भारतीय शेयर बाज़ार में गिरावट, ईरान अमेरिका तनाव ने बिगाड़ा माहौल, Sensex 372 अंक टूटा

On: July 2, 2026 4:46 PM

आज का दिन शेयर बाज़ार के लिए अच्छा नहीं रहा। आज Sensex और Nifty दोनों red zone में बंद हुए, वजह रही Middle East में फिर से भड़का तनाव और crude oil की कीमतों में उछाल। जब भी geopolitical uncertainty बढ़ती है, market का mood तुरंत बदल जाता है, और सोमवार को यही देखने को मिला।

BSE का 30 शेयरों वाला Sensex 372.10 अंक यानी 0.48% गिरकर 76,728.37 पर बंद हुआ। दिन के दौरान तो हालत और खराब थी, एक समय पर index 478.72 अंक तक टूटकर 76,621.75 तक पहुंच गया था। NSE का Nifty भी 109.75 अंक यानी 0.46% फिसलकर 23,946.25 पर सेटल हुआ, और इसके साथ ही index मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 24,000 के स्तर से नीचे बंद हो गया।

किन वजहों से आई यह गिरावट

पिछले हफ्ते US और Iran के बीच जो interim ceasefire बना था, वीकेंड पर उसमें दरार आ गई। Iran ने Kuwait और Bahrain में मौजूद US military bases पर missile और drone attacks किए, जिसके जवाब में अमेरिका ने फिर से strikes शुरू कर दीं। इससे Strait of Hormuz के रास्ते तेल सप्लाई को लेकर चिंता फिर बढ़ गई, जिसका सीधा असर crude oil prices पर दिखा।

Brent crude करीब 0.8% चढ़कर 72.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, वहीं US का WTI crude 1.3% बढ़कर 70.11 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। ध्यान देने वाली बात यह है कि इससे पहले वाले हफ्ते Brent crude में करीब 10.6% की तेज़ गिरावट आई थी, यह लगातार तीसरा हफ्ता था जब तेल की कीमतें गिरी थीं। मतलब बाज़ार को उम्मीद थी कि तनाव कम हो रहा है, लेकिन weekend की घटनाओं ने उस उम्मीद को झटका दे दिया।

किन शेयरों पर पड़ी सबसे ज़्यादा मार

Nifty50 में सबसे ज़्यादा नुकसान Mahindra & Mahindra, Adani Enterprises और Tata Motors Passenger Vehicles को उठाना पड़ा। इसके अलावा Maruti, InterGlobe Aviation, UltraTech Cement और Larsen & Toubro भी लाल निशान में रहे। सेक्टर के हिसाब से देखें तो Auto, IT और PSU Bank स्टॉक्स पर सबसे ज़्यादा दबाव दिखा।

हालांकि हर सेक्टर में गिरावट नहीं थी। Nifty Pharma index ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, इसके अलावा Metal और Healthcare sectors भी बाकियों से बेहतर रहे। Broader market में भी कमजोरी दिखी, Nifty Midcap index 0.37% और Smallcap index 0.62% गिरकर बंद हुए।

Indexबंद स्तरबदलाव
Sensex76,728.37-372.10 (-0.48%)
Nifty5023,946.25-109.75 (-0.46%)
Nifty Midcap-0.37%
Nifty Smallcap-0.62%
Brent Crude$72.57/barrel+0.8%
WTI Crude$70.11/barrel+1.3%

Technical नज़रिए से क्या कहते हैं charts

मार्केट experts के मुताबिक Nifty इस समय 23,800 से 24,300 के दायरे में consolidate कर रहा है, जो इसके 2-month और 6-month EMA के बीच का zone है। अगर index 24,250 के ऊपर decisively बंद होता है तो यह 24,600 तक जा सकता है। दूसरी तरफ अगर यह लगातार 23,800 के नीचे टिकता है, तो 23,600 से 23,500 के स्तर तक फिसल सकता है।

एक बात मैंने notice की है, जब भी ऐसी geopolitical events आती हैं, market कुछ दिनों तक बहुत volatile रहता है, फिर धीरे धीरे normal हो जाता है। यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ। अगले ही दिन यानी 30 जून को market ने कुछ हिस्सा recover किया, और 1 जुलाई को जब Iran की तरफ से बातचीत के संकेत मिले तो Sensex और Nifty दोनों अच्छी बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे।

एक आम investor के लिए इसका मतलब

मान लो कोई Pune का retail investor है जिसने हाल ही में auto या IT sector के शेयर खरीदे हैं। ऐसी खबरें आने पर पोर्टफोलियो एक दिन में ही 1-2% नीचे दिख सकता है, और यह देखकर घबराहट होना स्वाभाविक है। लेकिन क्या हर ऐसी गिरावट पर घबराकर बेच देना सही रणनीति है?

मेरे हिसाब से इस तरह की geopolitical news की वजह से आई गिरावट अक्सर temporary होती है, जब तक कि कंपनी के fundamentals में कोई बदलाव न हो। फिर भी, यह ज़रूरी है कि कोई भी investor सिर्फ एक दिन की movement देखकर फैसला न ले, बल्कि oil prices की trend, US-Iran के बीच बातचीत की प्रगति और अपने portfolio में sector allocation पर नज़र बनाए रखे। अगली बार जब बाज़ार में ऐसी गिरावट दिखे, पहले यह चेक कीजिए कि गिरावट पूरे बाज़ार में है या सिर्फ किसी खास sector में, इससे सही तस्वीर समझने में मदद मिलती है।

Vivek

Experience:
Covers the Indian Stock Market, IPOs, Mutual Funds, Corporate Announcements, and Business News.
3+ Years covering Indian Financial Markets.

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