यार सच बताऊं, जब स्कोरकार्ड पर नज़र पड़ी तो पहले लगा टाइपो है। 15 साल का लड़का, 19 गेंद, अर्धशतक? फिर वीडियो देखा तो यकीन आया।
गुरुवार को हरारे में भारत ने जिम्बाब्वे को सात विकेट से रौंद दिया। सीरीज में 1-0 आगे। श्रेयस अय्यर के लिए भी ये पहली जीत थी बतौर कप्तान। पर सच कहूं तो इन सब बातों की चर्चा कम हो रही, चर्चा तो बस एक नाम की हो रही है, वैभव सूर्यवंशी।
टॉस भारत ने जीता, बोलिंग चुनी। जिम्बाब्वे 20 ओवर में सात विकेट खोकर सिर्फ 125 तक पहुंच पाई। इतना छोटा टारगेट था कि भारत ने 13.2 ओवर में ही निपटा दिया, तीन विकेट के बदले। कागज़ पर एकतरफा मैच था। मगर मैदान पर जो हुआ उसकी कहानी नंबरों में नहीं आती।
अभिषेक आउट, फिर वैभव आया और सबकुछ बदल गया
126 का पीछा शुरू हुआ। अभिषेक शर्मा एक रन बनाकर चलते बने। बस यहीं से मामला पलटा। वैभव क्रीज पर आए और लगा जैसे बॉलिंग अटैक कोई सीरियस चीज़ ही नहीं। रिचर्ड एनगरावा हों या ब्लेसिंग मुजारबानी, दोनों अनुभवी बॉलर्स को उसने ऐसे खेला जैसे स्कूल मैच चल रहा हो।
19 गेंद। 4 चौके। 4 छक्के। 50 रन। और अर्धशतक तो 18वीं गेंद पर ही बन गया था, अगली गेंद पर आउट हो गया, पर तब तक काम हो चुका था। मैच वहीं खत्म सा हो गया था दिमागी तौर पर।
बाद में ईशान किशन ने 24 बॉल पर 35 जोड़े, श्रेयस खुद 28 रन बनाकर नाबाद रहे। पर आज की बात तो बस वैभव की है, बाकी सब फुटनोट लग रहा है।
अब ये लड़का दुनिया के रिकॉर्ड बुक में
15 साल 118 दिन, इतनी उम्र में उसने वो कर दिया जो अब तक किसी ने नहीं किया, टी20 इंटरनेशनल में सबसे कम उम्र में अर्धशतक। पहले ये रिकॉर्ड जिब्राल्टर के लुई ब्रूस के पास था, 16 साल 56 दिन, माल्टा के खिलाफ।
लिस्ट में देखें तो वैभव नंबर वन, उसके नीचे कविन चड्ढा (इंडोनेशिया, 16 साल 76 दिन), अलुसीन तुरे (सिएरा लियोन, 16 साल 89 दिन), तेनजिन रबगी (भूटान, 16 साल 118 दिन)। पूर्ण सदस्य देशों में देखें तो रहमानुल्लाह गुरबाज़ दूसरे नंबर पर हैं, अफगानिस्तान के लिए 17 साल 296 दिन की उम्र में उन्होंने ये किया था, वो भी 2019 में जिम्बाब्वे के ही खिलाफ, इत्तेफाक देखिए।
और हां, ये वही लड़का है जिसने 15 साल 99 दिन की उम्र में डेब्यू करके सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था। सचिन ने अपना पहला मैच 16 साल 205 दिन की उम्र में खेला था, तुलना ही अजीब लगती है। भारतीय महिलाओं में शेफाली वर्मा सबसे आगे हैं, 15 साल 239 दिन।

एक बात और, इसी हरारे ग्राउंड पर वैभव ने अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में 175 रन ठोके थे इसी साल। अब वहीं जाकर उसने अपना पहला इंटरनेशनल फिफ्टी भी बना डाला। मैदान से जैसे कोई खास रिश्ता बन गया हो।
इंग्लैंड में फ्लॉप, जिम्बाब्वे में सुपरहिट
इंग्लैंड दौरे पर बात नहीं बनी थी। 14, 13, 15, तीन मैच और हर बार निराशा। लोग सवाल उठाने भी लगे थे शायद। पर जिम्बाब्वे आते ही सब बदल गया। ऐसा होता है कभी कभी, फॉर्म अचानक लौट आती है और वो भी धमाके के साथ।
वो इशारा जिसके लिए पूरा इंटरनेट सवाल पूछ रहा था
अर्धशतक पूरा करते ही वैभव ने उंगलियों से ‘A’ का शेप बनाया। वीडियो वायरल हो गया मिनटों में। हर कोई पूछ रहा था, ये किसके लिए था भाई।
मैच के बाद वैभव ने खुद बताया, मां के लिए था। साथ में ये भी कहा कि रिंकू भइया से कुछ बात हुई थी उसका भी कनेक्शन है इससे। उसने कहा कि ये पारी परिवार को, कोचेस को, और हर उस बंदे को समर्पित है जो साथ खड़ा रहा, अच्छे बुरे दोनों वक्त में।
15 साल का लड़का इतनी मैच्योर बात कर रहा था, सुनकर अजीब सा लगा।
मयंक यादव को भी भूलना नहीं चाहिए
एक और स्टोरी जो शायद दब गई इस सबके बीच। मयंक यादव लौटे 21 महीने बाद, और वापसी की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को चलता कर दिया। कैच ईशान के हाथों गया। मैदानी अंपायर ने नॉट आउट दिया था पहले, DRS में पलटा फैसला।
इसी के साथ मयंक तीसरे भारतीय बने जिसने टी20I की पहली गेंद पर विकेट लिया, इससे पहले अर्शदीप (वर्ल्ड कप 2024, अमेरिका के खिलाफ) और हार्दिक पांड्या (एशिया कप 2025, पाकिस्तान के खिलाफ) ये कर चुके थे।
145 प्लस की स्पीड लगातार, चार ओवर, 18 रन, दो विकेट। डियन मायर्स को भी उसी रफ्तार से चलता किया। इतनी लंबी चोट के बाद इतनी तेज़ी, ये अपने आप में बड़ी बात है।
बाकी बॉलर्स ने भी काम किया, बस नाम कम आ रहे
प्रिंस यादव चार ओवर में 19 देकर दो विकेट। शिवम दुबे और रवि बिश्नोई को एक एक विकेट मिला। अशोक शर्मा डेब्यू कर रहा था, शुरू में रन खर्च हुए लेकिन बाद में संभल गया।
जिम्बाब्वे की बैटिंग तो शुरू से ही डगमगा गई थी। 32 रन तक चार विकेट गिर चुके थे, बेनेट जीरो पर, बेन करन 10, डियन मायर्स 6, कप्तान सिकंदर रज़ा सिर्फ 4 पर आउट। बाद में रयान बर्ल ने 26, वेस्ली मधेवेरे ने 38 और तादिवानाशे मारुमानी ने नाबाद 27 बनाए, पर टीम 125 से आगे नहीं बढ़ पाई।
खैर मैच तो जीत लिया भारत ने, सीरीज में भी आगे है। पर जो चीज़ याद रहेगी वो वैभव की उन 19 गेंदों की है, और उसका वो छोटा सा इशारा अपनी मां के लिए।





