Hind Rectifiers 2025: Mukul Agrawal जिस Semiconductor Stock पर लगाए बैठे हैं 42 करोड़, वो FY26 में 30% Growth का दावा कर रहा है

On: June 23, 2026 3:26 PM

क्यारेलवे स्टेशन पर खड़ी वो electric train जो बिना आवाज़ किए सरपट दौड़ती है, उसके अंदर बिजली को control करने वाला device कहाँ से आता है? ज़्यादातर लोग इंजन देखते हैं, डिब्बे देखते हैं, लेकिन जो असली काम करता है वो दिखता नहीं। यही वो जगह है जहाँ Hind Rectifiers जैसी कंपनियाँ काम करती हैं, और शायद इसीलिए Mukul Agrawal जैसे ace investor ने इसमें 42 करोड़ से ज़्यादा लगाए हुए हैं।

कंपनी के management ने FY26 में कम से कम 30% revenue growth का दावा किया है। यह सुनने में बड़ा लगता है, तो चलो देखते हैं कि यह दावा कितना ज़मीनी है।

1958 से चली आ रही है यह कंपनी, नई नहीं है बिल्कुल

Hind Rectifiers Limited की शुरुआत 1958 में हुई थी। यानी जब देश आज़ाद हुए भी मुश्किल से एक दशक हुआ था, तब यह कंपनी काम शुरू कर चुकी थी। यह power semiconductors, power electronic equipment और railways के लिए traction systems बनाती है।

आसान भाषा में कहें तो यह कंपनी ऐसे उपकरण बनाती है जो बिजली के flow को control करते हैं। Converters, inverters, rectifiers और railway transformers इनके मुख्य products हैं। और clients की list देखोगे तो मुँह खुला रह जाएगा। Indian Railways, Indian Oil, Tata, Reliance, NTPC, Adani और ONGC जैसे नाम इनके regular customers हैं।

जब किसी कंपनी के clients में देश के सबसे बड़े नाम हों तो revenue की चिंता थोड़ी कम हो जाती है।


Order Book की कहानी खुद बोलती है

मेरे हिसाब से किसी भी manufacturing या EPC company को judge करने का सबसे सीधा तरीका उसकी order book देखना है। और यहाँ Hind Rectifiers की कहानी बड़ी दिलचस्प है।

FY22 में order book था 368 करोड़ रुपये का। FY25 तक यह बढ़कर 893 करोड़ पर पहुँच गया। और Q1 FY26 में तो यह 1,025 करोड़ रुपये को छू गया। तीन साल में order book लगभग तीन गुना हो गई। यह growth किसी accident से नहीं आती, इसके पीछे real demand है।


FY26 के नतीजे देखो तो दावा झूठा नहीं लगता

Q1 FY26 में revenue रहा 215 करोड़ रुपये जबकि Q1 FY25 में यह 136 करोड़ था। यानी साल दर साल 58% की growth। Net profit 7 करोड़ से बढ़कर 13 करोड़ हो गया जो 85% की उछाल है।

पिछले चार सालों का CAGR देखें तो revenue में 21% और net profit में 65% की growth रही है। ROCE 21.6% और ROE 25.6% है जो healthy माने जाते हैं। अब management 30% growth guidance दे रहा है FY26 के लिए, तो Q1 के 58% growth के बाद यह दावा conservative भी लग सकता है।


Mukul Agrawal ने क्यों लगाए यहाँ पैसे?

यही वो सवाल है जो हर retail investor के मन में आता है। Mukul Agrawal कोई ऐरे गैरे investor नहीं हैं, इनका portfolio track record काफी मज़बूत रहा है। June 2025 तक इनके पास Hind Rectifiers के 1.46% शेयर हैं जिनकी कीमत करीब 42.6 करोड़ रुपये है।

इस तरह के investors कोई भी stock बिना गहरी research के नहीं पकड़ते। Semiconductor और power electronics sector में India की बढ़ती ज़रूरत, railways का electrification, industrial automation, यह सब मिलकर एक बड़ी demand story बनाते हैं। और Hind Rectifiers उस story के बीच में खड़ी है।

मैंने notice किया है कि जब कोई जाना माना investor किसी mid या small cap में बना रहे, हर तिमाही बेचे नहीं, तो वो usually long term story पर भरोसा कर रहा होता है।


Capex का plan और company की सोच

Hind Rectifiers ने FY26 के लिए 50 करोड़ रुपये के capex का plan बनाया है। इसका मुख्य मकसद backward integration को मज़बूत करना है ताकि बाहरी निर्भरता कम हो और margins बेहतर हों। इस रकम का करीब दो तिहाई हिस्सा loan से आएगा और बाकी कंपनी अपने funds से लगाएगी।

Shareholding की बात करें तो promoters के पास 43.98% और public shareholders के पास 49.63% हिस्सेदारी है। Mukul Agrawal का 1.46% इसी public shareholding में शामिल है।


Margins पर थोड़ा रुको, जल्दबाज़ी मत करो

Management ने यह भी साफ कहा है कि mid teen EBITDA margins का target है लेकिन यह improvement धीरे धीरे आएगी। एक तिमाही में नहीं। इसमें patience रखना होगा।

Lucknow में एक छोटे investor को जानता हूँ जो railways से जुड़े stocks में invest करते हैं। उनका कहना है कि इस sector में patience सबसे बड़ा weapon है। जब government spending आती है तो आती है, और फिर रुकती नहीं। Hind Rectifiers को भी शायद इसी नज़रिए से देखना चाहिए।


कौन से risks हैं जो ignore नहीं करने चाहिए?

कोई भी investment एकदम risk free नहीं होती। Hind Rectifiers के case में कुछ बातें हैं जो ध्यान में रखनी चाहिए।

पहली बात यह है कि revenue का बड़ा हिस्सा Indian Railways पर निर्भर है। अगर railways का budget किसी साल tight रहा या orders में देरी हुई तो असर पड़ेगा। दूसरी बात, 50 करोड़ का capex जिसमें दो तिहाई loan है, वो margin पर थोड़ा pressure डाल सकता है short term में। और तीसरी बात, margins अभी उतनी मज़बूत नहीं हैं जितनी हो सकती हैं, improvement आने में वक्त लगेगा।


तो क्या Hind Rectifiers watchlist में रखने लायक है?

अगर तुम infrastructure, semiconductors और railways के growth story में believe करते हो और 2 से 3 साल के लिए invest करने की सोच रहे हो, तो Hind Rectifiers एक interesting option है। Order book भरी है, clients दमदार हैं, Mukul Agrawal जैसा investor बैठा है और management का guidance positive है।

लेकिन सिर्फ किसी बड़े investor का नाम देखकर कभी मत खरीदो। उनकी entry price अलग है, holding period अलग है और risk capacity बिल्कुल अलग है।

अगला quarterly result आने पर देखना कि revenue growth 30% के guidance के साथ कैसी align हो रही है और margin में कोई improvement दिख रही है या नहीं। यही दो चीज़ें बताएँगी कि कंपनी अपने दावों पर खरी उतर रही है।

तुम्हारे पोर्टफोलियो में कोई railway या power sector stock है अभी? और क्या तुम किसी ace investor की holding देखकर stock research शुरू करते हो?

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