स्कीम खासतौर पर उन बच्चों के लिए बनाई गई है, जो दसवीं या मैट्रिक पास करके इंटर, ग्रेजुएशन या उससे ऊपर की पढ़ाई करना चाहते हैं। इसका सीधा सा मकसद समाज के कमज़ोर तबके के बच्चों की राह आसान करना है। परिवार पर पड़ने वाले पढ़ाई के खर्च का भारी बोझ कम करना ही इस योजना का मुख्य लक्ष्य है, ताकि पैसों की कमी के कारण कोई भी होनहार बच्चा उच्च शिक्षा से पीछे न रह जाए।
कितनी मिलेगी आर्थिक मदद
यहां एक बात एकदम साफ कर दें कि इस योजना में स्कॉलरशिप और मेंटेनेंस भत्ते की कोई एक फिक्स रकम तय नहीं है। यह पैसा भारत सरकार की तरफ से समय समय पर जारी होने वाली गाइडलाइंस के हिसाब से मिलता है। मतलब, आप कौन सा कोर्स कर रहे हैं और किस साल में हैं, उसके आधार पर यह रकम घट या बढ़ सकती है। इसलिए, एकदम सटीक जानकारी के लिए केंद्र सरकार या स्कॉलरशिप पोर्टल का लेटेस्ट नोटिफिकेशन ही सबसे भरोसेमंद माना जाएगा।
कौन कौन कर सकता है आवेदन
इस स्कॉलरशिप का फायदा उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें रखी गई हैं:
- आवेदन करने वाला छात्र बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- छात्र की जाति राज्य सरकार की SC या ST लिस्ट में शामिल होनी चाहिए।
- दसवीं यानी मैट्रिक पास करने के बाद छात्र ने अगली क्लास में एडमिशन ले लिया हो।
- परिवार की सालाना कमाई ₹3,00,000 (तीन लाख) से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
यहां आय प्रमाण पत्र वाली शर्त पर खास ध्यान दें। अगर आपके परिवार की सालाना इनकम तीन लाख रुपये से एक रुपया भी ज्यादा हुई, तो आपका फॉर्म वहीं रिजेक्ट हो जाएगा।
एक जरूरी नियम जो अक्सर लोग मिस कर देते हैं
इस स्कीम में एक बहुत अहम नियम है, जिसे समझना आपके लिए बेहद जरूरी है। अगर कोई छात्र किसी एक लेवल की पढ़ाई पूरी कर चुका है और फिर उसी लेवल के किसी दूसरे कोर्स में दोबारा एडमिशन लेता है, तो उसे यह स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी।
उदाहरण के लिए, अगर आपने साइंस से 12वीं (ISC) कर ली है और फिर से आर्ट्स में 12वीं (IA) करने लगते हैं। या फिर BA करने के बाद दोबारा B.Com में एडमिशन ले लेते हैं। ऐसी स्थिति में आपको स्कॉलरशिप का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार का यह नियम इसलिए है ताकि मदद सिर्फ आगे की पढ़ाई के लिए मिले, एक ही क्लास में दोबारा वक्त बिताने के लिए नहीं।
आवेदन के लिए किन दस्तावेज़ों की जरूरत पड़ेगी
फॉर्म भरते समय आपको इन जरूरी कागज़ातों को तैयार रखना होगा:
- पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड)
- जाति प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- परिवार का आय प्रमाण पत्र
- बैंक अकाउंट की डिटेल्स
- स्कूल या कॉलेज की एडमिशन स्लिप और फीस की रसीद
- बोनाफाइड सर्टिफिकेट या प्रामाणिक प्रमाण पत्र
- पिछली पास की गई परीक्षा की मार्कशीट
- हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज़ फोटो
- जरूरत पड़ने पर कोई अन्य कागज़ात
फॉर्म भरते वक्त एक सबसे बड़ी तकनीकी गलती जो छात्र करते हैं, वह है स्कैनिंग में। ध्यान रखें कि आपके सभी डॉक्यूमेंट्स का साइज 400 KB से कम होना चाहिए और वे ब्लैक एंड व्हाइट में स्कैन होने चाहिए। यह छोटी सी बात नजरअंदाज करने पर पोर्टल फाइल अपलोड नहीं लेता है। इसलिए स्कैन करवाते समय साइबर कैफे वाले को यह बात पहले ही बता दें।
आवेदन कैसे करें
आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन के बजाय पूरी तरह पोर्टल आधारित है। यानी पूरा काम पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल के जरिए होता है, जिसमें रजिस्ट्रेशन और लॉगिन दोनों अलग अलग स्टेप्स हैं।
स्टेप 1 — सबसे पहले आधिकारिक पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल पर जाकर “नए छात्र पंजीकरण” पर क्लिक करें, फिर आधार डिटेल और मोबाइल नंबर वेरीफाई करें।
स्टेप 2 — रजिस्ट्रेशन के बाद, “पहले से पंजीकृत छात्रों के लिए लॉगिन” पर क्लिक करके अपने आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।
स्टेप 3 — लॉगिन होते ही आवेदित स्कॉलरशिप की डिटेल दिखेगी, जहां अपनी पर्सनल जानकारी, मोबाइल वेरिफिकेशन और बैंक खाते की डिटेल्स भरें।
स्टेप 4 — अपने संस्थान, कोर्स और सर्टिफिकेट की जानकारी बिल्कुल सही सही भरें। इसमें हुई एक छोटी सी गलती भी आगे चलकर दिक्कत खड़ी कर सकती है।
स्टेप 5 — सारी जानकारी अच्छे से चेक करने के बाद अपना आवेदन सबमिट कर दें।
भविष्य के लिए सबमिट किए गए एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड करके उसका प्रिंट आउट जरूर निकाल लें। यह प्रिंट कॉपी आगे किसी भी वेरिफिकेशन या स्टेटस चेक करने में बहुत काम आएगी।
कोई दिक्कत आए तो कहां संपर्क करें
अगर फॉर्म भरते समय कोई तकनीकी समस्या आती है, तो आप सीधे हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं। मोबाइल नंबर +919534547098 और +918986294256 पर कॉल करके मदद ली जा सकती है, या फिर postmatricbiharhelp2223@gmail.com पर ईमेल भी भेज सकते हैं। ऑनलाइन पोर्टल पर अक्सर सर्वर या तकनीकी अड़चनें आती रहती हैं, ऐसे में ये हेल्पडेस्क नंबर अपने फोन में सेव करके रखना अच्छा रहेगा।





